AI Robot Home Delivery: भारत ने रचा इतिहास! गुरुग्राम में शुरू हुई दुनिया की पहली ऐसी डिलीवरी सर्विस, जहां न इंसान की ज़रूरत है न ट्रैफिक का डर. क्या है यह 'जय-वीरू' की जोड़ी?
गुरुग्राम में दुनिया का पहला डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम
Drone Delivery: गुरुग्राम अब सिर्फ़ एक साइबर सिटी नहीं, बल्कि भविष्य का शहर है, जहाँ दुनिया का पहला डोरस्टेप डिलीवरी सिस्टम होगा. ऐसा सिस्टम जिसमें न डिलीवरी बॉय की ज़रूरत होगी और न ही ट्रैफिक का डर... बल्कि आसमान से ड्रोन और ज़मीन पर AI रोबोट मिलकर आपके दरवाज़े तक सामान पहुँचाएँगे. इस हाई-टेक सर्विस की शुरुआत गुरुग्राम के सेक्टर 102 में द्वारका एक्सप्रेसवे पर बने स्काईपोर्ट से हुई, जहाँ भारत की स्काईएयर ड्रोन और एक अमेरिकी कंपनी ने मिलकर यह अनोखी पहल शुरू की है. इस सर्विस में, एक ड्रोन स्काईपोर्ट से 10 kg तक का सामान उड़ाकर सोसायटी के अराइवल बॉक्स तक पहुँचाएगा, और फिर AI रोबोट उन सामानों को सीधे आपके घर या ऑफिस के दरवाज़े तक पहुँचाएगा. यह ड्रोन-रोबोट की जोड़ी बिल्कुल शोले फ़िल्म के जय और वीरू की तरह काम करेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि यह टेक्नोलॉजी गिग वर्कर्स पर तेज़ी से डिलीवरी करने का दबाव भी कम करेगी. इस पहल से भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि टेक्नोलॉजी के मामले में हम अब सिर्फ़ फिसड्डी नहीं हैं, बल्कि एक ऐसा देश हैं जो सबसे आगे है.
स्काई एयर मोबिलिटी के CEO अंकित कुमार ने कहा, 'हम इस फील्ड में भारत की पहली कंपनी हैं. हमने पिछले ढाई साल में 3.6 मिलियन डिलीवरी पूरी की हैं.' अंकित कुमार ने कहा कि इससे लगभग 1,000 टन कार्बन एमिशन (CO2) बचा है. उन्होंने आगे कहा, 'आगे चलकर, हम और जगहों और शहरों में इसे बढ़ाने और इस पहल को और बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं. जैसा कि हमने आज AI इम्पैक्ट समिट में बताया, नैस्डैक-लिस्टेड अमेरिकी कंपनी अराइव AI और ऑटोनॉमी के साथ हमारी पार्टनरशिप एक बड़ा कदम है. आज, आप यह भी देखेंगे कि इस फिजिकल AI को असल दुनिया में कैसे लागू किया जा रहा है. एक ड्रोन अराइव पॉइंट पर पोर्ट पर एक पैकेज पहुंचाता है, और वहां से, एक रोवर पैकेज इकट्ठा करके सीधे कंज्यूमर तक पहुंचाता है.'
इस नेटवर्क में चार मुख्य हिस्से हैं. पहला है स्काई पोर्ट, यहीं से ड्रोन उड़ान भरते हैं. दूसरा है स्काई शिप, जो वही ड्रोन है जो हवा से सामान को तय जगह तक पहुंचाता है. तीसरा हिस्सा है अराइव पॉइंट. यह एक तरह का स्मार्ट बॉक्स है, जो सेफ जितना ही सिक्योर है. ड्रोन इस बॉक्स में सामान रखता है. चौथा हिस्सा है ऑटोबॉट्स। ये छोटे रोबोट होते हैं जो स्मार्ट बॉक्स से सामान निकालकर सीधे कस्टमर के घर तक पहुंचाते हैं. ये रोबोट घर के अंदर और बाहर दोनों जगह आसानी से घूम सकते हैं. इसका मतलब है कि सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए इंसानों की ज़रूरत नहीं है. पूरा प्रोसेस AI और रोबोट की मदद से ऑटोमैटिकली ऑपरेट होता है.
नई दिल्ली डिक्लेरेशन के साथ खत्म हुए AI इम्पैक्ट समिट के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस देसी इनोवेशन की तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को पहचान रही है और हमारे युवाओं की यह सोच पूरी इंसानियत के लिए गेम-चेंजर साबित होगी.
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