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बारकोड का इस्तेमाल कर कैसे नकली शराब बन जा रहे थे मंहगे व्हिस्की? 4 महीने पहले ही पुलिस ने किया था खुलासा; 9 लोगों की मौत से सनसनी

MP Fake Liquor Case: ललितपुर में करीब चार महीने पहले नकली शराब बनाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. कोतवाली पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था. FIR के मुताबिक, गंगापुरम कॉलोनी स्थित एक घर के अंदर नकली शराब तैयार की जा रही थी.

MP Fake Liquor Case:  मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा इलाके से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. हैरानी की बात यह है कि करीब चार महीने पहले ही ललितपुर में नकली शराब बनाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था, जिसकी जांच में सागर के बांदा इलाके तक नकली शराब पहुंचाने की बात सामने आई थी. उस वक्त पुलिस ने बड़ी संख्या में नकली पाउच, ढक्कन, बारकोड, व्हिस्की लेबल और पैकिंग का सामान बरामद किया था. अब जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद चार महीने पुराने इस नेटवर्क की कड़ियां एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं.

चार महीने पहले हुआ था नकली शराब के गिरोह का भंडाफोड़

ललितपुर में करीब चार महीने पहले नकली शराब बनाने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. कोतवाली पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था. FIR के मुताबिक, गंगापुरम कॉलोनी स्थित एक घर के अंदर नकली शराब तैयार की जा रही थी. पुलिस ने मौके से नकली शराब बनाने और उसे असली बताकर बाजार में खपाने से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की थी.

FIR और पुलिस की कार्रवाई से सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरोह नकली शराब तैयार करने के बाद उसकी पैकिंग पर असली शराब जैसा लुक देने की तैयारी में था. इसके लिए बड़ी संख्या में नकली पाउच, ढक्कन, बारकोड, व्हिस्की लेबल और प्रिंटेड लेबल बरामद किए गए.

घर के अंदर चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री

पुलिस के मुताबिक, गंगापुरम कॉलोनी में एक घर के अंदर नकली शराब तैयार की जा रही थी. छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से नकली शराब बनाने और उसकी पैकिंग करने से जुड़ा भारी मात्रा में सामान मिला. FIR में 9,109 नकली प्लास्टिक पाउच, 5,329 नकली ढक्कन, 3,363 नीले बारकोड और 19,161 लाल बारकोड बरामद होने का जिक्र है. इसके अलावा 43,700 नकली व्हिस्की लेबल और 50,400 प्रिंटेड लेबल भी बरामद किए गए. पुलिस को नकली शराब की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें और खाली ड्रम भी मिले. मौके से 20 लीटर की कई बोतलों समेत नकली शराब भी बरामद की गई.

असली शराब बताकर बेचने की थी तैयारी?

FIR के मुताबिक पुलिस को शक था कि तैयार की जा रही नकली शराब को असली शराब के नाम पर बाजार में खपाने की तैयारी थी. आरोप है कि इसे सरकारी शराब ठेकों और ढाबों तक पहुंचाया जाना था. मामले की जांच के दौरान छतरपुर और निवाड़ी में शराब कारोबार से जुड़े होने की बात भी FIR में सामने आई. पुलिस के मुताबिक, गिरोह नकली शराब तैयार कर उसे बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहा था.छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 5.50 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की. नकली शराब के अलावा बारकोड, रैपर और पैकिंग से जुड़ी अन्य सामग्री को भी जब्त किया गया.

पुलिस के पहुंचते ही घर से बाहर फेंका जा रहा था तरल पदार्थ

FIR में यह भी उल्लेख है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के दौरान घर के अंदर से तरल पदार्थ बाहर फेंका जा रहा था. इसके बाद पुलिस ने मौके की तलाशी लेकर शराब बनाने और पैकिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की.पुलिस ने मामले में रवि लखेरा, चंद्रेश लोधी उर्फ विक्की, मनीष विश्वकर्मा, अंकित विश्वकर्मा और पुष्पेंद्र ठाकुर को गिरफ्तार किया था. आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई.

पूछताछ में सामने आया सागर कनेक्शन

ललितपुर में नकली शराब के इस मामले की जांच आगे बढ़ी तो इसका कनेक्शन मध्य प्रदेश के सागर जिले से भी जुड़ता नजर आया. पुलिस पूछताछ के आधार पर दावा किया गया कि ललितपुर में तैयार की गई नकली शराब सागर के सीमावर्ती गांवों तक पहुंचाई जाती थी.आरोप है कि नकली शराब को कम दामों में सागर के ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किया जाता था. पूछताछ में बंडा क्षेत्र में नकली शराब पहुंचाने की बात सामने आने का भी दावा किया गया.जांच में रवि लखेरा, शिवानी लखेरा, चंद्रेश लोधी और मोना राजा के नाम भी सामने आने की बात कही गई.

नकली रैपर और बारकोड लगाकर होती थी सप्लाई

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में नकली शराब को असली जैसा दिखाने के लिए नकली रैपर और ढक्कन लगाए जाते थे. इसके अलावा नकली बारकोड का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप है.बताया गया कि गाड़ियों और बाइक के जरिए ललितपुर से सागर के गांवों तक शराब पहुंचाई जाती थी. पुलिस के अनुसार, बांदरी, बढ़ोदिया, गूगरा खुर्द, नौराज और बैराज जैसे इलाकों में इसकी सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई.

ललितपुर से सागर तक फैले नेटवर्क की जांच

ललितपुर में कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी थी. सागर में भी संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी किए जाने की जानकारी सामने आई.जांच का अहम सवाल यह था कि ललितपुर में तैयार की जा रही नकली शराब सागर तक किस तरह पहुंच रही थी और इस पूरे नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल थे.पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर ललितपुर से सागर तक फैले कथित नेटवर्क की जांच की जा रही थी. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही थी कि नकली शराब की सप्लाई में और कितने लोग शामिल थे.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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