<
Categories: विदेश

ईरान में बंद इन राजनीतिक कैदियों को रिहा कराना चाहता है अमेरिका ! एक पोस्ट से इंटरनेट पर मचा बवाल, होने वाला है बड़ा खेला?

Iran Protest: ईरान में पिछले 18 दिनों से माहौल काफी हिंसात्मक बना हुआ है. खबर है कि अभी तक लगभग दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रदर्शनकारियों के साथ हैं. ईरान के जेल में बंद कुछ राजनीतिक कैदियों को ट्रंप प्रशासन रिहा कराना चाहता है. जानिए आखिर कौन हैं वो लोग...

Iran Violence: लगभग तीन हफ्तों से ईरान हिंसा की आग में जल रहा है. आए-दिन प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ सड़कों पर उतर रही है. ये प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक मानी जा रही है. इस चिंताजनक माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों का साथ दिया है. साथ ही ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो वह बड़ा कदम उठाएगा. इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ईरान में बंद कुछ कैदियों को रिहा कराने की मांग कर रहा है. 

कैदियों का किया जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के फारसी भाषा के एक्स (ट्वीटर) अकाउंट से आज यानी 14 जनवरी को एक ट्वीट किया गया है. इसमें उन्होंने ईरान में बंद कुछ राजनीतिक कैदियों को जेल से रिहा करने की मांग की है. पोस्ट में लिखा, ‘हम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर चिंता जता रहे तो ये न समझा जाए कि हमने उन राजनीतिक कैदियों को भुला दिया है, जिन्हें इन विरोध प्रदर्शनों से पहले ही जेल में डाल दिया गया था.’ इसमें आठ राजनीतिक कैदियों के चित्र के साथ उनके नामों का भी जिक्र किया गया है. 

कौन हैं वो आठ लोग?

ईरान की जेल में बंद राजनीतिक बंदियों के नाम भी सार्वजनिक किया गया है. इस संबंध में कुल आठ राजनीतिक कैदियों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन इस समय ईरान की जेल से रिहा कराना चाहता है. इस सूची में जिन नामों को शामिल किया गया है, उनमें नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी, सपीदेह गोलियान, जवाद अली-कोर्दी, पूरान नाजेमी, रजा खंदान, मजीद तवक्कोली, शरीफेह मोहम्मदी और हुसैन रोनागी शामिल हैं.

ईरान में कब क्या हुआ?

ईरान की राजधानी तेहरान में पिछले साल 2025 में 28 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन शुरु हुआ था. इसके बाद धीरे-धीरे कई इलाकों में प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया था. आपको बता दें कि इससे पहले भी ईरान में बड़े-बड़े विरोध हो चुके हैं. इस बार के प्रदर्शन में अमेरिका भी खुले तौर पर ईरान के प्रदर्शनकारियों के साथ है. इसलिए यह विरोध तूल पकड़ता नजर आ रहा है. 

Kamesh Dwivedi

पिछले चार वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत. जी न्यूज और अमर उजाला डिजिटल में सेवाएं दे चुके हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई. वायरल-ट्रेंडिंग कंटेंट के साथ मनोरंजन की खबरों में रुचि. क्रिकेट, राजनीति के अलावा कविताएं लिखने और पढ़ने का भी शौक है.

Recent Posts

बलात्कार, मारपीट और धमकी देने के मामले में फंसे IPL खिलाड़ी अभिषेक पोरेल! 3 साल तक शादी का झांसा देकर करते रहे दरिंदगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले अभिषेक पोरेल को एक…

Last Updated: August 11, 2026 17:00:02 IST

विराट कोहली जैसा बनने की चाहत, दबाकर ले रहे ड्रग्स, IPL खेलने वाले क्रिकेटर्स ये क्या कर रहे?

Cricketers Consuming Drugs: भारतीय क्रिकेट में फिटनेस को लेकर बढ़ते दबाव के बीच वजन घटाने…

Last Updated: August 11, 2026 16:54:51 IST

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के आगे झुकी हेमंत सोरेन की सरकार! 14वीं JPSC PT और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द, TDPL की सभी परीक्षाओं की होगी उच्चस्तरीय जांच

छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा के साथ…

Last Updated: August 11, 2026 16:38:38 IST

UPI charges update 2026: UPI यूजर्स सावधान! हर पेमेंट पर लगेगा चार्ज? वित्त मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट

UPI charges update 2026: मुख्य अंतर ग्राहक द्वारा दिए जाने वाले शुल्क और मर्चेंट डिस्काउंट…

Last Updated: August 11, 2026 16:23:50 IST

हनी सिंह ने खोली बादशाह के ‘झूठ’ की पोल? रैपर की हुई भरे शो में बोलती बंद; समय रैना के शो में बड़ा बवाल!

Honey Singh-Badshah Controversy | India's Got Latent : समय रैना के 'इंडियाज गॉट लेटेंट' एपिसोड…

Last Updated: August 11, 2026 15:55:16 IST