Rainy Season and Stomach Problems: बरसात का मौसम राहत तो लेकर आता है, लेकिन सेहत के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है. ऐसे में खानपान को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. इस दौरान सेहत की लापरवाही कई बीमारियों को जन्म दे सकती है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह-
जानिए, बरसात में पेट से जुड़ी बीमारियों क्यों बढ़ जाती हैं. (AI)
Rainy Season and Stomach Problems: बरसात का मौसम राहत तो लेकर आता है, लेकिन सेहत के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है. ऐसे में खानपान को लेकर थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है. इस दौरान सेहत की लापरवाही कई बीमारियों को जन्म दे सकती है. इस दौरान पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे अपच, गैस, दस्त, फूड पॉइजनिंग और पेट दर्द के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव अधिक सक्रिय हो जाते हैं. इसके कारण खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होने लगते हैं और पीने के पानी के दूषित होने का खतरा भी बढ़ जाता है. अक्सर लोग अनजाने में संक्रमित भोजन या कंटामिनेटेड पानी का सेवन कर लेते हैं, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है और तबीयत बिगड़ सकती है.
नई दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल मेडिसिन विभाग के यूनिट हेड डॉ. अमितेश अग्रवाल ने बताया बरसात में पानी के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार घरों में आने वाले पानी में बारिश या सीवर का पानी मिल जाता है. ऐसे पानी के सेवन से बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट शरीर में घुस सकते हैं. इससे दस्त, उल्टी और पेट के इंफेक्शन की समस्या हो सकती है. बरसात में चाट, पकौड़े और अन्य स्ट्रीट फूड खाने का मन ज्यादा करता है. खुले में रखी खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं. खाना साफ-सफाई से तैयार न किया गया हो, तो फूड पॉइजनिंग और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
डॉक्टर का मानना है कि मानसून के दौरान पाचन तंत्र काफी सेंसिटिव हो सकता है. इस मौसम में भारी, तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से अपच, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. बरसात में वातावरण में नमी ज्यादा होने के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं. यही वजह है कि खाना जल्दी खराब होने लगता है. लंबे समय तक रखा हुआ या ठीक से स्टोर न किया गया खाना पेट के संक्रमण का कारण बन सकता है. बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को मानसून में पेट के इंफेक्शन का रिस्क ज्यादा होता है. ऐसे लोगों को खाने और पानी की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
एक्सपर्ट के मुताबिक बरसात के मौसम में केवल साफ और सुरक्षित पानी का सेवन करें. बाहर के कटे हुए फल और खुले में रखा खाना खाने से बचें. खाने को ताजा और अच्छी तरह पकाकर ही खाएं. हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें और खाने से पहले हाथ जरूर धोएं. अगर दस्त, उल्टी, पेट दर्द या बुखार की समस्या हो, शरीर में पानी की कमी महसूस हो या स्थिति गंभीर लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी होता है.
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