मध्य प्रदेश में नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर भक्तों ने अटूट आस्था का परिचय देते हुए माँ नर्मदा को 11,000 लीटर दूध अर्पित किया। नदी की लहरों पर दूध की सफेद चादर बिछ गई और पूरा तट 'नर्मदे हर' के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों के लिए यह केवल दूध का त्याग नहीं, बल्कि अपनी आराध्य नदी के प्रति गहरी कृतज्ञता और समर्पण का भाव था।
मध्य प्रदेश में नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर भक्तों ने अटूट आस्था का परिचय देते हुए माँ नर्मदा को 11,000 लीटर दूध अर्पित किया। नदी की लहरों पर दूध की सफेद चादर बिछ गई और पूरा तट ‘नर्मदे हर’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों के लिए यह केवल दूध का त्याग नहीं, बल्कि अपनी आराध्य नदी के प्रति गहरी कृतज्ञता और समर्पण का भाव था।
हालांकि, इस विशाल आयोजन ने समाज में एक नई बहस को भी जन्म दिया है। जहाँ श्रद्धालु इसे परंपरा और अटूट विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कई लोग इस बर्बादी पर चिंता जताते हुए सुझाव दे रहे हैं कि इस दूध से जरूरतमंद बच्चों की भूख मिटाई जा सकती थी। आस्था का यह मानवीय पहलू हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या भक्ति और सामाजिक सेवा को एक साथ नहीं जोड़ा जा सकता?
आप Red Magic 11S Pro vs Oppo K15 Pro Plus में से कोई एक स्मार्टफोन…
Silver Rate Today 20 May 2026: चांदी के दामों में बुधवार (20 मई, 2026) को…
Gold Price Today 20 May 2026: सोने के दामों में बुधवार (20 मई, 2026) को…
डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर सवाल होता है कि उन्हें केला और आम…
Modi Government 12 Years : पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन, साहसी नेतृत्व के चलते प्रधानममंत्री…
Bihar News: बिहार के मोतिहारी जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र में मोबाइल टावर से लटका…