Reuse Cooking Oil Side Effects: अगर आप भी बचे हुए ऑइल को यूज करते हैं या फिर सड़क किनारे ठेले पर जाकर जंक फूड बगैरह खाते हैं तो सावधान हो जाइए. यह आपकी सेहत के लिए बहुत खतरनाक है. यहां जानिए आप किन-किन परेशानियों से जूझ सकते हैं.
Reuse Cooking Oil Side Effects
Reuse Cooking Oil Side Effects: हम भारतीय खाने के बहुत शौकीन होते हैं. इसलिए तो खाने में यूज होने वाला तेल भी हम बहुत सोच समझकर यूज करते हैं. इंडियन किचन में ऑइल का बहुत महत्व होता है. देश के विभिन्न राज्यों में कई तरह के व्यंजन बनते हैं. खाने के शौकीन भारतीयों को अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहिए. लेकिन, घरों से लेकर बाहर ठेले वाले और होटलों तक में कई बार हम तेल का रीयूज करते हैं. बचे हुए तेल को बार-बार इस्तेमाल करने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ रहा है, इसके बारे में हमारा ध्यान ही नहीं रहता. आइए जानते हैं कि यूज किए हुए तेल को दोबारा इस्तेमाल करना सही होता है या नहीं.
दोबारा तेल को उपयोग में लाना आपकी हेल्थ के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे लोगों में कई तरह की बीमारियों से गुजरना पड़ सकता है. छोले भटूरे, फ्रेंच फ्राइज जैसे जंक फूड को गर्म करने के लिए फिर से वही तेल यूज किया जाता है. इससे फ्री रेडिकल्स का खतरा बनता है, जिससे कैंसर जैसी भारी बीमारी का खतरा बना रहता है.
एक स्टडी के अनुसार, रीयूज ऑइल से न्यूरोडिजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा बढ़ता है. यह इंसान के नर्वस सिस्टम से जुड़ी होती है. चूहों पर किए रिसर्च से सामने आया कि इन्हें दोबारा यूज किया गया तेल खिलाया गया. इससे उनमें न्यूरोडिजेनेरेटिव का लेवल सामान्य चूहों की तुलना में अधिक पाया गया. इसके अलावा रीयूज ऑइल से ब्रेन, लिवर और गट एक्सिस में भी गड़बड़ी पाई गई. रीयूज तेल से पेट की बीमारियां, मोटापा, आरटरी में ब्लॉकेज और पाचन तंत्र में खराबी हो सकती है. हो सके तो हमें हर बार नया तेल यूज ही करना चाहिए और बाहर के खाने से बचना चाहिए.
लाइफस्टाइल एंबेसेडर Luke Coutinho ने इस बारे में अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए रीयूज ऑइल के नुकसान के बारे में बताया. दोबारा इस्तेमाल के तेल से शरीर में कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लेमेशन की समस्या होती है. इससे हार्ट की परेशानियां मेटाबॉलिक बीमारी से भी लोगों को गुजरना पड़ सकता है. न्यूट्रिशन जर्नल का रिसर्च बताता है कि रीयूज तेल से नुकसानदायक विशैले पदार्थ निकलते हैं. इससे ट्रांस-फैट का पर्सेंटेज भी बढ़ सकता है. साथ ही ऐसे ऑइल से फूड पॉइजन का खतरा भी बढ़ जाता है.
अगर आप घर पर तेल को फिर से यूज करते हैं तो उसे ज्यादा गर्म नहीं करना चाहिए. साथ ही यह प्रयास करें कि स्ट्रीट फूड पर मिलने वाले जंक फूड, तले-भुने खाने से बचें. तेल को किसी ठंडे स्थान पर और अंधेरे वाले स्थान पर रखना चाहिए. बता दें कि सरसों के तेल तीखा लेकिन सेहत के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है. इसमें ओमेगा-3 पाया जाता है. मूंगफली का तेल अखरोट जैसा और सूरजमुखी का तेल हल्का होता है. सूरजमुखी के तेल में ओमेगा-6 और विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है. ये सभी हार्ट के लिए अच्छा होता है. बता दें कि सर्दियों में सरसों का तेल खाने के कई फायदे हैं.
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) के अनुसार 1 जुलाई 2019 से देश के सभी खाद्य व्यापार संचालकों को रीयूज की क्वालिटी और निगरानी के लिए कहा गया है. इसके लिए खाद्य विभाग ने कुछ नियम भी बनाए हैं.
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