जोखिम कारक
किसान, मजदूर और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, क्योंकि वे खेतों या जंगलों में रहते हैं। मानसून के दौरान खतरा बढ़ जाता है, जब सांप घरों में घुस आते हैं. लक्षणों में सूजन, दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं, जो जल्दी इलाज न मिलने पर घातक हो सकते हैं.
बचाव और उपचार
जूते पहनें, लाठी से रास्ता टटोलें और रात में टॉर्च का उपयोग करें. काटने पर घाव को स्थिर रखें, चूसने या बांधने से बचें. तुरंत अस्पताल जाएं जहां एंटी-वेनम उपलब्ध हो. कर्नाटक के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित 2-मिनट का टेस्ट किट जैसे नवाचार निदान को तेज कर रहे हैं. समय रहते इलाज से 90% मामलों में प्रभावित व्यक्ति को बचाया जा सकता है.