Central Retinal Vein Occlusion (CRVO): आंखें हमारे शरीर की सबसे जरूरी और नाजुक अंगों में एक हैं. इसलिए आंखों की सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि, आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में आंखों से जुड़ी तमाम गंभीर बीमारियां जन्म ले रही हैं. आंखों से जुड़ी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूज़न (CRVO) ऐसी ही बीमारियों में से एक है. इस बीमारी से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी जूझ रहे हैं. डॉक्टर से जानिए ये बीमारी कितनी खतरनाक और कैसे करें इससे बचाव-
इमरान खान को अंधा बना सकती है ये गंभीर बीमारी. (Canva)
Central Retinal Vein Occlusion (CRVO): आंखें हमारे शरीर की सबसे जरूरी और नाजुक अंगों में एक हैं. क्योंकि, यही तो हैं जिससे आप दुनिया की खूबसूरती को निहार सकते हैं. सोचिए, अगर इन्हीं में कोई दिक्कत आ जाए तो क्या होगा? फिर क्या आप संसार की कल्पना कर पाएंगे? नहीं न! इसलिए आंखों की सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि, आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में आंखों से जुड़ी तमाम गंभीर बीमारियां जन्म ले रही हैं. आंखों से जुड़ी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूज़न (CRVO) ऐसी ही बीमारियों में से एक है. इस बीमारी से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी जूझ रहे हैं. पिछले दिनों जेल में बंद इमरान खान को आंखों की गंभीर बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन होने की जानकारी सामने आई थी.
इसपर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का दावा है कि अगर समय रहते इलाज नहीं किया गया तो उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन की पुष्टी हुई है और उन्हे पहले से ही साफ दिखाई देने में परेशानी हो रही है. अब सवाल है कि आखिर, आंखों से जुडी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन बीमारी कितनी खतरनाक है? क्या इसका कोई इलाज है? इससे पीड़ित मरीजों के लिए क्या सावधानी जरूरी? इस बारे में India News को बता रहे हैं मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. मयूर जैन-
डॉक्टर के मुताबिक, सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) आंखों की एक खतरनाक बीमारी है. इस बीमारी में रेटिना की मुख्य नस में खून का थक्का जम जाता है, जिससे आंख के अंदर ब्लड सर्कुलेशन में दिक्कत हो जाती है. इसका सीधा असर रेटिना पर पड़ता है और मरीज को धुंधला दिखाई देने लगता है. ये बीमारी इतनी गंभीर है कि, अगर समय पर इलाज न हो तो स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि, सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO), जिसे ‘आंख का स्ट्रोक’ भी कहा जाता है, का सबसे अधिक खतरा 60-65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को होता ह. हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), डायबिटीज (Diabetes), ग्लूकोमा (काला मोतिया), उच्च कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान इस बीमारी को बढ़ाते हैं. जब यह स्थिति गंभीर हो जाती है तो नसों में खून का थक्का जम जाता है. इसके चलते दृष्टि अचानक कम हो सकती है.
डॉक्टर कहते हैं कि, सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO), या रेटिना की नस ब्लॉक होने से बचाव के लिए मुख्य रूप से गंभीर बीमारियों को कंट्रोल करना आवश्यक है. इससे बचाव के लिए हमेशा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखें. इसके अलावा, धूम्रपान छोड़ें,स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें.
रिपोर्ट के अनुसार, जेल प्रशासन इमरान खान को सही इलाज की सुविधा नहीं दे रहा है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई का कहना है कि डॉक्टरों ने साफ तौर पर बताया है कि इस बीमारी का इलाज जेल परिसर में संभव नहीं है और इसके लिए स्पेशल मेडिकल सुविधाओं और ऑपरेशन की जरूरत है. इसके बावजूद जेल प्रशासन इलाज जेल के अंदर ही कराने पर जोर दे रहा है. पीटीआई के अनुसार इमरान खान को आखिरी बार अक्टूबर 2024 में अपने पर्सनल डॉक्टर से मिलने की परमिशन दी गई थी. इसके बाद से इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद उनके पर्सनल डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया गया.
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