India News (इंडिया न्यूज),Tuberculosis: आज विश्व टीबी दिवस है। यह एक जानलेवा बीमारी है, जिससे हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टीबी से प्रभावित देशों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में हर 3 मिनट में दो लोग टीबी से मरते हैं। पीएम मोदी ने साल 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा था, जिसके लिए लड़ाई जारी है। भारत में टीबी के मामलों में 17.7% की गिरावट आई है। आइए जानते हैं कि हम टीबी से खुद को कैसे बचा सकते हैं-
टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। जब टीबी से पीड़ित व्यक्ति खांसता है, तो ये बैक्टीरिया हवा में फैल जाते हैं और अगर कोई दूसरा व्यक्ति इस बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो उसे टीबी होने का खतरा होता है। इसके अलावा कुछ आदतें भी टीबी का कारण बन सकती हैं।
Tuberculosis: हर 3 मिनट में 2 मौतें! टीबी का बढ़ा खतरा
धूम्रपान की आदत: धूम्रपान टीबी के जोखिम कारकों में से एक है। जिन लोगों को सिगरेट या बीड़ी पीने की आदत होती है, उन्हें टीबी होने का खतरा अधिक होता है।
टीबी से संक्रमित देश की यात्रा करना: अगर कोई ऐसा देश है जहां टीबी से संक्रमित लोगों की संख्या अधिक है और कोई व्यक्ति नियमित रूप से ऐसे देशों की यात्रा करता है, तो उसे टीबी होने की संभावना बढ़ सकती है।
भीड़भाड़ वाली जगह पर रहना या बंद जगह पर रहना: अगर कोई व्यक्ति घनी आबादी वाले शहर में रहता है या उसके पड़ोस या घर में छोटी सी जगह में बहुत सारे लोग रहते हैं, तो ऐसी स्थिति में टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है।
टीबी होने पर लगातार खांसी आने लगती है। खांसी के साथ-साथ कफ निकलता है और कफ में खून भी दिखाई देता है। टीबी होने पर सीने में दर्द होता है। टीबी के मरीज को कमजोरी महसूस होने लगती है और हर समय थकान महसूस होती है। भूख कम लगती है। बुखार आने लगता है। रात को सोते समय बहुत पसीना आता है।
डायबिटीज को शरीर से ऐसे कुरेदता है ये जहर, कि बन जाता है आपके लिए नए जीवन की घुट्टी!