Nicolas Maduro: अमेरिका ने मादुरो को बेअसर करने के लिए सितंबर 2025 में ऑपरेशन सदर्न स्पीयर लॉन्च किया. डिफेंस वन मैगज़ीन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एक वॉरशिप, एक न्यूक्लियर सबमरीन और एक गेराल्ड फोर्ड को लगाया गया था
Nicolas Maduro
Nicolas Maduro: अमेरिका ने जब से वेनेजुएला पर हमला करके निकोलस मादुरो को पकड़ा है तब से दुनिया भर में अमेरिका के इस ऑपरेशन की चर्चा हो रही है. कई देशों ने इसकी निंदा की है. लेकिन क्या आपको पता है निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका ने कितना पैसा खर्च किया है. मादुरो को पकड़ने की कीमत अरबो में है. इसे प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” कैंपेन के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. 2024 के प्रेसिडेंशियल इलेक्शन के दौरान ट्रंप ने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का नारा लगाते हुए कहा था कि अमेरिका किसी दूसरे देश में ऑपरेशन या मिलिट्री एक्शन पर एक पैसा भी खर्च नहीं करेगा.
अमेरिकन आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक, सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के खिलाफ CIA ऑपरेशन को लीड कर रहे थे. अगर यह ऑपरेशन फेल हो जाता है, तो रुबियो को दोषी ठहराया जाएगा.
अमेरिका ने मादुरो को बेअसर करने के लिए सितंबर 2025 में ऑपरेशन सदर्न स्पीयर लॉन्च किया. डिफेंस वन मैगज़ीन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एक वॉरशिप, एक न्यूक्लियर सबमरीन और एक गेराल्ड फोर्ड को लगाया गया था. तीनों की कीमत 40 बिलियन डॉलर आंकी गई है. इस ऑपरेशन के लिए 83 फाइटर जेट, 10 F-35 जेट और 7 रीपर ड्रोन तैनात किए गए थे. इन तीनों ड्रोन की कीमत 3 बिलियन डॉलर आंकी गई है. मैगज़ीन के मुताबिक, वेनेजुएला की घेराबंदी के लिए तैनात हथियारों की कीमत 333,000 डॉलर (लगभग Rs. 3 करोड़) प्रति घंटा थी. पूरे ऑपरेशन में सितंबर से जनवरी तक लगभग 3,700 घंटे लगे.
अमेरिका ने वेनेजुएला के मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर (लगभग Rs. 450 करोड़) का इनाम रखा था. यह इनाम ऑपरेशन के तुरंत बाद अधिकारियों को दे दिया गया था. हेलीकॉप्टर उतारने वाले पायलट को लगभग 2 मिलियन डॉलर दिए गए थे. यह पैसा भी अमेरिका फंड से बांटा गया था. मादुरो पर इनाम ओसामा बिन लादेन से दोगुना था.
CIA ने मादुरो के खिलाफ सीक्रेट ऑपरेशन किया था. व्हाइट हाउस के मुताबिक, CIA को इस साल 101 बिलियन डॉलर (लगभग Rs. 9 लाख करोड़) का बजट दिया गया था. इसमें से 73 बिलियन डॉलर इंटेलिजेंस इकट्ठा करने और 28 बिलियन डॉलर मिलिट्री ऑपरेशन के लिए दिए गए. इस बजट का ज़्यादातर हिस्सा वेनेजुएला पर खर्च किया गया.
मादुरो की गिरफ्तारी को अमेरिका का सबसे महंगा मिलिट्री ऑपरेशन बताया जा रहा है. अमेरिका ने मादुरो को पकड़ने के लिए 150 हेलीकॉप्टर भेजे. राजधानी काराकस के चारों ओर दस हज़ार सैनिक तैनात किए गए थे. अमेरिकी सैनिक अगस्त 2025 से हमले की प्लानिंग कर रहे थे.
अमेरिका ने 2020 में भी वेनेजुएला के खिलाफ ऑपरेशन की कोशिश की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हुआ. इस बार, अमेरिका ने ऑपरेशन करने में बहुत सावधानी बरती. पहले, उसने वेस्टर्न मीडिया का इस्तेमाल करके मादुरो को ड्रग किंगपिन के तौर पर दिखाया.
इसके बाद, उसने काराकस को चारों तरफ से घेर लिया. ट्रंप की कोशिश मादुरो को सत्ता से हटाने की थी, लेकिन मादुरो ने किसी भी हालत में US के आगे झुकने से मना कर दिया. इसके बाद प्रेसिडेंट ट्रंप ने मार्को रुबियो को ऑपरेशन की ज़िम्मेदारी सौंपी.
रुबियो ने सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर पीट हेगसेथ और CIA चीफ के साथ मिलकर ऑपरेशन को आखिरी अंजाम तक पहुंचाया.
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