<
Categories: देश

Video: निधन की खबर सुनते ही अस्पताल की तरफ रोते हुए दौड़े लोग, बारामती मेडिकल कॉलेज में उमड़ा जनसैलाब; जानें इस जगह से किताना गहरा था अजित पवार का रिश्ता?

Ajit Pawar Baramati Connection: अजित पवार का बारामती से गहरा नाता था. उन्होंने 1991 में अपना पहला लोकसभा चुनाव बारामती सीट से ही जीता था.

Ajit Pawar: महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार का निधन हो गया है. बुधवार सुबह बारामती में उनका प्लेन क्रैश हो गया. प्लेन में अजित पवार समेत पांच लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि प्लेन लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ. क्रैश के बाद प्लेन टुकड़ों में टूट गया और पूरी तरह जल गया.

अजित पवार की मौत से बारामती में मातम का माहौल है. उनके सपोर्टर गमगीन हैं. खबर सुनते ही अजित पवार नहीं रहे.उनके सपोर्टर हॉस्पिटल पहुंचे. एक वीडियो सामने आया है जिसमें सपोर्टर हॉस्पिटल की तरफ भागते दिख रहे हैं. खबर के बाद बारामती मेडिकल कॉलेज में सपोर्टर की भीड़ जमा हो गई. प्लेन ने सुबह 9 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी और ठीक एक घंटे बाद बारामती में क्रैश हो गया. अजित पवार का वहां एक प्रोग्राम था.

अजित पवार और बारामती: तीन दशक का रिश्ता

  • अजित पवार का बारामती से गहरा कनेक्शन था. अजित पवार की पॉलिटिकल पहचान बारामती से जुड़ी हुई है, जिससे उन्हें इस इलाके में “दादा” (बड़े भाई) का पॉपुलर नाम मिला. उन्होंने 1991 में बारामती सीट से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता था. ससे बारामती के साथ उनका पॉलिटिकल जुड़ाव शुरू हुआ जो तीन दशकों से ज़्यादा चला.
  • महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली के अपने पहले चुनाव के बाद से, उन्होंने लगातार बारामती सीट को रिप्रेजेंट किया, लगातार आठ बार सीट जीती, सबसे हाल ही में 2024 के असेंबली चुनाव में, जो राज्य में एक रिकॉर्ड है.
  • बारामती सिर्फ़ एक चुनावी गढ़ से आगे बढ़कर उनके डेवलपमेंट मॉडल के लिए एक टेस्टिंग ग्राउंड बन गया, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, एजुकेशन और पब्लिक इंस्टीट्यूशन में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट किया गया.
  • उन्हें बारामती को एक “मॉडल चुनाव क्षेत्र” में बदलने का क्रेडिट दिया जाता है, जिसका अक्सर पूरे महाराष्ट्र में इसके प्लान्ड डेवलपमेंट के लिए ज़िक्र किया जाता है.
    अजित पवार का असर कोऑपरेटिव सेक्टर में, खासकर चीनी फैक्ट्रियों और ग्रामीण बैंकिंग नेटवर्क में गहरा था.
  • उन्होंने 16 साल (1991–2007) तक पुणे डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन के तौर पर काम किया, जिससे ज़मीनी स्तर पर उनका कंट्रोल और इंस्टीट्यूशनल दबदबा मज़बूत हुआ.
  • उन्होंने पिछले दो चुनाव 100,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीते हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव में अजित पवार ने अपने ही भतीजे युगेंद्र पवार को 100000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराया.
Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

Recent Posts

शादी के 9 साल भी ये भोजपुरी एक्ट्रेस नहीं बन पाईं मां, बेबी प्लानिंग पर भी की बात

भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा अपने करियर के साथ ही अपनी लाइफ के लिए भी चर्चा में…

Last Updated: March 10, 2026 23:09:31 IST

यूट्यूब वीडियो देख बदल डाली प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट; 12,000 कार्टन एक्सपायर्ड सामान बरामद, ऐसे फूटा भंडा!

YouTube से सीखा एक्सपायरी डेट बदलने का खेल! जयपुर में 1.5 लाख किलो सामान के…

Last Updated: March 10, 2026 23:02:03 IST

फ्रिज में रखा चावल, खाना सही है या हो सकता है नुकसान, बासी चावल कब तक सुरक्षित है

Stale Rice: फ्रिज में रखा चावल खाना सुरक्षित है या नहीं? दिन के बचे हुए…

Last Updated: March 10, 2026 22:34:19 IST

रोज केला खाने से क्या होता है? शरीर के किन हिस्सों को मिलता है फायदा, एक्सपर्ट ने बताया

Bananas Benefits: केला कई पोषक तत्वों से भरपूर फल होता है. रोज केला खाने से…

Last Updated: March 10, 2026 22:29:34 IST

दिल्ली में मशहूर यूट्यूबर और व्यापारी की संदिग्ध मौत: 31 वर्षीय आकाश का खाली प्लॉट में मिला शव, लाखों का कैश गायब!

मंडावली के मशहूर यूट्यूबर और व्यापारी आकाश की संदिग्ध मौत! घर से 1.5 लाख कैश…

Last Updated: March 10, 2026 22:18:03 IST

Rahul Bhatia Net Worth: कौन हैं राहुल भाटिया? इंडिगो के CEO के इस्तीफे के बाद संभाली कमान, शाहरुख के अंदाज में कहा ‘मैं हूं ना’!

Who is Rahul Bhatia: कौन हैं राहुल भाटिया? इंडिगो के संकटमोचक जिन्होंने CEO पीटर एल्बर्स…

Last Updated: March 10, 2026 21:24:31 IST