Sexual Orientation: जब भी सेक्सुअलिटी के बारे में बात होती है तो होमो, लेस्बियन या स्ट्रेट... पर समाप्त हो जाती है. हम मान भी लेते हैं कि किसी के लिए सेक्सुअली आकर्षित होने के ये तरीके के एहसास ही इंसान में हो सकते हैं. असल में, स्ट्रेट के आलावा दूसरे सेक्शुअल ओरिएंटेशन के लिए अब भी जागरूकता पूरी नहीं है. जब सेक्शुअल ओरिएंटेशन के शब्दों की फेहरिस्त लंबी है.
जानिए, सेक्सुएलिटी क्या है? (Canva)
Sexual Orientation: सेक्सुएलिटी क्या है? ये सवाल आपका भी हो सकता है. ये ऐसा टॉपिक है जिसपर अक्सर बहस चलती ही रहती है. बड़ी बात यह है कि, जब भी सेक्सुअलिटी के बारे में बात होती है तो होमो, लेस्बियन या स्ट्रेट… पर समाप्त हो जाती है. यही नहीं, हम सब बड़े आसानी से मान भी लेते हैं कि किसी के लिए सेक्सुअली आकर्षित होने के ये तरीके के एहसास ही इंसान में हो सकते हैं. असल में, स्ट्रेट के आलावा दूसरे सेक्शुअल ओरिएंटेशन के लिए अब भी जागरूकता पूरी नहीं है. आमतौर पर स्ट्रेट यानी अपोजिट लीग के लिए आकर्षित होने वाले लोगों को ही सामान्य माना जाता है. इस बात में भी कोई दोराय नहीं है कि, अब होमो और लेस्बियन पर बात होने लगी है और एक बड़ा तबका इनको सामान्य मानने लगा है. ऐसे लोगों के लिए सिर्फ होमो और लेस्बियन ही हैरानी वाले शब्द नहीं हैं. लेकिन, जब सेक्शुअल ओरिएंटेशन की बात आती है तो इस शब्द की फेहरिस्त लंबी हो जाती है. हैरानी की बात यह है कि, ये सभी सेक्सुअलिटी के ऐसे हिस्से हैं, जिनके बारे में या तो ज्यादा लोग जानते नहीं हैं या फिर जानकर भी उसे अनदेखा कर जाते हैं.
medicalnewstoday की एक रिपोर्ट कहती है कि, सेक्सुअलिटी के 10 से भी ज्यादा प्रकार माने गए हैं. इन सभी प्रकारों के बारे में ज्यादातर लोग जानते ही नहीं हैं. इन प्रकारों में कुछ ने नाम भी नहीं सुना होगा. मगर सच्चाई यह है कि, ये सारे सेक्शुअल ओरिएंटेशन नेचुरली पर्सनैलिटी का हिस्सा होते हैं. ऐसे में सेक्शुअल आकर्षण (Sexual orientation) के बारे में युवाओं को जानकारी होना बेहद जरूरी है. अब सवाल है कि आखिर सेक्शुअल ओरिएंटेशन क्या होता है? सेक्शुअल ओरिएंटेशन के कितने प्रकार हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-
मेडिकल न्यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सेक्शुअल ओरिएंटेशन एक इमोशनल, रोमांटिक या सेक्शुअल आकर्षण है जो एक इंसान दूसरे के लिए महसूस करता है. यह कोई पसंद नहीं है, बल्कि यह एक स्वाभाविक भावना है कि आप किसके प्रति आकर्षित होते हैं. यह समलैंगिक, विषमलैंगिक (स्ट्रेट), उभयलिंगी (बायसेक्सुअल) या अलैंगिक (एसेक्सुअल) हो सकता है, जो समय के साथ बदल भी सकता है. कहने का सीधा मतलब है कि, सेक्शुअल ओरिएंटेशन कई तरह के होते हैं. अलग-अलग इंसान अलग-अलग सेक्शुअल ओरिएंटेशन महसूसस कर सकते हैं.
1. हेट्रोसेक्शुअल (Heterosexual): हेट्रोसेक्शुअल वो सेक्शुअल ओरिएंटेशन है जिसमें कोई इंसान अपने विपरीत लिंग के लिए आकर्षण महसूस करते हैं. मतलब हेट्रोसेक्शुअल पुरुष, महिलाओं के लिए और हेट्रोसेक्शुअल महिलाएं पुरुषों के लिए आकर्षित होती हैं. ये सेक्शुअल ओरिएंटेशन सामाजिक तौर पर स्वीकार्य है और इसके लिए कभी किसी तरह के सवाल नहीं किए जाते हैं. कह सकते हैं इस सेक्शुअल ओरिएंटेशन को सामान्य माना जाता है. हेट्रोसेक्शुअल को स्ट्रेट भी कहा जाता है.
