<

देसाई फाउंडेशन ने भारत में 1.2 करोड़ लोगों तक पहुँचने की बड़ी उपलब्धि हासिल की

सूरत (गुजरात), मार्च 21: देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट ने सूरत मैरियट होटल में एक विशेष शाम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उनकी प्रभावशाली यात्रा, सामुदायिक भागीदारी और भारत के 8…

सूरत (गुजरात), मार्च 21: देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट ने सूरत मैरियट होटल में एक विशेष शाम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उनकी प्रभावशाली यात्रा, सामुदायिक भागीदारी और भारत के 8 राज्यों में 1.2 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँचने की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए रखा गया था।

इस कार्यक्रम में भागीदारों, समर्थकों और प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया और ज़मीनी स्तर पर विकास के लिए फाउंडेशन के टिकाऊ और बड़े स्तर पर काम करने के तरीके पर चर्चा की। इस शाम के दौरान स्वास्थ्य, आजीविका और मासिक धर्म सुरक्षा (Menstrual Equity) के क्षेत्र में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला गया, जो समाज में बड़े बदलाव के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए, मेघा देसाई (अध्यक्ष), मित्तल गोहिल (कार्यकारी निदेशक) और मनोज पांडा (विकास निदेशक) ने फाउंडेशन की प्रगति और विजन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे आपसी सहयोग और नए विचारों ने इतने बड़े स्तर पर बदलाव लाना संभव बनाया है।

The Desai Foundation has achieved a major milestone by reaching 12 million people across India-PNNwidth=

“एक दशक से भी अधिक समय से हमारा मानना रहा है कि मासिक धर्म के दौरान सम्मान के साथ जीना कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक बुनियादी अधिकार है। अनुच्छेद 21 के तहत मिली हालिया मान्यता के साथ, अब इस सोच को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। अपनी मुख्य पहलों के ज़रिए हम एक ऐसा रास्ता बना रहे हैं जिससे भारत की हर लड़की को सही जानकारी, साधन और सम्मान मिले जिसकी वह हकदार है।” — मेघा देसाई, अध्यक्ष
मित्तल गोहिल ने कोविड-19 महामारी के दौरान संस्था की मज़बूती के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि जब कई संगठनों ने अपना काम रोक दिया था, तब फाउंडेशन ने 250 से अधिक नए सदस्यों को जोड़कर लोगों की मदद जारी रखी।
“कोविड-19 के दौरान, जब कई संगठन रुक गए थे, तब हमने आगे बढ़ने का फैसला लिया। हमने अपनी टीम का विस्तार किया ताकि लोगों को मदद मिलती रहे। वही हिम्मत आज भी हमारे काम करने के तरीके को परिभाषित करती है।” — मित्तल गोहिल, कार्यकारी निदेशक

देसाई फाउंडेशन के ट्रस्टी और उद्यमी कश्यप पंड्या ने सामाजिक कार्यों में विस्तार (Scalability) के महत्व पर ज़ोर दिया।
“देसाई फाउंडेशन के काम का दायरा वाकई बहुत बड़ा है। केवल एक दशक में 1.2 करोड़ लोगों तक पहुँचना और काम की गुणवत्ता बनाए रखना एक ऐसी उपलब्धि है, जो बहुत कम संगठन कर पाए हैं।” — कश्यप पंड्या, ट्रस्टी, देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट

मनोज पांडा ने सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।
“इतने बड़े पैमाने पर प्रभाव केवल सामूहिक प्रयास से ही संभव है। हर साथी और समर्थक के पास इस यात्रा में योगदान देने की शक्ति है।” — मनोज पांडा, विकास निदेशक
सीएसआर (CSR) भागीदारों ने भी सहयोग और स्थिरता पर अपने विचार साझा किए। स्वतंत्र माइक्रो हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन के चिराग परमार ने फाउंडेशन के नैतिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की:
“देसाई फाउंडेशन की सबसे खास बात समुदायों के साथ उनका गहरा जुड़ाव है। उनका तरीका स्थायी बदलाव के लिए एक ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ की तरह है।”
सुदर्शन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के महेश सी. डेरिया ने फाउंडेशन के मॉडलों की मजबूती पर बात की

The Desai Foundation has achieved a major milestone by reaching 12 million people across India-PNNwidth=

“देसाई फाउंडेशन की ताकत उसके मॉडलों के टिकाऊपन में है। ‘बाल संगिनी’ जैसी पहल यह सुनिश्चित करती है कि प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद भी समाज उस काम को आगे बढ़ाता रहे।”
कार्यक्रम का समापन ग्रामीण भारत में महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने और इस मिशन को और आगे ले जाने के संकल्प के साथ हुआ।

देसाई फाउंडेशन ट्रस्ट के बारे में

देसाई फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन (NGO) है जो ग्रामीण भारत में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, आजीविका और मासिक धर्म सुरक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए समर्पित है। पिछले 27 वर्षों की सफलता और 8 राज्यों में फैले अपने काम के साथ, फाउंडेशन लोगों को उनकी परिस्थितियों से ऊपर उठकर सपने देखने के काबिल बना रहा है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

Indianews Webdesk

Recent Posts

वाराणसी की इस मिठाई को मिला है GI टैग, स्वतंत्रता आंदोलन में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका, अनूठी है ‘तिरंगा बर्फी’ की कहानी

वाराणसी की विश्व-प्रसिद्ध तिरंगा बर्फी को इसकी विशिष्ट बनावट के कारण GI टैग प्रदान किया…

Last Updated: August 20, 2026 21:05:39 IST

Don 3 विवाद में नया मोड़, रणवीर सिंह के पिता पहुंचे IMPPA, 45 करोड़ के दावे पर दी अर्जी

Don 3: रणवीर सिंह की फिल्म 'डॉन 3' से बाहर होने के बाद विवाद लगातार…

Last Updated: August 20, 2026 21:02:02 IST

JITO प्रीमियर लीग के ब्रांड एंबेसडर बने सूर्यकुमार यादव, प्रतिभाशाली जैन क्रिकेटरों को मिलेगा मौका, श्रीलंका में आयोजित होगी लीग

भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को भारत की सबसे बड़ी सामुदायिक क्रिकेट लीग,…

Last Updated: August 20, 2026 20:35:58 IST

Who Is Mirza Fakhrul: तारिक रहमान के भरोसेमंद सहयोगी रह चुके हैं बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति, नए राजनीतिक बदलाव का संकेत

मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर 1990 के दशक की शुरुआत में इरशाद-विरोधी आंदोलन के दौरान BNP…

Last Updated: August 20, 2026 20:16:04 IST

अभिषेक बच्चन ने क्यों चुना गुलाबी शहर? पिंक पैंथर से क्या है नाता, बताया जयपुर कबड्डी टीम का कनेक्शन

Abhishek Bachchan: साल 2014 में अभिषेक बच्चन ने कबड्डी टीम खरीदी, जिसका नाम पिंक पैंथर…

Last Updated: August 20, 2026 21:03:11 IST