Giloy for Diabetes: डॉक्टर आमतौर पर डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की सलाह देते हैं. वहीं आयुर्वेद में भी कई जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती हैं. इनमें से एक प्रमुख औषधीय पौधा ‘गिलोय’ है, जिसे आयुर्वेद में काफी महत्वपूर्ण माना गया है.
गिलोय एक बेल के रूप में उगने वाला पौधा है जो भारत, म्यांमार और श्रीलंका जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है. आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे ‘मधुनाशिनी’ कहा गया है, जिसका अर्थ होता है शुगर को कम करने वाला. माना जाता है कि गिलोय में कई ऐसे गुण होते हैं जो डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं.
डायबिटीज में कैसे मदद करता है गिलोय
- गिलोय शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है.
- यह शरीर में मौजूद अतिरिक्त ग्लूकोज को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है.
- इसमें हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाए जाते हैं, जो रक्त में शुगर के स्तर को कम करने में सहायक हो सकते हैं.
- कुछ अध्ययनों के अनुसार गिलोय में एंटी-डायबिटिक गतिविधि भी देखी गई है.
- यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है, जो डायबिटीज के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
इसके अलावा गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-एलर्जिक, एंटी-मलेरियल और एंटी-आर्थराइटिक जैसे कई गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह की समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं.
डायबिटीज में गिलोय का उपयोग कैसे करें
डायबिटीज के मरीज अक्सर गिलोय के ताजे जूस का सेवन करते हैं. इसके लिए गिलोय की डंठल और पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पीस लिया जाता है. इसमें थोड़ा पानी मिलाकर जूस तैयार किया जाता है और फिर इसे छान लिया जाता है. स्वाद के लिए इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है.इस जूस को सुबह खाली पेट पीना लाभकारी माना जाता है. हालांकि किसी भी हर्बल उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है, खासकर यदि आप पहले से डायबिटीज की दवाएं ले रहे हों.