<
Categories: देश

अटल से नबीन युग तक: 45 साल और 12 दिग्गज! यहां देखें कब-कब और किसे मिली BJP अध्यक्ष की कमान, अब टूटा यह अनोखा रिकॉर्ड

अटल से नबीन तक: BJP के 45 साल और 12 दिग्गज! जानें कब-कब किसने संभाली पार्टी की कमान और नितिन नबीन ने कौन सा ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ा. यहां देखें पूरी लिस्ट.

BJP National President list: बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन पेपर सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक भरे गए। इस पद के लिए नितिन नबीन अकेले उम्मीदवार हैं. इसलिए, बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर उनका चुनाव पक्का है. आधिकारिक घोषणा मंगलवार यानी आज प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में की जाएगी. भारतीय जनता पार्टी के 45 साल के राजनीतिक इतिहास में, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं ने पार्टी का नेतृत्व किया है. अब तक 11 राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजेपी की सेवा कर चुके हैं, और नितिन नवीन 12वें अध्यक्ष होंगे. वह पार्टी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन-कौन रहे हैं?

भारतीय जनता पार्टी का गठन 1980 में हुआ था. 45 साल पहले, जब जनता पार्टी भारतीय जनता पार्टी में बदली, तो शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि पार्टी इस स्तर की प्रसिद्धि और सफलता तक पहुंचेगी. जनसंघ से बीजेपी तक, अटल युग से मोदी युग तक, नितिन नबीन बीजेपी के 12वें अध्यक्ष होंगे. अपनी 45 साल की राजनीतिक यात्रा में, बीजेपी ने कई दौर देखे हैं. इसने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, शून्य से सफलता के शिखर तक का सफर तय किया है.

6 अप्रैल, 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विजयाराजे सिंधिया और सिकंदर बख्त जैसे नेताओं ने जनता पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का गठन किया. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया. अटल बिहारी वाजपेयी को बीजेपी का पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. 1980 से 1986 तक अटल बिहारी वाजपेयी ने बीजेपी का नेतृत्व किया.

लाल कृष्ण आडवाणी (1986-1990, 1993-1998, 2004-2005)

आडवाणी ने सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया. अपने अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान, उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया और राम रथ यात्रा (1990) के माध्यम से पार्टी को हिंदुत्व की मुख्यधारा में लाए. उन्होंने 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में NDA की जीत में अहम भूमिका निभाई. बाद में, वह उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने.

मुरली मनोहर जोशी (1991-1993)

जोशी ने पार्टी के अंदर हिंदुत्व विचारधारा को मज़बूत किया. उन्होंने आडवाणी के साथ राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने शिक्षा सुधारों में पश्चिमीकरण का विरोध किया और पार्टी के अंदर RSS से जुड़े सिद्धांतों को स्थापित किया। बाद में वह देश के मानव संसाधन विकास मंत्री बने.

4. कुशाभाऊ ठाकरे (1998-2000)

ठाकरे ने 1998 में NDA गठबंधन की जीत सुनिश्चित की. उन्होंने ग्रामीण इलाकों में पार्टी की पहुंच और संगठनात्मक ढांचे के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया. RSS के साथ उनके लंबे जुड़ाव ने पार्टी की जड़ों को मज़बूत किया.

5. बंगारू लक्ष्मण (2000-2001)

लक्ष्मण दलित समुदाय से पहले पार्टी अध्यक्ष बने। उन्होंने पार्टी को सामाजिक रूप से अधिक समावेशी बनाने की कोशिश की. हालांकि, एक स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े जाने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

6. के. जना कृष्णमूर्ति (2001-2002)

कृष्णमूर्ति ने संगठनात्मक सुधारों पर ज़ोर दिया और पार्टी को मज़बूत किया। उन्होंने दक्षिण में आंध्र प्रदेश में पार्टी को मज़बूत किया.

7. वेंकैया नायडू (2002-2004)

उन्होंने 2004 के चुनावों से पहले NDA को एकजुट रखा. उन्होंने संसदीय रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया.

8. नितिन गडकरी (2010-2013)

वह सबसे कम उम्र के पार्टी अध्यक्ष बने. उन्होंने बुनियादी ढांचे और आर्थिक नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने 2014 के चुनावों से पहले पार्टी में नई जान फूंकी. बाद में वह सड़क परिवहन मंत्री बने.

9. राजनाथ सिंह (2005-2009, 2013-2014)

राजनाथ सिंह ने 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को PM उम्मीदवार घोषित किया. उन्होंने पार्टी को युवाओं पर केंद्रित और डिजिटल रूप से सक्षम संगठन में बदल दिया. बाद में उन्होंने PM मोदी के पहले कार्यकाल में गृह मंत्री और फिर रक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया.

10. अमित शाह (2014-2017, 2017-2020)

अमित शाह का कार्यकाल बीजेपी का सुनहरा दौर माना जाता है क्योंकि इस दौरान पार्टी राज्य स्तर से लेकर बूथ स्तर तक बहुत मज़बूत हुई, और पार्टी कार्यकर्ताओं की संख्या में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई. पार्टी का विस्तार राष्ट्रीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक हुआ. उनके कार्यकाल में बीजेपी ने कई चुनाव जीते, जिसमें उत्तर प्रदेश चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव शामिल हैं, जिन्हें पार्टी ने बड़े अंतर से जीता. उन्होंने 2014 और 2019 के ऐतिहासिक लोकसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाई. उन्होंने पार्टी को सबसे बड़ी राजनीतिक मशीन में बदल दिया, राज्य स्तर पर पार्टी का विस्तार किया, बूथ स्तर पर संगठन को मज़बूत किया, और पार्टी को केंद्रीकृत किया। बाद में वह गृह मंत्री बने.

