गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने पैरों के बारे में बात करते हुए कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के पैरों की मसल्स कमजोर हो जाते हैं, इससे गिरने फ्रैक्चर होने और मृत्यु होने का जोखिम बढ़ जाता है.
Legs Strength
Leg Strength: लंबी जिंदगी के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल, अच्छा खाने की आदतें, फिजिकल एक्टिविटी, सोशल गेदरिंग और हमेशा खुश रहने वाली कई चीजें हैं. ये चीजें बीते कुछ दशक से ब्लू जोन के लोगों से सामने आई हैं. एम्स, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ट्रेंड डॉक्टर और कैलिफोर्निया में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि कैसे इंसान की लंबी उम्र का अंदाजा उसके पैरों से लगाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि आपकी लंबी उम्र आपके पैरों से कैसे डिसाइड होती है?
डॉ. सेठी ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के पैरों की ताकत में कमी आने लगती है. इसके कारण उनके गिरने, चलने-फिरने की क्षमता में दिक्कत, फ्रैक्चर होने का खतरा और उनके मरने का खतरा भी बढ़ जाता है. पैर कमजोर होने के कारण गिरने से बुजुर्गों में कूल्हे की हड्डी टूटने से 20-30 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है. उन्होंने बताया कि पैर में शरीर के कुल मसल्स का आधे से ज्यादा हिस्सा होता है और ये शरीर का सबसे बड़ा ‘मेटाबॉलिक इंजन’ है. उन्होंने कहा कि अगर लोगों के मसल्स अच्छे हैं, तो वो आपके ग्लूकोज का अच्छे से इस्तेमाल करने में मदद करता है.आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और बेहतर बैलेंस को स्टेबिलिटी देते हैं.
उन्होंने बताया कि स्कैलेटन मसल्स ही भोजन के बाद खून में मौजूद ग्लूकोज को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है. अगर आपको पैर कमजोर होंगे, तो ग्लूकोज का नियंत्रण सही से नहीं हो पाता. इससे इमंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है और फिर शरीर में विसरल फैट जमा होने लगता है. यही कारण है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से फैटी लिवर की समस्या से राहत मिलती है. डायबिटीज में राहत मिलती है. पेट फूलने या पीसीओएस जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं.
उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि अधिक मसल्स इंसुलिन संवेदिनशीलता को बढ़ाती हैं. ट्राइग्लिसराइड्स को कम करती हैं. लिवर में फैट जमने से रोकती हैं और पुरानी सूजन को शांत करने में मदद मिलती है. मजबूत पैरों का संबंध मजबूत दिमाग से होता है क्योंकि पैरों के मसल्स की मजबूत से मेमोरी बेहतर हो सकती है. इससे डिमेंशिया का जोखिम कम होता है.
डॉ. सेठी ने बताया कि आखिर पैरों की कमजोरी के बारे में कैसे बताएं? उन्होंने इसका पता लगाने के लिए बेसिक तरीके बताए. इससे आप आसानी से पता कर सकते हैं कि आपके पैर कमजोर हैं या नहीं? उन्होंने बताया कि जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं और उतर नहीं पाते हैं, तो आपके पैर कमजोर हैं. इसके अलावा फर्श से ऊपर उठने में आपको समस्या हो रही है या फिर ज्यादा पैदल चलने पर थकान महसूस होती है.
पैरों को मजबूत करने के लिए कौन सी करें एक्सरसाइज
डॉ. सेठी ने कुछ बेसिक एक्सरसाइज बताईं, जिससे कोई भी अपने पैरों को मजबूत कर सकता है. आपको अपने पैरों के लिए स्क्वॉट एक्सरसाइज करनी चाहिए. इसके अलावा लंजेस स्टेप अप्स करनी चाहिए. आपको सीढ़ियां चढ़नी-उतरनी चाहिए. आप रेजिस्टेंस बेंड ट्रेनिंग कर सकते हैं. इसके अलावा आप बॉडीवेट वर्कआउट कर सकते हैं.
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