Brain Games and Activities for Kids: ये सच है कि, छोटे बच्चों के लिए कोई भी खेल कुछ सीखने का तरीका होता है. ये ब्रेन गेम्स सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सीखने का मज़ेदार तरीका हैं. इस उम्र में अगर सही ब्रेन गेम्स और एक्टिविटीज़ कराई जाएं, तो बच्चे की मेमोरी, फोकस, मोटर स्किल्स और सीखने की क्षमता बेहतर हो सकती है. तो आइए जानते हैं कुछ ब्रेन गेम्स के बारे में-
Brain Games and Activities for Kids: हर माता-पिता की चाहत होती है कि उसका बच्चा हेल्दी और इंटेलीजेंट हो. इसके लिए बच्चे को वो सभी सुख-सुविधाएं देता है, जो उसके लिए जरूरी होती हैं. दरअसल छोटे बच्चों की यह उम्र बहुत सेंसटिव होती है. इस वक्त न उनको बोलकर कुछ समझा सकते और न डांट कर. हां, खेल-खेल में उसको कुछ जरूर सिखा सकते हैं. ये सच है कि, छोटे बच्चों के लिए कोई भी खेल कुछ सीखने का तरीका होता है. ये ब्रेन गेम्स सिर्फ खेल नहीं, बल्कि सीखने का मज़ेदार तरीका हैं. दरअसल, छोटे बच्चों के दिमाग का विकास तेजी से होता है. इस उम्र में अगर सही ब्रेन गेम्स और एक्टिविटीज़ कराई जाएं, तो बच्चे की मेमोरी, फोकस, मोटर स्किल्स और सीखने की क्षमता बेहतर हो सकती है. तो आइए जानते हैं छोटे बच्चों के लिए कुछ असरदार ब्रेन गेम्स और उससे होने वाले फायदों के बारे में-
रेखाओं पर चलाना (Tracing): पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने छोटे बच्चों को डॉटेड लाइन्स, अक्षर या शेप्स पर पेंसिल या उंगली से चलवाएं. ऐसा करने से बच्चे के हाथ-आंख का तालमेल बेहतर होगा. साथ ही, लिखने की तैयारी होगी और बच्चे का फोकस भी तेजी से बढ़ेगा.
चीजों का एक से दूसरी जगह रखना (Transferring): छोटे बच्चों से किसी भी चीज को एक से दूसरी रखवाना भी उनकी मेमोरी बढ़ाने का स्मार्ट तरीका है. इसके लिए आप चम्मच से दाल, बीन्स या बॉल्स एक कटोरी से दूसरी में डलवाएं. ऐसा करने से फाइन मोटर स्किल्स मजबूत होगी. इसके साथ ही, धैर्य, सतर्कता और एकाग्रता बढ़ेगी.
कप में पानी डालना (Pouring): बच्चे से अपनी निगरानी में एक कप से दूसरे कप में पानी या अनाज डालने को कहें. इससे भी उनकी मेमोरी को बढ़ावा मिलेगा. ऐसा करने से हाथों पर कंट्रोल बढ़ता है और बच्चों को कॉन्सेप्ट ऑफ क्वांटिटी समझ में भी आता है.
छीलना और खींचना (Peel and Pull): पैरेंट्स अपने बच्चे से स्टिकर हटाना, टेप खींचना या केले का छिलका उतारने जैसी एक्टिविटी भी करा सकते हैं. ऐसा करने से उंगलियों की ताकत बढ़ेगी और
आत्मनिर्भरता भी आएगी.
गोला बनाना (Rolling): बच्चों की मेमोरी बढ़ाने का एक और स्मार्ट तरीका है. वो है बच्चे से आटे या फिर क्ले से बॉल बनवाएं. ऐसा कराने से बच्चे के हाथों की मसल्स मजबूत होती हैं. साथ ही, क्रिएटिविटी में भी बढ़ोतरी संभव है.
Color Matching (रंग मिलाना): बच्चों से रंग मिलवाना भी एक अच्छी प्रैक्टिस है. इसके लिए यह एक जैसे रंग की चीज़ों को मिलाने का खेल कर सकते हैं. इसके लिए आप अलग अलग तरह की बॉल या चीजें रख सकते हैं. ऐसा करने से रंगों की पहचान होगी. साथ ही, याददाश्त और सोचने की शक्ति भी बढ़ेगी.
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