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Home > देश > ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने के मामले में फंसीं सोनिया गांधी; शिकायत दर्ज, BJP नेताओं ने की ‘बिना शर्त माफी मांगने’ की मांग

‘वंदे मातरम’ का अपमान करने के मामले में फंसीं सोनिया गांधी; शिकायत दर्ज, BJP नेताओं ने की ‘बिना शर्त माफी मांगने’ की मांग

शनिवार (15 अगस्त, 2026) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम के पूरे छह श्लोकों के गायन ने विवाद को जन्म दिया, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को गीत के दौरान इशारे करते हुए देखा गया. बीजेपी के नेताओं ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की है.

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Last Updated: August 16, 2026 18:09:33 IST

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आज़ादी के दिन कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और इस विवाद के केंद्र में हैं ‘सोनिया गांधी’. वंदे मातरम पाठ विवाद के बाद भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. 

दरअसल शनिवार (15 अगस्त, 2026) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम के पूरे छह श्लोकों के गायन ने विवाद को जन्म दिया, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को गीत के दौरान इशारे करते हुए देखा गया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की थी, जबकि कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया.

क्या है पूरा मामला

इंदिरा भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समारोह के दौरान, जब राष्ट्रगान गाया जा रहा था, तब श्रीमती गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे की ओर इशारा करती नजर आईं। इसके बाद सेवा दल के एक स्वयंसेवक ने सीपीपी अध्यक्ष से संपर्क किया और उनसे बात की. इसके बाद, प्रियंका गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सेवा दल प्रमुख बीवी श्रीनिवास और उनके पूर्ववर्ती लालजी देसाई के साथ एक जीवंत चर्चा करते देखा गया. जिसके बाद ये मामला ‘वंदे मातरम’ के अपमान के रूप में देखा जाने लगा. 

भाजपा नेताओं ने जताई आपत्ति 

बीजेपी के कई नेताओं ने सोनिया गांधी के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “आज स्वतंत्रता दिवस पर, जब लाखों भारतीयों की भावनाओं के अनुरूप वंदे मातरम का पूर्णतया गायन हुआ, उसी समय कांग्रेस के सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी, सुपर अध्यक्ष राहुल गांधी और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे का कांग्रेस कार्यालय में एक-दूसरे से बातचीत करना और अनादर प्रदर्शित करना बेहद विचित्र, विडंबनापूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है.” 

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “हम कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इस आचरण की निंदा करते हैं और कांग्रेस पार्टी से इसके लिए देश से माफी मांगने की उम्मीद करते हैं.” उन्होंने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया.

कांग्रेस ने किया बचाव 

पार्टी का बचाव करते हुए कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी श्री खर्गे के लिए कुर्सी की मांग कर रही थीं. रमेश ने दावा किया, “कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया जी उनके लिए कुर्सी मांग रही थीं. लेकिन आज इंदिरा भवन में वंदे मातरम का पूरा पाठ हुआ. इस पर विवाद का कोई सवाल ही नहीं उठता.” 

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशजों ने भी जताई नाराजगी 

इस मशहूर गीत को लिखने वाले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशजों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है और सोनिया गांधी से माफ़ी की मांग की है; साथ ही, बीजेपी विधायक सुमित्रो बनर्जी ने इस विवाद को लेकर कांग्रेस नेता को पत्र भी लिखा है, कि सोनिया गांधी को मांफी मांगनी चाहिए.

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आज़ादी के दिन कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है और इस विवाद के केंद्र में हैं ‘सोनिया गांधी’. वंदे मातरम पाठ विवाद के बाद भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. 

दरअसल शनिवार (15 अगस्त, 2026) को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम के पूरे छह श्लोकों के गायन ने विवाद को जन्म दिया, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को गीत के दौरान इशारे करते हुए देखा गया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की थी, जबकि कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया.

क्या है पूरा मामला

इंदिरा भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समारोह के दौरान, जब राष्ट्रगान गाया जा रहा था, तब श्रीमती गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे की ओर इशारा करती नजर आईं। इसके बाद सेवा दल के एक स्वयंसेवक ने सीपीपी अध्यक्ष से संपर्क किया और उनसे बात की. इसके बाद, प्रियंका गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सेवा दल प्रमुख बीवी श्रीनिवास और उनके पूर्ववर्ती लालजी देसाई के साथ एक जीवंत चर्चा करते देखा गया. जिसके बाद ये मामला ‘वंदे मातरम’ के अपमान के रूप में देखा जाने लगा. 

भाजपा नेताओं ने जताई आपत्ति 

बीजेपी के कई नेताओं ने सोनिया गांधी के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “आज स्वतंत्रता दिवस पर, जब लाखों भारतीयों की भावनाओं के अनुरूप वंदे मातरम का पूर्णतया गायन हुआ, उसी समय कांग्रेस के सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी, सुपर अध्यक्ष राहुल गांधी और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे का कांग्रेस कार्यालय में एक-दूसरे से बातचीत करना और अनादर प्रदर्शित करना बेहद विचित्र, विडंबनापूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है.” 

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “हम कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इस आचरण की निंदा करते हैं और कांग्रेस पार्टी से इसके लिए देश से माफी मांगने की उम्मीद करते हैं.” उन्होंने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया.

कांग्रेस ने किया बचाव 

पार्टी का बचाव करते हुए कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी श्री खर्गे के लिए कुर्सी की मांग कर रही थीं. रमेश ने दावा किया, “कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया जी उनके लिए कुर्सी मांग रही थीं. लेकिन आज इंदिरा भवन में वंदे मातरम का पूरा पाठ हुआ. इस पर विवाद का कोई सवाल ही नहीं उठता.” 

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशजों ने भी जताई नाराजगी 

इस मशहूर गीत को लिखने वाले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशजों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है और सोनिया गांधी से माफ़ी की मांग की है; साथ ही, बीजेपी विधायक सुमित्रो बनर्जी ने इस विवाद को लेकर कांग्रेस नेता को पत्र भी लिखा है, कि सोनिया गांधी को मांफी मांगनी चाहिए.

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