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Naaz Joshi Wins Miss Trans Global India 2022 Indias First Transwoman Fashion Mode
मिस ग्लोबल में भाग लेंगी ट्रांसजेंडर नाज: एक संपन्न घर में पला बच्चा रातों-रात घर से, रिश्तों से, प्यार से क्यों हो गया बेदखल, जानिए
इंडिया न्यूज: Naaz Joshi: जेंडर बदलवाकर ”ऐयाज नाज जोशी” से ‘नाज” जोशी बनी नाज ट्रांसजेडर महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाना चाहती हैं। वह मॉडलिंग की दुनिया में आने के बाद से संघर्षरत हैं। ‘नाज’ मिस ट्रांस ग्लोबल 2022 पेजेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बात पर उनकी मां नाराजगी जताते हुए कहती हैं […]
इंडिया न्यूज: Naaz Joshi: जेंडर बदलवाकर ”ऐयाज नाज जोशी” से ‘नाज” जोशी बनी नाज ट्रांसजेडर महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाना चाहती हैं। वह मॉडलिंग की दुनिया में आने के बाद से संघर्षरत हैं। ‘नाज’ मिस ट्रांस ग्लोबल 2022 पेजेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस बात पर उनकी मां नाराजगी जताते हुए कहती हैं कि मैंने तो बेटा पैदा किया था ना कि छक्का।
आइजिया जोशी क्यों नहीं था बाकी लड़कों की तरह
राजधानी दिल्ली के एक मध्यम वर्गीय परिवार में 31 दिसंबर 1984 को एक बच्चे का जन्म हुआ, जिसका नाम आइजिया जोशी रखा गया। उनकी मां एक मुस्लिम थीं और उनके पिता एक पंजाबी हिंदू थे। पिता दिल्ली में विकास प्राधिकरण में अधिकारी थे। बच्चे को खिलाने, किताबों, चॉकलेट और प्यार किसी भी चीज की कमी न थी। तब भी वो बाकी लड़कों की तुलना में ज्यादा नाजुक था, लेकिन चंचल और खुशमिजाज बच्चा था।
सोचिए जरा दस साल का बच्चा, जिसे खुद नहीं पता कि वो लड़का है या लड़की, उसके घरवालों भी उसके साथ बुरा बर्ताव करने लगे। परिवार को लगता कि बच्चे के इस व्यवहार की वजह से हर जगह उनकी बेइज्जती हो रही है। इसलिए उन्होंने बच्चे से पीछा छुड़ाने के लिए बेटे को मामा के घर रहने को भेज दिया।
10 साल का बच्चा खुद उठाता था अपना खर्चा
आइजिया जोशी के मामा का परिवार मुंबई में एक चॉल में रहता था। उसके परिवार में पहले से छह बच्चे थे और मामा एक सरकारी अस्पताल में वॉर्ड बॉय के रूप में कार्यरत थे। मामा ने पहले दिन ही कहा, तुझे स्कूल भेजने की हैसियत नहीं है हमारी। जाकर काम कर और अपना खर्चा खुद निकाल। मामा ने आइजिया को पास के एक ढाबे में काम पर लगा दिया। 10 साल का बच्चा दिन में स्कूल जाता, लौटकर ढाबे पर काम करता। फिर घर आकर रसोई में मामी का हाथ बंटाता और रात 11 बजे स्कूल का होमवर्क करता।
राजधानी दिल्ली में आइजिया के माता पिता का पांच कमरों का घर था और मुंबई में 12 बाय 13 की एक खोली। एक संपन्न घर में पला बच्चा एक दिन रातों-रात घर से, रिश्तों से, प्यार से बेदखल कर दिया जाता है। बच्चे को बस इतना समझ आ रहा था कि मां-बाप ने घर से निकाल दिया है। मामा-मामी उसे ताना देते, तेरे मां-बाप ने अपना पाप हमारे सिर डाल दिया। तुझे कोई नहीं रखना चाहता। तू घर की इज्जत को तार-तार कर देगा, तू हम सबके लिए कलंक है।
मामा ने बोला था, दो दिन बाद लेने आऊंगा लेकिन कोई नहीं आया
