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अब परंपरागत आहार नहीं, वैज्ञानिक फीड का दौर, गौमंगल भोग से नई शुरुआत

पैलेट फीड से सुधरेगा पाचन, बढ़ेगा एसएनएफ और फैट प्रतिशत बांसवाड़ा (राजस्थान), फरवरी 02: पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को वैज्ञानिक तरीके से सशक्त बनाने और पशुओं…

पैलेट फीड से सुधरेगा पाचन, बढ़ेगा एसएनएफ और फैट प्रतिशत

बांसवाड़ा (राजस्थान), फरवरी 02: पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन को वैज्ञानिक तरीके से सशक्त बनाने और पशुओं के दीर्घकालीन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बांसवाड़ा में आयोजित गौमाता भाग्य फीड परिसंवाद के माध्यम से गौमंगल  (Gaumangal Bhog) ब्रांड को पशुपालकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। परिसंवाद का मुख्य संदेश “बेहतर पोषण, बेहतर उत्पादन” था।

परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ट्रैकिंग एवं एक्जिम क्षेत्र में वर्षों के अनुभव से जुड़े मंगलश्री ग्रुप की इस नई पहल गौमंगल (Gaumangal Bhog) को दूरदर्शी फाउंडर किरीट चौबिसा के नेतृत्व में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य केवल फीड बेचना नहीं, बल्कि पशुपालन को एक वैज्ञानिक, सुरक्षित और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाना है।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि परंपरागत खुला आहार कई बार पोषण असंतुलन, कमजोर पाचन और दूध उत्पादन में गिरावट का कारण बनता है। इसके विपरीत, वैज्ञानिक तरीके से तैयार पैलेट फीड में हर कौर में समान पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे पाचन बेहतर होता है, फीड कन्वर्ज़न रेशियो सुधरता है तथा एसएनएफ और फैट प्रतिशत में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है।

इसी वैज्ञानिक सोच के साथ गौमंगल भोग का प्रमुख उत्पाद ” गौमांगल भोग-अमृत (50 किलोग्राम)” प्रस्तुत किया गया है, जो 100 प्रतिशत प्राकृतिक सामग्री जैसे मक्का, सोयाबीन, अनाज एवं आवश्यक मिनरल्स तथा आधुनिक कुकिंग व बायपास तकनीक से तैयार किया गया संतुलित पशु आहार है।

परिसंवाद में यह भी बताया गया कि वैज्ञानिक और संतुलित आहार से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ता है, बल्कि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, बीमारियों का खतरा कम होता है, दवाइयों पर होने वाला खर्च घटता है और पशुओं का कार्यशील जीवन भी बेहतर होता है।

गौमांगल भोग का विशेष “पंचतत्व पोषण दर्शन” पशुओं के संपूर्ण पोषण चक्र को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिससे पशु लंबे समय तक स्वस्थ, सक्रिय और उत्पादक बने रह सकें।

ब्रांड का मूल विश्वास है “पशु का स्वास्थ्य पहले, उत्पादन अपने-आप बेहतर।

गौमांगल भोग केवल पशुपालकों के लिए ही नहीं, बल्कि एग्री-डीलर्स और स्टॉकिस्ट्स के लिए भी एक भरोसेमंद, दीर्घकालीन और संगठित ब्रांड-पार्टनरशिप मॉडल लेकर आया है। मंगलश्री ग्रुप के परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के मजबूत अनुभव के कारण उत्पाद की आपूर्ति को समयबद्ध, पारदर्शी और दूरदराज़ ग्रामीण क्षेत्रों तक निरंतर उपलब्ध बनाए रखने की ठोस व्यवस्था की गई है।

कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों ने परिसंवाद को उपयोगी बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक पशु आहार अपनाने से पशु स्वस्थ रहते हैं और आमदनी में स्थायी वृद्धि संभव होती है। गौमांगल भोग ने इसी संदेश के साथ पशुपालकों से अपील की कि फीड एक खर्च नहीं, बल्कि पशुपालक के भविष्य में किया गया निवेश है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

Indianews Webdesk

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