India News (इंडिया न्यूज),Cm sukhvinder sukhu : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले 21 खिलाड़ियों को गुरुवार को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 खिलाड़ियों को 14.77 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किए।
इनमें सबसे ज्यादा धनराशि ऊना जिले के रहने वाले निषाद कुमार को दी गई। निषाद कुमार को 7.80 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। निषाद ने टोक्यो पैरालिंपिक 2022 में रजत पदक, पेरिस पैरालिंपिक 2024 में रजत पदक, पैरा एशियन गेम्स चीन-2023 में स्वर्ण पदक और वर्ल्ड गेम्स पुर्तगाल 2022 में रजत पदक जीता है।
समारोह के दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य का खजाना खाली था, पिछली सरकार ने राज्य की संपदा को लूटा था। हमारी सरकार ने कहा कि इस सिस्टम से विभाग नहीं चलेंगे और हमने कहा कि हम सिस्टम में बदलाव करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे। आज खिलाड़ियों को जो सम्मान मिल रहा है, वह उस आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश की परिकल्पना है, जिसके बारे में हम बार-बार कहते हैं कि 2027 तक राज्य आत्मनिर्भर होगा और भारत का सबसे समृद्ध राज्य बनेगा।
सीएम ने कहा कि हमने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि को आठ गुना बढ़ाया है और आज जब वे विदेश जाकर देश का नाम रोशन करते हैं तो इससे राज्य का भी नाम रोशन होता है। हमारी सरकार इन सभी खिलाड़ियों को सलाम करती है। सीएम ने कहा कि इस बार दूसरे साल के बजट में हमने स्कूली खेलों की डाइट मनी भी बढ़ाई है, कॉलेज खेलों के साथ-साथ हमने राष्ट्रीय खेलने वाले खिलाड़ियों की डाइट मनी भी बढ़ाई है।
सीएम सुक्खू ने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश में एकीकृत खेल परिसर बनाए जाएंगे। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल, बॉक्सिंग, कुश्ती, लॉन टेनिस कोर्ट बनाए जा रहे हैं और अगले साल सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में इसका निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। साथ ही एक खेल परिसर पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने जा रहे हैं। जहां पानी होगा, वहां स्विमिंग पूल की व्यवस्था की जाएगी। हम अंतरराष्ट्रीय मानकों का इनडोर स्टेडियम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, यह अक्टूबर 2025 में बनकर तैयार हो जाएगा। यह स्टेडियम 20 महीने के भीतर बनकर तैयार हुआ है।
सीएम ने कहा कि हमारी स्थिति भी ठीक है, प्रदेश में आर्थिक समृद्धि है लेकिन प्रदेश की संपदा को लुटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम किसी सत्ता सुख के लिए सत्ता में नहीं आए हैं, हम व्यवस्था परिवर्तन करने आए हैं। हम ऐसे फैसले ले रहे हैं जो समाज के आम लोगों तक पहुंचे। हमने आर्थिक चुनौती का युद्ध स्तर पर सामना किया, राजनीतिक चुनौतियों पर विजय पाई।