New Cancer Medical: FDA ने 26 अगस्त 2026 को Rasonque (दाराक्सॉन्रासिब) को मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा के कुछ वयस्क मरीजों के इलाज के लिए मंजूरी दी. 500 मरीजों के ट्रायल में मीडियन ओवरऑल सर्वाइवल 13.2 महीने रहा, जबकि मानक कीमोथेरेपी में 6.7 महीने था. दवा दिन में एक बार लेने वाली RAS-टारगेटेड टैबलेट है.
पैंक्रियाटिक कैंसर के खिलाफ नई जंग
New Cancer Medical: पैंक्रियाटिक यानी अग्न्याशय के कैंसर को सबसे चुनौतीपूर्ण कैंसरों में गिना जाता है. इसकी पहचान अक्सर बीमारी के आगे बढ़ जाने के बाद होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है. ऐसे मरीजों के लिए अमेरिका की खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने Rasonque (दाराक्सॉन्रासिब) नाम की नई लक्षित दवा को मंजूरी दी है. यह दवा विशेष रूप से मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा वाले वयस्क मरीजों के लिए स्वीकृत की गई है, जिन्हें कम से कम एक पहले का सिस्टमेटिक इलाज मिल चुका है या जो बहु-दवा वाली सिस्टमेटिक थेरेपी के लिए उपयुक्त नहीं हैं.
Rasonque एक ऐसी गोली है जिसे दिन में एक बार लिया जाता है. FDA के अनुसार यह RAS नाम के प्रोटीन को निशाना बनाती है, जो पैंक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा समेत कई कैंसरों में ट्यूमर की वृद्धि का अहम चालक होता है. इस वजह से इसे पारंपरिक इलाज से अलग एक लक्षित उपचार विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.
दवा की प्रभावशीलता का आकलन 500 वयस्क मरीजों पर किए गए एक रैंडमाइज्ड, ओपन-लेबल, मल्टीसेंटर क्लिनिकल ट्रायल में किया गया. इन मरीजों में पहले से इलाज हो चुका मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक कैंसर था और बीमारी आगे बढ़ गई थी. FDA के मुताबिक, Rasonque लेने वाले मरीजों में मीडियन ओवरऑल सर्वाइवल 13.2 महीने रहा, जबकि मानक कीमोथेरेपी लेने वाले समूह में यह 6.7 महीने था. यानी ट्रायल में औसत जीवित रहने का समय लगभग दोगुना रहा.
सिर्फ कुल सर्वाइवल ही नहीं, बल्कि बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने के मामले में भी दवा के बेहतर नतीजे सामने आए. FDA के अनुसार Rasonque समूह में मीडियन प्रोग्रेशन-फ्री सर्वाइवल 7.2 महीने था, जबकि मानक इलाज वाले समूह में यह 3.6 महीने रहा. इसके अलावा दवा लेने वाले मरीजों में ऑब्जेक्टिव रिस्पॉन्स रेट 30 प्रतिशत रहा, जबकि मानक कीमोथेरेपी समूह में यह 11 प्रतिशत था.
RAS प्रोटीन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि और जीवित रहने से जुड़े संकेतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पैंक्रियाटिक कैंसर के बड़े हिस्से में RAS से जुड़े बदलाव पाए जाते हैं. Rasonque को इसी जैविक रास्ते को निशाना बनाकर काम करने के लिए विकसित किया गया है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की बढ़त को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है.
FDA की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि पैंक्रियाटिक कैंसर का हर मरीज Rasonque ले सकता है. यह मंजूरी खास तौर पर मेटास्टैटिक पैंक्रियाटिक एडेनोकार्सिनोमा वाले वयस्कों के लिए है, जिनका कम से कम एक पहले का सिस्टमेटिक उपचार हो चुका है या जो बहु-दवा वाली सिस्टमेटिक थेरेपी के लिए उम्मीदवार नहीं हैं. इसलिए डॉक्टर मरीज की बीमारी की स्थिति, पहले हुए इलाज और उसकी पूरी मेडिकल प्रोफाइल को देखकर ही फैसला करेंगे.
नई दवा को पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जा सकता. FDA ने इसके साथ रैश, डायरिया, मुंह में सूजन या घाव, मतली, थकान, उल्टी, पेट दर्द, सूजन, भूख कम लगना और रक्तस्राव जैसे आम दुष्प्रभाव बताए हैं. प्रिस्क्राइबिंग जानकारी में त्वचा और मुलायम ऊतक संबंधी विषाक्तता, आंत में छेद होने, फेफड़ों से जुड़े कुछ गंभीर जोखिम और भ्रूण पर संभावित नुकसान को लेकर भी चेतावनियां दी गई हैं. Rasonque को मंजूरी पैंक्रियाटिक कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण नई उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, खासकर उन मरीजों के लिए जिनका कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका है और जिनके पास सीमित उपचार विकल्प बचे हैं. हालांकि, यह दवा कैंसर का पूर्ण इलाज होने का दावा नहीं करती. ट्रायल में इसका लाभ मरीजों की जीवित रहने की अवधि और बीमारी के बढ़ने में देरी के रूप में देखा गया है.
Smriti mandhana appointed india womens cricket team full time white ball captain harmanpreet kaur bcciSmriti…
Delhi NCR Earthquake: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026…
US House of Representatives: फ्लाईदुबई की उड़ान में कॉकपिट हमले के दौरान यात्रियों की जान…
Ketu Transit 2026: केतु ने 3 अक्टूबर को मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश…
Punjab Government CBI investigation: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के…
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: तीस साल पहले रिटायर होने वाले एक सरकारी कर्मचारी को अपने…