11. जगत प्रकाश नड्डा (2020-वर्तमान)

मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने कार्यकाल में बीजेपी को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं, जिसमें हाल के बिहार चुनाव (बड़े अंतर से जीते), 2024 के लोकसभा चुनाव, दिल्ली चुनाव और उत्तर प्रदेश चुनाव शामिल हैं. नड्डा ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पार्टी को बढ़ावा दिया. नड्डा ने समय-समय पर पार्टी के अंदर कई बदलाव भी किए, जिससे यह और मज़बूत हुई. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 से ज़्यादा सीटें जीतीं. उन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान पार्टी को संभाला. उन्होंने पार्टी को मज़बूत किया.

नितिन नबीन ने तोड़ा रिकॉर्ड

नितिन नबीन को पहले जेपी नड्डा की जगह कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, और अब उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा रहा है. नितिन नबीन सिर्फ 45 साल के हैं. उन्हें यह ज़िम्मेदारी देकर पार्टी ने यह दिखाया है कि BJP भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए नई लीडरशिप तैयार कर रही है. इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 साल की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी. उनसे पहले नितिन गडकरी 52 साल की उम्र में अध्यक्ष बने थे. इतिहास में, जनसंघ के समय अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी कम उम्र में अध्यक्ष बने थे. इस फैसले से BJP ने युवाओं को साफ संदेश दिया है कि पार्टी में उम्र कोई रुकावट नहीं है.

सामाजिक नज़रिए से, नितिन नबीन कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिनकी संख्या चुनावी राजनीति में निर्णायक नहीं मानी जाती. इसके बावजूद, उन्हें पार्टी का सबसे बड़ा पद देना यह दिखाता है कि BJP लीडरशिप चुनने में जातिगत बातों के बजाय संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक समझ को प्राथमिकता दे रही है. यह दिखाता है कि एक समर्पित कार्यकर्ता जो ज़मीन से जुड़ा है, संगठन को समझता है, और चुनावी चुनौतियों से वाकिफ है, वह टॉप पर पहुंच सकता है.

Shivani Singh

नमस्ते, मैं हूँ शिवानी सिंह. पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के सफर में हूं और वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में सब-एडिटर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रही हूं. मेरा मानना है कि हर खबर के पीछे एक कहानी होती है और उसे सही ढंग से कहना ही एक पत्रकार की असली जीत है. chakdecricket, Bihari News, 'InKhabar' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में सब-एडिटर और एंकर की भूमिका निभाने के बाद, अब मैं अपनी लेखनी के जरिए आप तक पॉलिटिक्स, क्रिकेट और बॉलीवुड की बड़ी खबरों को डिकोड करती हूं. मेरा उद्देश्य जटिल से जटिल मुद्दे को भी सहज और सरल भाषा में आप तक पहुंचाना है.

Recent Posts

पीएम मोदी के 12 साल: स्वामित्व योजना के दूसरे चरण में गुजरात नंबर 1, देश के आधे से अधिक प्रॉपर्टी कार्ड गुजरात में बने

पीएम मोदी के 12 साल: स्वामित्व योजना के दूसरे चरण में गुजरात नंबर 1, देश…

Last Updated: June 13, 2026 18:32:54 IST

370 की बिरयानी विवाद के बीच प्रणित मोरे के बचाव में आईं कुनिका सदानंद, बोलीं- उम्मीद है लोग उन्हें माफ कर देंगे

Pranit More: स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे इन दिनों 370 रुपये की बिरयानी को लेकर विवादों…

Last Updated: June 13, 2026 17:30:40 IST

विश्व पर्यावरण दिवस पर पी. जे. सखिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने सरथाणा नेचर पार्क में लगाए पौधे

सूरत (गुजरात) [भारत], 4 जून: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सखिया स्किन क्लिनिक द्वारा…

Last Updated: June 13, 2026 16:52:14 IST

एनआईएफ ग्लोबल सूरत का भव्य फैशन शो: भारतीय हस्तशिल्प और आधुनिक डिजाइन का शानदार संगम

लैक्मे फैशन वीक में लॉन्च हो चुकी कलेक्शन ने बढ़ाई शो की भव्यता, 11 सीक्वेंस…

Last Updated: June 13, 2026 17:50:57 IST

IND vs PAK: टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान की महाजंग, जानिए मैच से जुड़ी हर डिटेल्स

Women's T20 World Cup 2026: 14 जून को भारत और पाकिस्तान के बीच विमेंस टी20…

Last Updated: June 13, 2026 15:04:59 IST

WWE: कौन हैं चेल्सा ग्रीन? दिल की बीमारी से लड़ रही, कितनी संपत्ति की हैं मालिक?

Chelsea Green: WWE सुपरस्टार चेल्सी ग्रीन को दिल की बीमारी है. हाल में ही उन्होंने…

Last Updated: June 13, 2026 10:52:28 IST