Sweet Potato vs Potato For Weight loss: वजन घटाने की बात आते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है, क्या खाएं और क्या नहीं? खासकर जब बात कार्बोहाइड्रेट की हो, तो लोग सबसे पहले आलू से दूरी बना लेते हैं और शकरकंदी को 'हेल्दी' मानकर अपनाने लगते हैं. लेकिन, क्या सच में ऐसा है? आइए जान लेते हैं सच्चाई-
जानिए, वजन घटाने के लिए दोनों बेस्ट क्या है? (AI)
Sweet Potato vs Potato For Weight loss: वजन घटाने की बात आते ही सबसे बड़ा सवाल यही होता है, क्या खाएं और क्या नहीं? खासकर जब बात कार्बोहाइड्रेट की हो, तो लोग सबसे पहले आलू से दूरी बना लेते हैं और शकरकंदी को ‘हेल्दी’ मानकर अपनाने लगते हैं. लेकिन, क्या सच में ऐसा है? दरअसल, शकरकंदी में फाइबर ज्यादा होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे यह धीरे-धीरे पचती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है. यही वजह है कि वजन कम करने वालों के लिए इसे बेहतर विकल्प माना जाता है. वहीं, आलू को अक्सर अनहेल्दी समझ लिया जाता है, जबकि सच्चाई थोड़ी अलग है. ऐसे में, रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल होने वाले आलू और शकरकंदी में से कौन सा वजन कम करने के लिए अच्छा है? आइए जान लेते हैं सच्चाई-
नोएडा की डाइटिशियन खुशबू शर्मा के मुताबिक, अगर सही तरीका और सही मात्रा चुनी जाए, तो दोनों को बैलेंस्ड डाइट में शामिल किया जा सकता है. ये दोनों ही नेचुरल हैं, सस्ते मिलते हैं और कई तरह से पकाकर खाए जा सकते हैं. लेकिन इनका न्यूट्रिशन, पाचन और ब्लड शुगर पर असर अलग-अलग होता है.
कैलोरी की बात करें तो, शकरकंदी और आलू में लगभग बराबर कैलोरी होती है. फिर भी, शकरकंदी में थोड़ी कम कैलोरी होती है, जो वजन कम करने वालों के लिए फायदेमंद हो सकती है. फाइबर वजन कम करने में बहुत जरूरी है. शकरकंदी में आलू से ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है, बार-बार भूख नहीं लगती और पाचन भी अच्छा रहता है. इसी वजह से डाइट करने वालों के लिए शकरकंदी को बेहतर माना जाता है.
आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर जल्दी बढ़ता है और जल्दी भूख लग सकती है. वहीं, शकरकंदी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम या मीडियम होता है, जिससे एनर्जी धीरे-धीरे मिलती है और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. दोनों ही पेट भरने वाले होते हैं, लेकिन शकरकंदी में ज्यादा फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स होते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहता है और बार-बार स्नैक्स खाने की आदत कम हो सकती है.
शकरकंदी में बीटा कैरोटीन और कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं, आलू पोटैशियम और विटामिन सी का अच्छा सोर्स है. फिर भी, ओवरऑल न्यूट्रिशन के हिसाब से शकरकंदी थोड़ी आगे है. आलू जल्दी पच जाता है, जिससे कुछ घंटों में फिर से भूख लग सकती है. लेकिन शकरकंदी धीरे-धीरे पचती है, जिससे दिनभर एनर्जी मिलती है और भूख कंट्रोल में रहती है.
आलू या शकरकंदी में से कुछ भी खाएं, अगर उसे तला जाए तो वजन कम करने के फायदे कम हो जाते हैं, क्योंकि उसमें ज्यादा तेल और कैलोरी आ जाती है. इसकी जगह कम तेल में उबालना, भूनना या एयर फ्राई करना बेहतर है. इसलिए, कैसे पकाकर खाते हैं, उसी में फायदा छुपा है. अगर वजन कम करना है, तो ज्यादा फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स की वजह से शकरकंदी थोड़ा बेहतर है. फिर भी, आलू को भी सही मात्रा और हेल्दी तरीके से खाया जाए तो वह भी वजन कम करने में मदद कर सकता है. आखिर में, क्या खाते हैं से ज्यादा जरूरी है कि कितना और कैसे खाते हैं, इसी से वजन कम करने का असली राज छुपा है.
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