फिल्मों में ज्यादातर प्यार और रोमांस (Love and Romance) के सीन कैमरे की ट्रिक और तकनीक (Camea Tricks and Technique) से दिखाए जाते हैं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी बनी हैं जहां कलाकारों ने सब कुछ हकीकत में किया है.
इन सितारों ने कैमरे के सामने पार की बोल्डनेस की सारी हदें
Actors with intimacy scenes: विश्व सिनेमा में ‘मेथड एक्टिंग’ और ‘यथार्थवाद’ (Realism) को लेकर हमेशा नए इस्तेमाल किए जाते हैं. जहां, ज्यादातर फिल्मों में अंतरंग दृश्यों को कैमरा एंगल्स के साथ-साथ विशेष तकनीकों के माध्यम से ‘सिमुलेट’ यानी (बनावटी रूप से पेश) किया जाता है. तो वहीं, दूसरी तरफ कुछ ऐसी फिल्में भी बनी हैं जिन्होंने इन सीमाओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया है. इन फिल्मों में कलाकारों ने निर्देशक के विजन को जीवंत करने और कहानी की ईमानदारी को बनाए रखने के लिए कैमरे के सामने वास्तविक शारीरिक संबंध बनाए, जिसको देखने के बाद दर्शकों के भी होश उड़ गए थे.
इस श्रेणी में सबसे चर्चित नाम अगर किसी का आता है तो वो हैं शिया लाबेओफ. जिन्होंने लार्स वॉन ट्रायर की साल 2013 की फिल्म Nymphomaniac के लिए यह सहास कदम उठाकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. तो वहीं, दूसरी तरफ उन्हेंने खुले तौर पर स्वीकार करते हुए कहा था कि स्क्रिप्ट की मांग के मुताबिक ही उन्होंने और उनके सह-कलाकारों ने वास्तविक दृश्यों को फिल्माया था.

इसके अलावा इसी तरह साल 2003 में आई फिल्म The Brown Bunny में अभिनेत्री क्लो सेविग्नी ने अपने सह-कलाकार और निर्देशक विंसेंट गैलो के साथ एक ऐसा दृश्य दिया, जिसने कान फिल्म फेस्टिवल में तहलका मचा दिया था. एक्ट्रेस क्लो ने इसे एक कलात्मक प्रतिबद्धता बताया, जबकि आलोचकों पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी.

ऐसी ही एक और फिल्म थी जो साल 2004 में आई थी जिसका नाम 9 Songs है. इस फिल्म में अभिनेता एडेन गिल्ट और मार्गोट स्टिली ने मुख्य भूमिका निभाई थी।. दरअसल, इस फिल्म की पूरी कहानी ही एक जोड़े के वास्तविक संबंधों और संगीत के इर्द-गिर्द बुनी गई थी. तो वहीं, इसके अलावा मार्लोन ब्रैंडो की क्लासिक फिल्म Last Tango in Paris और इसाबेल हूपर्ट की The Piano Teacher जैसी फिल्मों ने भी भावनात्मक और शारीरिक तीव्रता को दर्शाने के लिए वास्तविकता का सहारा लेकर एक बार फिर से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था.

कलाकारों के लिए ऐसे दृश्य करना सिर्फ एक बोल्ड फैसला ही नहीं, बल्कि उनके करियर का सबसे जोखिम भरा कदम होता है. जहां, इन दृश्यों की वजह से कई फिल्मों को वैश्विक स्तर पर सेंसरशिप और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, तो दर्शकों द्वारा जमकर आलोचना भी सहना पड़ता है. एक पक्ष इसे ‘कलात्मक ईमानदारी’ और ‘सच्ची अभिव्यक्ति’ का नाम देता है, वहीं दूसरा पक्ष इसे केवल व्यावसायिक लाभ और सनसनी फैलाने का माध्यम मानता है.
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