नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में दो दिवसीय BRICS सम्मेलन 2026 का शानदार आयोजन किया जा रहा है, जहां 11 देशों से आए दिग्गज वैश्विक नेता और राष्ट्राध्यक्ष एक मंच पर जुटे हैं. सम्मेलन के पहले दिन की बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण बैठकों के बाद, शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में एक भव्य गाला डिनर (Gala Dinner) का आयोजन किया गया.
इस खास शाम को यादगार बनाने के लिए भारत के समृद्ध स्वाद और विविधता से भरपूर व्यंजनों की एक खास श्रृंखला पेश की गई. उत्तर से लेकर दक्षिण तक, देश के हर कोने की पारंपरिक पाक कला और खास जायकों से डिनर टेबल को सजाया गया. इस शाम की मुख्य खासियत भारत के अलग-अलग राज्यों का पारंपरिक शाकाहारी खाना और 100 से अधिक कलाकारों द्वारा पेश किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा.
आइए जानते हैं कि BRICS नेताओं के इस शाही गाला डिनर के मेन्यू में क्या-क्या खास शामिल रहा…
डिनर मेन्यू में क्या था खास?
इस स्पेशल डिनर में देश के हर कोने से जुड़े पारंपरिक स्वादों को आधुनिक तरीके से पेश किया गया:
स्टार्टर्स (Starters)
खांडवी मिल-फॉय (Khandvi Mille – Feuille): सरसों, नारियल और करी पत्ते के तड़के वाली बेसन की रोल, जिसे केसर आम, माइक्रो-ग्रीन्स और दही की ड्रेसिंग के साथ परोसा गया.
खुंब गलौटी (Khumb Galouti): शीरमाल रोटी पर परोसी गई तवे पर भुनी हुई मशरूम कबाब, जिसके साथ पुदीने की ड्रॉप्स दी गईं.
मेन कोर्स (Main Course)
पनीर लबाबदार (Paneer Lababdar): छोटे प्याज़ (शैलॉट्स) और टमाटर की गाढ़ी ग्रेवी में पकाया गया नरम पनीर.
गुच्छी मार्मिक (Gucchi Marmik): केसर, किशमिश और मामरा बादाम के साथ हल्की आंच पर पकाई गई हिमालयन गुच्छी (मशरूम) और ताजी एस्परैगस.
कैरेट बीन पोरियल (Carrot Bean Poriyal): हाथ से निकाले गए नारियल तेल, दक्षिण भारतीय मसालों और ताजे कद्दूकस नारियल के साथ भुनी हुई गाजर और बीन्स.
तक्कली बेले सारू (Thakkali Belle Saaru): ताजे टमाटर और करी पत्ते से तैयार अरहर की दाल का हल्का सूप.
मिलेट पुलाव (Millet Pulao): सुगंधित बासमती चावल और बाजरे को मसालों व मौसमी जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर बनाया गया पुलाव.
चुकंदर रायता (Beetroot Raita): चुकंदर और ताजी जड़ी-बूटियों वाला ठंडा दही.
विभिन्न प्रकार की भारतीय रोटियां (Assorted Indian Breads)
डेज़र्ट (Dessert)
ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी (Old Delhi Fruit Cream with Jalebi): कुरकुरी जलेबी के साथ मौसमी फल और हल्की फेंटी हुई क्रीम.
शहतूत फिरनी (Shahtoot Phirni): दूध और चावल से धीमी आंच पर पकाई गई फिरनी, जिसके ऊपर मीठे शहतूत और सोने का वर्क लगाया गया.
BRICS Summit | Menu of the gala dinner hosted by Prime Minister Narendra Modi at Bharat Mandapam in Delhi pic.twitter.com/WSQnxIG0hZ
— ANI (@ANI) September 12, 2026
दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ मशरूम डिश
डिनर टेबल पर परोसी गई एक ऐसी रहस्यमयी और बेहद कीमती डिश गुच्छी मार्मिक थी. इस डिश की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल होने वाली हिमालयन गुच्छी (Himalayan Morel Mushroom) है. यह कोई आम मशरूम नहीं है, बल्कि दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ सब्जियों में गिनी जाती है.
‘ब्रिक्स सिंफनी’ का सांस्कृतिक प्रदर्शन
डिनर के दौरान इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) द्वारा ‘ब्रिक्स सिंफनी’ नाम से एक खास सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. इसमें करीब 160 कलाकारों ने हिस्सा लिया. भारतीय कलाकारों ने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुति दी. इसके साथ ही भारतीय और अन्य ब्रिक्स देशों के संगीतकारों ने मिलकर पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाए.
ब्रिक्स गाला डिनर क्या है?
ब्रिक्स गाला डिनर एक औपचारिक कार्यक्रम (रिसेप्शन) है, जिसकी मेज़बानी ब्रिक्स की अध्यक्षता करने वाला देश करता है. यह समिट के पहले दिन की शाम को आयोजित किया जाता है. हालाँकि, यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक औपचारिक खाने से कहीं ज़्यादा है; यह ब्रिक्स नेताओं को आधिकारिक बैठकों से हटकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अनौपचारिक बातचीत और कूटनीति का मौका देता है. दिन भर की औपचारिक कार्यवाही के बाद गाला डिनर एक सुकून भरा माहौल देता है, जिससे नेता अनौपचारिक रूप से बातचीत कर सकते हैं, विचार साझा कर सकते हैं और आपसी संबंध बना सकते हैं. इन व्यक्तिगत मुलाकातों के दौरान, नेता ऐसे संवेदनशील विषयों पर चर्चा कर सकते हैं जिन पर औपचारिक सत्रों में बात करना मुश्किल हो सकता है. डिनर में परोसे जाने वाले खाने, कला, संगीत और मेहमाननवाज़ी के ज़रिए, मेज़बान देश अंतरराष्ट्रीय नेताओं के सामने अपनी संस्कृति और वैश्विक नज़रिए को पेश करता है.
पहले दिन के प्रमुख फैसले
डिनर से पहले सम्मेलन के पहले दिन कई महत्वपूर्ण नीतियां और निर्णय सामने आए:
- नई दिल्ली घोषणापत्र: सम्मेलन के पहले दिन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) को अपनाया गया.
- वैश्विक सुधार का रोडमैप: पीएम मोदी ने वैश्विक प्रशासन में सुधार के लिए 10 सूत्रीय रोडमैप पेश किया.
- नाविकों के लिए पहल: वैश्विक संकटों में फंसे नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने का आह्वान किया गया.
- पर्यावरण और तकनीक: नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ का दौरा किया और परिसर के लॉन में पौधे लगाए.
गौरतलब है कि भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली है. इस बार की थीम ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है. यह साल ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने का भी प्रतीक है.