India News (इंडिया न्यूज),False Bomb Threat:पिछले कई दिनों से इंडियन एयरलाइंस को मिल रहे धमकी भरे कॉल के मामले में सोमवार को जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सोशल मीडिया कंपनियों ने धमकी भरे अकाउंट के बारे में सरकार से विस्तृत जानकारी साझा की है। इस मामले में मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को कड़ी चेतावनी जारी कर धमकी भरे अकाउंट के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके बाद कंपनियों ने मंत्रालय को पूरा ब्योरा मुहैया करा दिया है। केंद्रीय मंत्रालय सोशल मीडिया से मिले पूरे डेटा की समीक्षा कर रहा है।
शनिवार को केंद्र सरकार ने इस मामले में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत विमान को बम से उड़ाने की गलत सूचना को हटाने या ब्लॉक करने के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का यह दायित्व भी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म के किसी भी यूजर द्वारा किए गए ऐसे किसी भी अपराध की शिकायत अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं, जिससे भारत की एकता, अखंडता, संप्रभुता या सुरक्षा को खतरा हो। डार्क वेब के इस्तेमाल का संदेह जांच एजेंसियों को संदेह है कि धमकाने के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक की जांच में पता चला है कि धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट देश के बाहर से संचालित किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने जब अकाउंट के आईपी एड्रेस को ट्रैक किया तो पता चला कि इन्हें लंदन और फ्रांस से ऑपरेट किया जा रहा है।
BOMB THREAT
एयरलाइंस को मिली धमकियों में सबसे ज्यादा फेसबुक और एक्स का इस्तेमाल किया गया है। जांच में पता चला है कि धमकी देते समय मास्क और वीपीएन का इस्तेमाल किया गया है। एक्स और फेसबुक अकाउंट बनाने के लिए फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया है।
पिछले 13 दिन में 300 से ज्यादा धमकियां मिली हैं जिनमें कहा गया है कि एयरलाइंस को बम से उड़ा दिया जाएगा। सभी धमकियां सोशल मीडिया के जरिए दी जाती हैं, इसलिए उन्हें ट्रेस करना मुश्किल होता है। इन धमकियों की वजह से एयरलाइन कंपनियों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।