Alexander the Great Death Mystery: सिकंदर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी या किसी गंभीर बीमारी की वजह से या फिर सिकंदर की हत्या एक साजिश के तहत हुई थी. इसका रहस्य 2300 साल बाद भी बरकरार है.
Alexander Death Mystery: 2300 साल बाद भी सिकंदर की मौत बना रहस्य
Alexander the Great death mystery: तानाशाह कभी महान नहीं होते हैं, क्योंकि उनकी सोच ही विध्वंसक होती है. हजारों साल के इतिहास में शायद ही एक-दो तानाशाह हुआ हो, जिसने अपनी जनता के लिए युद्ध लड़े हों. तानाशाही एक सनक-एक बीमारी है, जो किसी के हित में नहीं है. इतिहास ऐसे तानाशाहों से भरा पड़ा है, जिन्होंने ना केवल अपनी घृषित सोच से मानवता को नुकसान पहुंचाया बल्कि ऐसा दर्द दे गए जो सदियों तक लोगों महसूस करते रहे हैं. लेकिन सिकंदर के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है, बावजूद इसके कि युद्ध में उसने भी बहुत नरसंहार किए. इस स्टोरी में हम बता करेंगे आखिर कैसे सिकंदर महान ( Alexander the Great) कहलाए. इस स्टोरी में यह भी जानेंगे कि कैसे सिकंदर की मौत 2300 साल बाद भी रहस्य है?
356 ईसा पूर्व (BC) में मैसोडोनिया में जन्में सिकंदर के पिता का नाम फिलिप सेकेंड था. इतिहासकारों की मानें तो सिकंदर महान का परिवार मैसेडोनिया का राजपरिवार था. पिता फिलिप सेकेंड (King Philip II) मैसोडोनिया के राजा थे, जबकि मां रानी ओलंपियास (Queen Olympias) थीं. सिकंदर के परिवार या कहें पूर्वजों को राजनीतिक हत्याओं और उत्तराधिकार के संघर्षों के लिए जाना जाता था. उस दौर में कई शादियों करने का चलन था. ऐसे में सिकंदर की तीन पत्नियां थीं. पहली का नाम रोक्साना, दूसरी का नाम स्टेटिरा और तीसरी पत्नी का नाम पैरिसैटिस था. सिकंदर के 2 बेटे अलेक्जेंडर IV और हेराक्लीज़ थे.
बहुत कम लोग जानते होंगे कि सिकंदर के गुरु का नाम अरस्तु था. इतिहास के जानकारों का कहना है कि 359BC में सिकंदर गद्दी पर सत्तासीन हुआ था. कुछ महीने के शासन में ही सिकंदर की महत्वाकांक्षा बढ़ गई. आखिरकार उसने पूरी दुनिया को जीतने का सपना पाल लिया. सिकंदर ने सेना तैयार की, जिसमें जोशीले युवाओं को भर्ती किया. वह अपनी बातों से लुभाने और जोश भरने की कला में माहिर था. यह वजह है कि सिकंदर की सेना ने युद्ध के मैदान में कभी भी हार नही मानी थी. 32 साल की उम्र में से पहली ही उसने दुनिया को जीत लिया. सिकंदर की सेना ने कई देशों को जीता.
इस बीच उसकी महत्वाकांक्षा के बीच जो भी राजा-देश आया, उसे सिकंदर की सेना ने परास्त किया. उसने करीब-करीब पूरी दुनिया जीती. सिकंदर की सेना ने पश्चिम में यूनान से लेकर ईरान, इराक़ और मिस्र को रौंदा. सिकंदर का सीधा कहना था- युद्ध करो या फिर समर्पण. सिकंदर ने भारत (वर्तमान में पाकिस्तान) को भी जाती. अफगानिस्तान तक उसका साम्राज्य फैसला हुआ था. सिकंदर मैसोडोनिया का राजा होने के साथ अपनी देश का सैन्य प्रमुख भी था.
दुनिया की जीतने वाला सिकंदर आखिरकार मौत से जंग हार गया. वह ऐसा शासक था, जिसने सर्वाधिक युद्ध लड़े, लेकिन मौत स्वाभाविक हुई. यह अलग बाता है कि 2300 साल से अधिक समय बाद भी सिकंदर की मौत पर रहस्य कायम है. इतिहासकारों का कहना है कि बेबीलोन में 323 ईसा पूर्व में सिकंदर महान ने मौत को गले लगाया. कहा जाता है कि सिकंदर की मौत के बाद भी शरीर में पूरे 6 दिनों तक सड़न के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए यानी शरीर पूरी तरह से सुरक्षित था. प्राचीन यूनानियों ने माना था कि युवा मैसेडोनियन राजा यानी सिकंदर के बारे में उनकी सभी धारणाएं सही साबित हुईं. सिकंदर का खुद का विश्वास वह एक साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि एक देवता है.
’33 साल की उम्र में जब सिकंदर ने दुनिया को अलविदा कहा तो उसकी दोनों बाहें और हथेलियां खुली हुई थीं’ यह दावा दार्शनिक और इतिहास दोनों करते हैं. इसके बाद यह कहावत बन गई है- ‘दुनिया में क्या लेकर आए थे और क्या लेकर जाओगे’. 2300 साल बाद आज भी उसकी मौत को लेकर कई तर्क दिए जाते हैं. यहां भी कहा जाता है कि सिकंदर की हत्या की गई है और यह उसके करीबी ने ही की. क्या मलेरिया और टाइफाइड से हुई थी इतिहासकारों का तर्क है कि बेबीलोन में मलेरिया और ताइफाइड प्रभाव उस दौर में अधिक था. सिकंदर की मौत का कारण मलेरिया या टाइफाइट भी हो सकता है. एक थ्योरी यह भी है कि गिलियन-बैरे सिंड्रोम यानी एक पक्षाघात रोग के कारण उन्हें मृत समझकर जीवित दफनाया गया. यही वजह है कि शरीर 6 दिनों तक नहीं सड़ा.
सिकंदर की मौत से जुड़ा एक और रोचक किस्सा सैकड़ों साल से सुनाया जा रहा है. कहा जाता है कि भारत से सिकंदर कुछ बंदरों को अपने साथ लेकर गया था. बताया जाता है कि इन बंदरों में एक ने उसे काट लिया. इसके चलते उसे रैबिज हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई. यह भी दावा किया जाता है कि सिकंदर गुइलेन-बैरे सिंड्रोम नामक एक स्नायविक विकार से पीड़ित हुआ था. कुछ वैज्ञानिक भी मानते हैं कि सिकंदर मौत से पहले वह लकवाग्रस्त थे, जबकि मानसिक रूप से स्वस्थ थे. एक तर्क यह भी दिया जाता है कि जहर देकर या साजिश के तहत सिकंदर को मारा गया.
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