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Home > देश > एक परिवार ने बेंगलुरु-पेरू फ्लाइट पर 49 लाख रुपये किए खर्च, लेकिन एयरलाइन ने बोर्डिंग से कर दिया मना

एक परिवार ने बेंगलुरु-पेरू फ्लाइट पर 49 लाख रुपये किए खर्च, लेकिन एयरलाइन ने बोर्डिंग से कर दिया मना

Kempegowda International Airport Bengaluru: बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 8 यात्रियों को 49 लाख खर्च करने के बाद भी बोर्डिंग नहीं मिली. नियमों की अनदेखी पर कोर्ट ने अब KLM एयरलाइंस के CEO पर FIR के निर्देश दिए हैं, आखिर क्या है पूरा मामला?

Written By: Shivani Singh
Last Updated: April 14, 2026 20:11:55 IST

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Kempegowda International Airport Bengaluru: तमिलनाडु के एक परिवार के साथ जो हुआ वह किसी भी यात्री के लिए एक बुरे सपने जैसा है. बेंगलुरु से पेरू की सैर पर निकले इस परिवार के 8 सदस्यों ने करीब 49 लाख रुपये खर्च कर बिजनेस क्लास के टिकट बुक किए थे लेकिन आखिरी वक्त पर एयरलाइन ने उन्हें विमान में चढ़ने से ही रोक दिया. अब इस मामले में कर्नाटक की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस’ (KLM Royal Dutch Airlines) के सीईओ और सीओओ समेत कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.

आखिर क्या है पूरा मामला 

यह घटना 19 जून 2024 की है. एक मेडिकल संस्थान के चेयरमैन जे.एस. सतीशकुमार अपने परिवार के साथ बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे. वे समय से काफी पहले वहां पहुंच गए थे और शुरुआती औपचारिकताएं भी पूरी हो गई थीं. लेकिन घंटों इंतजार के बाद एयरलाइन ने अचानक यह कहकर उन्हें रोक दिया कि उनके पास वीजा नहीं है.

विवाद की असल वजह क्या है

एयरलाइन का दावा था कि परिवार के पास पेरू का वीजा नहीं है, इसलिए उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती. वहीं सतीशकुमार का कहना है कि केएलएम एयरलाइन के कर्मचारियों ने नियमों को समझने में बड़ी गलती की. 

चेयरमैन जे.एस.सतीशकुमार के मुताबिक उनके पास अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या शेंगेन देशों के वैध वीजा या रेजिडेंस परमिट थे. नियमों के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें अलग से पेरू के वीजा की जरूरत नहीं थी. परिवार का आरोप है कि एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही की वजह से उनकी पूरी ट्रिप बर्बाद हो गई. बात सिर्फ टिकट के पैसों की नहीं रही. सतीशकुमार का आरोप है कि इस विरोध के बाद एयरलाइन ने उन्हें संदिग्ध श्रेणी में डाल दिया. इसकी वजह से जब भी वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, तो उन्हें बार-बार पूछताछ और परेशानी का सामना करना पड़ता है. हाल ही में सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के दौरान भी उन्हें अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ा.

‘यह किसी के साथ भी हो सकता है’

सतीशकुमार ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ पैसों (मुआवजे) के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही के लिए है. उन्होंने कहा, ‘अगर आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है.’ 

फिलहाल केएलएम एयरलाइन ने इस अदालती आदेश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह मामला अब नागरिक उड्डयन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Written By: Shivani Singh
Last Updated: April 14, 2026 20:11:55 IST

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Kempegowda International Airport Bengaluru: तमिलनाडु के एक परिवार के साथ जो हुआ वह किसी भी यात्री के लिए एक बुरे सपने जैसा है. बेंगलुरु से पेरू की सैर पर निकले इस परिवार के 8 सदस्यों ने करीब 49 लाख रुपये खर्च कर बिजनेस क्लास के टिकट बुक किए थे लेकिन आखिरी वक्त पर एयरलाइन ने उन्हें विमान में चढ़ने से ही रोक दिया. अब इस मामले में कर्नाटक की एक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस’ (KLM Royal Dutch Airlines) के सीईओ और सीओओ समेत कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.

आखिर क्या है पूरा मामला 

यह घटना 19 जून 2024 की है. एक मेडिकल संस्थान के चेयरमैन जे.एस. सतीशकुमार अपने परिवार के साथ बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे. वे समय से काफी पहले वहां पहुंच गए थे और शुरुआती औपचारिकताएं भी पूरी हो गई थीं. लेकिन घंटों इंतजार के बाद एयरलाइन ने अचानक यह कहकर उन्हें रोक दिया कि उनके पास वीजा नहीं है.

विवाद की असल वजह क्या है

एयरलाइन का दावा था कि परिवार के पास पेरू का वीजा नहीं है, इसलिए उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती. वहीं सतीशकुमार का कहना है कि केएलएम एयरलाइन के कर्मचारियों ने नियमों को समझने में बड़ी गलती की. 

चेयरमैन जे.एस.सतीशकुमार के मुताबिक उनके पास अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या शेंगेन देशों के वैध वीजा या रेजिडेंस परमिट थे. नियमों के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें अलग से पेरू के वीजा की जरूरत नहीं थी. परिवार का आरोप है कि एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही की वजह से उनकी पूरी ट्रिप बर्बाद हो गई. बात सिर्फ टिकट के पैसों की नहीं रही. सतीशकुमार का आरोप है कि इस विरोध के बाद एयरलाइन ने उन्हें संदिग्ध श्रेणी में डाल दिया. इसकी वजह से जब भी वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, तो उन्हें बार-बार पूछताछ और परेशानी का सामना करना पड़ता है. हाल ही में सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के दौरान भी उन्हें अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ा.

‘यह किसी के साथ भी हो सकता है’

सतीशकुमार ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ पैसों (मुआवजे) के लिए नहीं, बल्कि जवाबदेही के लिए है. उन्होंने कहा, ‘अगर आज कार्रवाई नहीं हुई, तो कल यह किसी और के साथ भी हो सकता है.’ 

फिलहाल केएलएम एयरलाइन ने इस अदालती आदेश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह मामला अब नागरिक उड्डयन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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