एक दिन घर पर आइजिया जोशी के मामा-मामी नहीं होते हैं। उसके मामा का 20 साल का बेटा और उसके कुछ दोस्त थे जो शराब पी रहे थे। उन्होंने 11 साल के बच्चे आडियाज जोशी को भी शराब पीने को दीे, लेकिन उसने मना किया तो उसे एक स्टील की गिलास में कोल्ड ड्रिंक पकड़ा दी और एक सांस में पीने को कहा।
वो बच्चा कोल्ड ड्रिंक समझ कर पी गया सो गया और अगली दोपहर अस्पताल में उसकी आंख खुलती है। उसके शरीर पर कई घावों के निशान थे और एनल एरिया में टांके लगे थे। दर्द कम करने के लिए डॉक्टर दवा दी गई थी, लेकिन दर्द था कि तब भी असहनीय हो रहा था। जब बच्चे की आंख खुली तो देखा सामने मामा खड़े हैं। मामा ने एक बात कही, ‘किसी से कुछ कहना मत। दो दिन बाद तुझे लेने आऊंगा लेकिन कोई लेने नहीं आया।
मामा के बेटे व उसके दोस्तों ने आइजिया का किया था रेप
बताया जाता है कि जिस रात आइजिया को मामा के बेटे और उसके छह दोस्तों कोल्ड ड्रिंक पिलाई थी उसी रात आइजिया का रेप किया था। रेप के दौरान बीच-बीच में दर्द से उसकी आंख खुलती, फिर बंद हो जाती। अस्पताल में ही किन्नर समाज के एक आदमी की उस पर नजर पड़ी और वो बच्चे को अपने साथ ले गया। कुछ दिन आइजिया ने सिग्नल पर भीख मांगी। बाद में उसे कहीं काम गया। आइजिया दिन में स्कूल जाता, पढ़ाई करता और रात में बार में लड़की बनकर डांस करता।
2013 में नाज ने बदलवाया जेंडर
साल 2013 में नाज ने आपरेशन के जरिए अपने जेंडर को बदलवाया था। उसके बाद वो मॉडलिंग की दुनिया में पहुंची। नाज अपने जैसी महिलाओं को समाज में सम्मान दिलाना चाहती हैं। नाज नेशनल इंस्टिट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएट हैं। नाज दिल्ली के मालवीय नगर में पैदा हुई। सेक्स चेंज आपरेशन से पहले उनका नाम ऐयाज नाज जोशी था।
लेकिन वहां कमजोर, असहाय, गरीब का यौन शोषण भी होता है। इन सब परेशानियों के बीच उसकी पढ़ाई जारी रही। 11-12वीं में साइंस लेकर पढ़ाई की। 18 साल की उम्र तक आइजिया बार में नाचती रहती और इस दौरान उसने अपनी मेहनत और अपनी कमाई से बारहवीं भी पास कर ली।
आइजिया अब नाज बन चुकी थीं। नाज ने निफ्ट में एडमिशन लिया और हर सेमेस्टर में टॉप किया। कैंपस प्लेसमेंट में पहली नौकरी डिजाइनर रितु कुमार के यहां लगी। नाज आगे चलकर देश की पहली ट्रांसजेंडर शो स्टॉपर बनीं।
इस प्रतियोगिता में विजेता बनने से पहले नाज कई सारी प्रतियोगिताएं और खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। जिसमे मिस यूनिवर्स डाइवर्सिटी 2020, मिस वर्ल्ड डाइवर्सिटी 2017, मिस रिपब्लिक इंटरनेशनल ब्यूटी एंबेसेडर और मिस यूनाइटेड नेशंस एंबेसेडर जैसे खिताब शामिल हैं।
मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी का जीता खिताब
फैशन और ब्यूटी की दुनिया में नाज ने कदम रखा। मॉडलिंग की, रैंप पर चली। अफ्रीका, दुबई और मॉरीशस में जाकर तीन साल लगातार मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी का खिताब जीता। पिताजी को नाज पर गर्व है लेकिन मां को अब भी गर्व नहीं है। अब नाज मिस ट्रांस ग्लोबल 2022 पेजेंट में हिस्सा लेने जा रही हैं, जहां दुनिया भर की अपने से उम्र में आधी ट्रांस सुंदरियों के साथ उनका मुकाबला होगा।