Sheshnaag-150: जैसे-जैसे वेस्ट एशिया और यूरोप में युद्ध सस्ते, लंबी दूरी के ड्रोन की क्षमता साबित कर रहे हैं, भारत चुपचाप बिना पायलट वाले हमलावर हथियारों का अपना ज़खीरा बना रहा है.
शेषनाग 150
Sheshnaag-150: जैसे-जैसे वेस्ट एशिया और यूरोप में युद्ध सस्ते, लंबी दूरी के ड्रोन की क्षमता साबित कर रहे हैं, भारत चुपचाप बिना पायलट वाले हमलावर हथियारों का अपना ज़खीरा बना रहा है. जबकि ईरान, इज़राइल और US के बीच चल रहे युद्धों में घूमने वाले हथियारों का इस्तेमाल सबसे ज़्यादा है. भारत चुपचाप इस हथियार का एक देसी वर्शन बना रहा है, जिसे शेषनाग-150 कहा जाता है. यह एक लंबी दूरी का ड्रोन है जिसे टारगेट पर हमला करने से पहले घूमने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
यह युद्ध के एक नए स्टाइल में भारत की एंट्री को दिखाता है, जो दुनिया भर में युद्ध के मैदानों को बदल रहा है. यह सटीक हमलों का एक तरीका है, जो काफ़ी सस्ते, इस्तेमाल किए जा सकने वाले और बिना पायलट वाले ड्रोन से किए जाते हैं.
शेषनाग-150 एक लंबी दूरी का घूमने वाला हथियार है, जिसे आम तौर पर ‘सुसाइड ड्रोन’ या ‘कामिकेज़ ड्रोन’ कहा जाता है. आम मिसाइलों के उलट जो एक तय टारगेट तक पहुंचने के लिए एक तय रास्ते पर चलती हैं, घूमने वाले हथियार टारगेट पर लॉक होने से पहले एक तय टारगेट एरिया के ऊपर मंडरा सकते हैं और फिर उसे खत्म करने के लिए उसमें गोता लगा सकते हैं. शेषनाग-150 में ‘150’ का मतलब है वह रेंज जिस पर यह हथियार अपने टारगेट पर हमला कर सकता है. यानी 150 किलोमीटर इस तरह पायलटों और ज़मीनी सेना को खतरे में डाले बिना बॉर्डर के पार के टारगेट को हिट कर सकता है.
हाल की लड़ाइयों से पता चला है कि मिलिट्री इकोनॉमिक्स में एक बड़ा बदलाव हो रहा है. उदाहरण के लिए पश्चिम एशिया में ईरान के सपोर्ट वाली सेनाएं और दूसरे लोग हज़ारों सस्ते ड्रोन इस्तेमाल कर रहे हैं. उनका मुकाबला करने के लिए अक्सर हाई-एंड एयर डिफेंस मिसाइलों का इस्तेमाल करना जरूरी होता है जो ड्रोन से कई गुना ज़्यादा महंगी होती हैं. इससे आखिरकार अच्छी-खासी फंडिंग वाली मिलिट्री भी खत्म हो सकती है.
शेषनाग-150 के लिए भारत का ज़ोर यह दिखाता है कि भविष्य की लड़ाइयां सिर्फ़ फायरपावर से नहीं, बल्कि एंड्योरेंस से तय हो सकती हैं. कौन ड्रोन ऑपरेशन को ज़्यादा समय तक और कम लागत पर चला सकता है?
1. डीप स्ट्राइक कैपेबिलिटी: इसकी 150 km की रेंज के साथ, इसका इस्तेमाल मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेंटर, या ऐसे स्ट्रेटेजिक टारगेट पर हमला करने के लिए किया जा सकता है जो फ्रंटलाइन पर नहीं हैं.
2. स्वदेशी डेवलपमेंट: अभी सर्विस में मौजूद कई दूसरे इम्पोर्टेड ड्रोन के उलट, शेषनाग-150 को स्वदेशी रूप से डेवलप किया जा रहा है, जो डिफेंस सेक्टर में हाल ही में आत्मनिर्भरता पर दिए जा रहे ज़ोर के मुताबिक है.
3. बैटलफील्ड वर्सेटिलिटी: घूमने-फिरने की क्षमता मिलिट्री को हमला करने के लिए सही समय का इंतज़ार करने देगी, चाहे वह चलता-फिरता काफिला हो, रडार इंस्टॉलेशन हो या टेम्परेरी फैसिलिटी हो.
4. कॉस्ट-इफेक्टिव डिटरेंट: ऐसे हथियारों की तैनाती से भारत को सिर्फ महंगी लंबी दूरी की मिसाइलों पर निर्भर रहने से छुटकारा मिलेगा.
भारत अभी कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसमें चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद और पाकिस्तान के साथ अस्थिर लाइन ऑफ़ कंट्रोल शामिल हैं. यह फिर से हाइब्रिड और ड्रोन युद्ध के लिए तैयार रहने की ज़रूरत को दिखाता है. इस मामले में शेषनाग-150 भारत की मिसाइल डिफेंस स्ट्रैटेजी में एक नई लेयर के तौर पर डिटरेंस सीन में आ रहा है. शेषनाग-150 एक बीच का रास्ता वाला हथियार है जिसकी रेंज कन्वेंशनल आर्टिलरी से ज़्यादा है और क्रूज़ मिसाइलों से ज़्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और कम कीमत है.
दुनिया भर में सेनाएं ड्रोन झुंड, ऑटोनॉमस सिस्टम और घूमने वाले हथियारों में रिसोर्स लगा रही हैं. एक साथ दर्जनों या सैकड़ों, कम कीमत वाले ड्रोन लॉन्च करने की कैपेसिटी होने से उन एयर डिफेंस सिस्टम को शायद मात दी जा सकती है जो अभी प्लेन और मिसाइलों के खिलाफ ऑप्टिमाइज़्ड हैं. शेषनाग-150 के साथ भारत इस उभरती हुई दुनिया का सामना करने के लिए तैयार हो रहा है जिसमें मज़बूती, फ्लेक्सिबिलिटी और कॉस्ट-इफेक्टिवनेस उतने ही ज़रूरी हो सकते हैं जितने कि सिर्फ़ नुकसान पहुंचाने की क्षमता.
आकृति अग्रवाल कौन हैं: अर्जुन तेंदुलकर आज शादी के बंधन में बंध गए है. उनकी शादी में…
Malaika Arora Exercise: मलाइका अरोरा अक्सर अपनी फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में…
भारत और इंग्लैंड के बीच आज गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल…
Fish Oil Benefits: सेहतमंद रहने के लिए लोग तमाम चीजों का सेवन करते हैं, लेकिन…
पाकिस्तानी ड्रामा सीरियल 'मेरी जिंदगी है तू' रिलीज होते ही बैकलैश का शिकार हो गया…
Naagin 7 Upcoming Maha Twist: एकता कपूर के सीरियल ‘नागिन 7’ का नया प्रोमो वीडियो…