Indira Gandhi Emergency: आपातकाल के दौरान देवेंद्र फडणवीस के पिता गंगाधरराव को गिरफ्तार कर लिया गया था. देवेंद्र फडणवीस इस दौरान ‘इंदिरा कॉन्वेंट स्कूल’ में पढ़ रहे थे. जिसके विरोध में उन्होंने इस स्कूल को छोड़ने का फैसला लिया था.
इमरजेंसी में पिता की गिरफ्तारी के विरोध में देवेंद्र फडणवीस ने इंदिरा कॉन्वेंट स्कूल छोड़ दिया था.
Political Kissa: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी लीडरशिप और राजनीतिक सूझबूझ के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, उनकी जवानी का एक अहम वाकया उनकी शुरुआती राजनीतिक जागरूकता पर रोशनी डालता है. बात 1970 के दशक की है. जब देवेंद्र फडणवीस ने भारत में इमरजेंसी के दौरान अपने स्कूल ‘इंदिरा कॉन्वेंट’ को छोड़ने का फैसला लिया. पूरा मामला क्या है? आखिर देवेंद्र फडणवीस ने इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा फैसला क्यों लिया? आइए पूरा मामला समझते हैं.
दरअसल, 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत में इमरजेंसी लगा दी थी. इस दौरान फडणवीस के पिता गंगाधरराव, जो जनता पार्टी के एक जाने-माने कार्यकर्ता थे. उनको गिरफ्तार कर लिया गया था.
जब देवेंद्र फडणवीस के पिता गंगाधर राव को इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तार किया गया तो अपने पिता की जेल और उस समय के राजनीतिक माहौल से गहरे तौर पर प्रभावित होकर फडणवीस ने विरोध जताने के लिए अपने स्कूल इंदिरा कॉन्वेंट को छोड़ने का फ़ैसला किया. बताया जाता है कि उन्होंने स्कूल इसलिए नहीं छोड़ा था कि उन्हें पढ़ाई में कोई दिक्कत थी, बल्कि इसलिए छोड़ा था क्योंकि स्कूल का नाम इंदिरा गांधी के नाम पर था, जिनके कामों का वह ज़ोरदार विरोध करते थे. स्कूल छोड़ने का उनका फैसला उनकी बढ़ती राजनीतिक चेतना और उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता के असर को दिखाता था.
फडणवीस एक ऐसे परिवार से आते थे जो राजनीति में काफी सक्रिय था और जिसके भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहरे रिश्ते थे. उनके पिता विधान परिषद के सदस्य रह चुके थे और उनकी बुआ शोभा फडणवीस, बीजेपी-शिवसेना की पहली सरकार में कैबिनेट मंत्री थीं. इस पारिवारिक पृष्ठभूमि ने कम उम्र से ही फडणवीस के राजनीतिक मूल्यों को गढ़ने में मदद की.
इंदिरा कॉन्वेंट छोड़ने के अपने फैसले के बाद फडणवीस ने दूसरे संस्थानों में अपनी पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने क़ानून की डिग्री, बिज़नेस मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री और बर्लिन से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में डिप्लोमा हासिल किया है. अपनी पूरी जवानी के दौरान वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहे और बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में शामिल हो गए. बाद में वह बीजेपी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में एक नेता बन गए. फिलहाल वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं.
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