2. होमोसेक्शुअल (Homosexual): होमोसेक्शुअल सेक्शुअल ओरिएंटेशन वाले लोग अपने ही लिंग के लिए आकर्षित होते हैं. पुरुष, पुरुष के लिए और महिलाएं, महिलाओं के लिए आकर्षित होती हैं. लेकिन होमोसेक्शुअल पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग नामों से जाना जाता है. होमोसेक्शुअल महिलाओं को लेस्बियन कहते हैं तो पुरुषों को गे. कई बार होमोसेक्शुअल का मतलब गे ही समझा जाता है और इसमें दोनों ही लिंग शामिल किए जाते हैं.
3. बायसेक्शुअल (Bisexual): बायसेक्शुअल ओरिएंटेशन होने पर लोग पुरुष और महिलाओं, दोनों से ही आकर्षित होते हैं. वो इनके साथ रोमांटिक और शारीरिक रिश्ते के लिए आकर्षित होते हैं.
4. एसेक्शुअल (Asexual): एसेक्शुअल ओरिएंटेशन होने पर लोग सेक्स में रूचि ही नहीं रखते हैं. वो दूसरों से लगाव महसूस करते हैं लेकिन शारीरिक तौर पर आकर्षित नहीं होते हैं.
5. पैनसेक्शुअल (Pansexual): इस सेक्शुअलिटी वाले बायसेक्शुअल जैसे होते हैं लेकिन उनसे कुछ अलग भी होते हैं. वो हर सेक्स के साथ यौन संबंध बनाना चाहते हैं.
6. डेमीसेक्शुअल (Demisexual): ये वो सेक्शुअलिटी है, जिसमें लोग रोमांस वाले रिश्ते में तब ही आते हैं, जब उनमें भावनात्मक तौर पर कनेक्शन हो.
7. सेपिओसेक्शुअल (Sapiosexual): इसमें इंसान लिंग, सुंदरता या किसी और बात की बजाए दूसरे इंसान की बुद्धिमता से प्रभावित होता है.
8. पोलीसेक्शुअल(Polysexual): ऐसे लोग ट्रांसजेंडर्स, थर्ड जेंडर्स या इंटरसेक्स से भी आकर्षित होते हैं.
9. ग्रेसेक्शुअल (Graysexual): ये ऐसे लोग होते हैं जो सेक्स पसंद करते हैं लेकिन बहुत कम. ये एसेक्शुअल नहीं होते हैं क्योंकि ग्रेसेक्शुअल कभी न कभी सेक्स का आनंद लेते हैं.
10. एंड्रोजिनसेक्शुअल (Androgynsexual): ऐसे लोगों में फेमिनाइन और मेस्क्युलाइन दोनों लक्ष्ण होते हैं.
11. एलोसेक्शुअल (Allosexual): ये वो लोग होते हैं जो अपने पार्टनर से तो आकर्षित होते हैं लेकिन उनका आकर्षण और लोगों से भी होता है.
12. एरोमांटिक (Aromantic): ऐसे लोग दोस्ती से आगे का रिश्ता चाहते ही नहीं हैं. उन्हें रोमांटिक रिलेशनशिप में रहना पसंद नहीं होता है.
13. ऑटोरोमांटिक (Autoromantic): ऐसे लोग खुद के लिए रोमांटिक आकर्षण महसूस करते हैं. हालांकि वो ऐसा दूसरों के लिए भी महसूस करते हैं.
14. ऑटोसेक्शुअल (Autosexual): ऐसे लोग अपने लिए सेक्शुअली आकर्षित होते हैं. वो ऐसा दूसरों के लिए भी महसूस करते हैं.
15. बायक्यूरियस (Bicurious): ऐसे लोग अपने ही जेंडर के साथ रोमांटिक और सेक्शुअल आकर्षण महसूस करते हैं.
16. बीरोमांटिक (Biromantic): ऐसे लोग रोमांस महसूस करते हैं लेकिन जरूरी नहीं है कि वो दूसरे लिंग के लिए सेक्शुअली भी आकर्षित हों.
17. डेमीरोमांटिक (Demiromantic): से लोग भावनात्मक रिश्ता महसूस करने पर ही रोमांटिक आकर्षण फील कर पाते हैं.
18. मल्टीसेक्शुअल (Multisexual): सेक्शुअलिटी से जुड़ा ये एक बड़ा टर्म है, जिसमें वो सभी लोग आते हैं जो एक से ज्यादा लिंग के लिए आकर्षण फील करते हैं.
19. सेक्शुअल फ्लूडिटी (Sexual Fluidity): कुछ लोगों के लिए सेक्शुअलिटी निश्चित नहीं होती है. वो खुद को किसी खास सेक्शुअलिटी में लाते भी नहीं हैं.
150-second walking workout formula: व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रह…
शादी के बाद बेटी की विदाई वह लम्हा होता है जब पिता का कठोर दिल…
Debina Bonnerjee and Gurmeet Choudhary: टीवी अभिनेत्री देबिना बनर्जी की लव लाइफ काफी फिल्मी है.…
Apple iPhone 18 Pro: जहां तक लॉन्च की बात है, Apple Inc. के अपने रेगुलर…
Cameron Green IPL 2026: केकेआर के स्टार ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ…
Increase Sperm Count Tips: आज के दौर में लगातार लोगों का लाइफस्टाइल खराब हो रहा…