Sexually Related Diseases: कपल्स फिजिकल रिलेशन के दौरान पार्टनर की संतुष्टि के चक्कर में कुछ ऐसी हरकत कर देते हैं, जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है. दरअसल, किसी भी कपल्स के बीच फिजिकल रिलेशन नितांत जरूरी चीज है. लेकिन इसी संतुष्टि के चक्कर में कई बार साथी कुछ ऐसी हरकत कर बैठते हैं जिससे कि वे जानलेवा बीमारी के शिकार हो सकते हैं.
संबंध बनाते समय यह हरकत कर सकती बीमार. (Canva)
Sexually Related Diseases: किसी भी प्रेमी-प्रेमिका या पति-पत्नी का निजी पल जीवन का सबसे खूबसूरत एहसास होता है. इस वक्त रोमांस की कोई सीमा नहीं होती है. इस वक्त नई ऊर्जा और साकारात्मक सोच का संचार होता है. जीवनसाथी के साथ बिताया गया यह पल दोनों के बीच की बॉन्डिंग को मजबूती देता है. सबसे अहम बात कहें, सृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए ये पल बेहद अहम हो जाता है. इस पल को खास बनाने के लिए पार्टनर एक-दूसरे के प्यार में डूब जाते हैं. लेकिन, एक साइंटिफिक रिसर्च के नतीजे चौंकाने वाले हैं. इसके जरिए आपको इस पल के दौरान थोड़ा सचेत रहने की सलाह दी जाती है.
मेडिकल न्यूज टुडे की एक रिपोर्ट कहती है कि, कपल्स फिजिकल रिलेशन के दौरान पार्टनर की संतुष्टि के चक्कर में कुछ ऐसी हरकत कर देते हैं, जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती है. दरअसल, किसी भी कपल्स के बीच फिजिकल रिलेशन नितांत जरूरी चीज है. यही तो है जिस पर इस अनूठे रिश्ते की पूरी इमारत खड़ी रहती है. इसमें अपने साथियों की संतुष्टि भी काफी अहमियत रखती है, लेकिन इसी संतुष्टि के चक्कर में कई बार साथी कुछ ऐसी हरकत कर बैठते हैं जिससे कि वे जानलेवा बीमारी के शिकार हो सकते हैं.
पार्टनर संग निजी पल के दौरान आपकी हरकत ह्यूमन पैपिल्लोमा वायरस यानी HPV (human papillomavirus) की वजह बन सकती है. बता दें कि, यह एक ऐसा वायरस है जो इंसान के गले में कैंसर का कारण बन सकता है. दरअसल, पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका आवेश में आकर या पार्टनर को ज्यादा आनंद देने की कोशिश में फिजिकल के साथ ओरल संबंध स्थापित करते हैं. माना जाता है कि, ऐसा वे अपने साथी को आनंद की चरम अनुभूति कराने के लिए करते हैं. इस क्रिया को मुख मैथुन नाम दिया गया है. लेकिन, रिसर्च में दावा है कि इस दौरान हमारे निजी अंगों से एक खास वायरस पैदा होते हैं जो आपको गला के कैंसर का मरीज बना सकते हैं.
एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) एक टीका है, जो ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papilloma Virus) से बचाता है. यह वायरस कई तरह के कैंसर और जननांग मस्सों का कारण बन सकता है. डॉक्टर के मुताबिक, एचपीवी वायरस 200 से ज्यादा टाइप का होता है. एचपीवी वैक्सीन कुछ एचपीवी प्रकारों के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली को तैयार करके काम करता है, ताकि भविष्य में संक्रमण होने पर शरीर उनसे बेहतर तरीके से लड़ सके. एचपीवी टीका गर्भाशय ग्रीवा, योनि, लिंग, गुदा और गले के कैंसर को भी रोकने में मददगार है.
अमेरिका में HPV को यौन क्रिया के दौरान सबसे ज्यादा संक्रमित करने वाला वायरस बताया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि इस वायरस के कारण आपकी पूरी जिंदगी तबाह हो सकती है. अगर आप यौन क्रियासे संबंधित बीमारी का शिकार हो जाते हैं तो अपने साथी को संतुष्ट करने की बात तो दूर आपको शारीरिक संबंध बनाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में डॉक्टर लगातार आपको सचेत करते हैं कि आप शारीरिक संबंध बनाते समय उचित हाइजीन और प्रोटेक्शन का पालन करें.
कई हेल्थ एक्सपर्ट ने मुख मैथुन, HPV और गले के कैंसर के बीच संबंध को लेकर अध्ययन किए. रिसर्च में पाया गया कि मुख मैथुन से सीधे तौर पर गले का कैंसर नहीं होता है, लेकिन इससे HPV के संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है. दरअसल, HPV हमारे बॉडी सेल्स में ऐसा बदलाव करते हैं जिससे कुछ समय बाद वह गले के कैंसर में तब्दील हो जाते हैं. इसके साथ ही अगर आप शराब का सेवन और धूम्रपान करते हैं तो आपमें यह रिस्क काफी बढ़ जाता है.
पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका एक दूसरे को चरम आनंद की प्राप्ति कराने के लिए ऐसा करते हैं लेकिन ऐसा करने में कई तरह के जोखिम हैं. आप बीमारियों को दावत दे रहे होते हैं. इसी जोखिम को देखते हुए अमेरिका और यूरोप के तमाम देशों में HPV वैक्सीन उपलब्ध है. इस वैक्सीन को लगवाने के बाद इंसान के HPV संक्रमण का शिकार होने का चांस काफी कम हो जाता है.
HPV इंफेक्शन सीधे तौर पर ओरल कैंसर का कारण नहीं बनते. इस वायरस की वजह से हम यौन क्रिया के दौरान फैलने वाली बीमारी (STD) के शिकार हो जाते हैं. यह वायरस हमारे बॉडी सेल्स को संक्रमित करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में गले के कैंसर के 70 फीसदी मामलों में इस वायरस को जिम्मेदार पाया गया है. यह कैंसर इंसान के कंठ से शुरू होकर हमारे जीभ तक फैलता है.
एचपीवी जैसे घातक संक्रमण के ठीक होने की बात है तो रिसर्च में दावा किया गया है कि शुरुआत में पता चल जाने के बाद इस वायरस को दो साल के इलाज से खत्म किया जा सकता है, लेकिन अगर आप धूम्रपान या नशा करते हैं तो आपमें इस वायरस को खत्म करने में दिक्कर आ सकती है. धूम्रपान या नशा करने वालों के गले के अंदर की स्कीन में इम्यून सेल्स डैमेज हो जाती है.
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