Indian Airlines: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को एक निर्देश को निलंबित कर दिया. इस निर्देश के तहत एयरलाइंस को किसी भी फ़्लाइट में कम से कम 60% सीटें यात्रियों को बिना किसी सीट-चयन शुल्क के चुनने की अनुमति देनी थी. यह नियम यात्रियों के अधिकारों को बढ़ावा देने की पहल के तहत घोषित किए जाने के तीन हफ़्ते से भी कम समय में वापस ले लिया गया.
केंद्र ने 60% मुफ़्त फ़्लाइट सीट आवंटन का आदेश वापस ले लिया।
Indian Airlines: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को एक निर्देश को निलंबित कर दिया. इस निर्देश के तहत एयरलाइंस को किसी भी फ़्लाइट में कम से कम 60% सीटें यात्रियों को बिना किसी सीट-चयन शुल्क के चुनने की अनुमति देनी थी. यह नियम यात्रियों के अधिकारों को बढ़ावा देने की पहल के तहत घोषित किए जाने के तीन हफ़्ते से भी कम समय में वापस ले लिया गया. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि यह प्रावधान अगले आदेश तक निलंबित रहेगा, जब तक कि इस मुद्दे की पूरी तरह से जाँच नहीं हो जाती. यह बात 2 अप्रैल को नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) को लिखे एक पत्र में कही गई.
मंत्रालय ने कहा कि यह फ़ैसला ‘फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन एयरलाइंस’ और ‘अकासा एयर’ के अनुरोधों के बाद लिया गया. इन संगठनों ने इस नियम के हवाई किराए की संरचना पर पड़ने वाले संभावित असर और भारत की ‘अनियंत्रित किराया व्यवस्था’ के साथ इसकी अनुकूलता को लेकर चिंता जताई थी. सरकार ने अलग से यह भी घोषणा की कि वो घरेलू उड़ानों के लिए एविएशन टर्बाइन फ़्यूल की कीमतों में होने वाली मासिक बढ़ोतरी को 25% तक सीमित कर देगी. ऐसा लगता है कि ये दोनों कदम तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण हवाई मार्गों पर लगी पाबंदियों से पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल से निपटने के लिए उठाए गए हैं.
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17 मार्च को जारी मूल सर्कुलर में सभी निर्धारित एयरलाइंस को निर्देश दिया गया था कि वो हर फ़्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी चयन शुल्क के आवंटित करें. साथ ही, एक ही बुकिंग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ, और हो सके तो आस-पास की सीटों पर ही बिठाया जाए. मंत्रालय ने इन उपायों को यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और पूरे सेक्टर में एक समान कार्यप्रणाली लागू करने की दिशा में एक कदम बताया था. गुरुवार को जारी आदेश से 17 मार्च के सर्कुलर के अन्य प्रावधानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. DGCA को निर्देश दिया गया है कि वह एक ही PNR पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बिठाने, खेल के सामान, वाद्य यंत्रों और पालतू जानवरों को ले जाने के लिए पारदर्शी नीतियां बनाने, और लागू होने वाले शुल्कों की स्पष्ट जानकारी देने से जुड़े नियमों को लागू करना जारी रखे.
भारतीय एयरलाइंस फ़िलहाल ‘वेब चेक-इन’ के दौरान सीट चुनने के लिए अतिरिक्त शुल्क लेती हैं. किसी भी सामान्य फ़्लाइट में केवल 5% से 15% सीटें ही ऐसी होती हैं, जिनके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता. हवाई जहाज़ के आगे की तरफ़ वाली सीटों और खिड़की वाली सीटों के लिए आमतौर पर ज़्यादा किराया वसूला जाता है.
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