Monsoon Diet: मानसून अपने साथ ठंडी फुहारें और सुहाना मौसम जरूर लाता है, लेकिन यही मौसम सर्दी, जुकाम, वायरल संक्रमण और गले की खराश जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देता है. अगर बारिश के दिनों में आप बार-बार बीमार पड़ रहे हैं, तो इसकी एक वजह कमजोर इम्यूनिटी भी हो सकती है. ऐसे में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय अपनी डाइट पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है. पोषक तत्वों से भरपूर कुछ सुपरफूड्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं और मौसमी संक्रमण से बचाव में सहायक हो सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, बारिश के मौसम में इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए क्या खाएं? इस बारे में बता रही हैं डाइट फॉर डिलाइट क्लीनिक नोएडा की डाइटिशियन खुशबू शर्मा-
बरसात में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खाएं ये चीजें
1. आंवला: आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाव में भी सहायक होता है. इसे कच्चा, जूस या मुरब्बे के रूप में खाया जा सकता है.
2. हल्दी: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. हल्दी वाला दूध या भोजन में नियमित रूप से हल्दी का संतुलित उपयोग शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग दे सकता है.
3. अदरक: अदरक का सेवन गले की खराश और सर्दी-जुकाम के दौरान राहत पहुंचाने में मददगार माना जाता है. अदरक की चाय या गर्म पानी में अदरक मिलाकर पीना मानसून में लाभदायक हो सकता है.
4. लहसुन: लहसुन में एलिसिन (Allicin) जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जिनका संबंध प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग देने से जोड़ा जाता है. नियमित और संतुलित मात्रा में लहसुन का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है.
5. दही और प्रोबायोटिक फूड्स: अगर मौसम और आपकी स्वास्थ्य स्थिति अनुकूल हो, तो दही और अन्य प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. स्वस्थ आंत का संबंध बेहतर इम्यून फंक्शन से भी माना जाता है.
डाइट ही नहीं, ये आदतें भी अपनाएं
- पर्याप्त नींद लें.
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं.
- हल्का व्यायाम या योग करें.
- हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें.
- ताजे और घर के बने भोजन को प्राथमिकता दें.
डॉक्टर से कब मिलें?
यदि सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या लगातार कई दिनों तक लक्षण बने रहें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें.