Bengaluru Crime: एक दिल दहला देने वाली सामूहिक हत्या की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. राजाजीनगर पुलिस ने एक 45 साल के कैब ड्राइवर को अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह सदस्यों की बेरहमी से हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
संदिग्ध शेखर उर्फ इंदुशेखर ने कथित तौर पर भाष्यम सर्कल के पास अपने टेरेस अपार्टमेंट में दो दिनों में सोची-समझी हत्याएं कीं. पीड़ितों में उसकी पत्नी सुनीता (40), सास रूपावती, साले शिवकुमार और शंकर, साली दिव्या और नलिनी, और सात साल का पुनीत शामिल हैं.
ससुराल वालों को ठहराया दोषी
शादी के लगभग दो दशक बाद, सुनीता के श्रीरामपुरा में अपने परिवार से बार-बार मिलने को लेकर बढ़ते मनमुटाव के कारण इंदुशेखर ने अपनी ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए अपने ससुराल वालों को दोषी ठहराया. अपने अकेले टेरेस रूम का फ़ायदा उठाकर, उसने तरीके से मर्डर किए.
इस तरह करता था मर्डर
उसने सुनीता को चक्की के पत्थर से मारा, उसकी बॉडी चिक्काबल्लापुरा के पास फेंक दी, और कहा कि वह छुट्टी पर गई है, जबकि उसने अपना फ़ोन बंद कर लिया था. इसी तरह की कवर स्टोरीज़ का इस्तेमाल करके और उन्हें पार्टी की आड़ में बुलाकर, उसने सिस्टमैटिक तरीके से अपने साले, साली, सास और जवान पुनीत को चक्की के पत्थर से मार डाला.फिर उसने बॉडीज़ को ठिकाने लगाने से पहले केमिकल से सीन साफ़ करके फ़ोरेंसिक सबूत मिटाने की कोशिश की.
इस तरह खुला राज
जुर्म तब सामने आया जब नलिनी की मां ने 3 नवंबर को श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयानों की वजह से पुलिस ने उसके घर की जांच की, जहां इंदुशेखर ने आखिरकार अपना गुनाह कबूल कर लिया.जॉइंट कमिश्नर वामशी कृष्णा और DCP नॉर्थ नेमागौड़ा समेत सीनियर अधिकारियों ने केस की जाँच की निगरानी के लिए तीन ACP की एक स्पेशल टीम बनाई.नंदी हिल्स में सर्च ऑपरेशन के बाद, पुलिस ने पुनीत की बॉडी बरामद की और बाकी पीड़ितों की बॉडी ढूंढने के लिए ऑपरेशन जारी है.