चीन के हुबेई प्रांत में ली लिन नाम की एक महिला ने 33 साल बाद अपने भाई को ढूंढ़ निकाला है. ली लिन ने बचपन की एकमात्र फोटो के सहारे अपने छोटे भाई ली शिन को ढूंढ निकाला, जो 33 साल पहले एक रोटी के लालच में अपहरण कर लिया गया था.
चीन में महिला ने 33 साल बाद ढूंढ़ निकाला अपना भाई
चीन के हुबेई प्रांत में एक ऐसी मार्मिक घटना हुई है, जो हर किसी को भावविभोर कर रही है. हुबेई प्रांत में रहने वाली ली लिन नाम की एक महिला ने 33 साल बाद अपने भाई को ढूंढ़ निकाला है.
ली लिन ने बचपन की एकमात्र फोटो के सहारे अपने छोटे भाई ली शिन को ढूंढ निकाला, जो 33 साल पहले एक रोटी के लालच में अपहरण कर लिया गया था. 44 वर्षीय ली लिन ने अपनी आखिरी जमापूंजी लगाकर देश भर में अपने भाई की खोज की. 23 मार्च को जियांग्शी प्रांत के पुलिस स्टेशन में भाई-बहन की भेंट हुई, जिसने हर किसी को इमोशनल कर दिया.
ली लिन जब 11 साल की थी और उनके भाई ली शिन 7 वर्ष के थे, अनाथ हो गए थे. उनकी मां की मौत कैंसर की वजह से हो गई थी, जबकि पिता मानसिक संतुलन खोकर घर छोड़कर चले गए थे. दोनों भाई-बहन अकेले रह गए थे. एक दिन सड़कों पर भटकते हुए शिन को एक बुजुर्ग महिला रोटी का लालच देकर उसे अपने साथ ले गई. ली लिन ने बुजुर्ग महिला पर भरोसा किया, लेकिन उनका भाई लौटकर नहीं आया. ली लिन ने कहा, “मेरी देखरेख में भाई खो गया, इस अपराधबोध ने मुझे जीवन भर सताया.”
अपहरणकर्ता ने ली लिन के भाई शिन पर कई अत्याचार किए. शिन को पीटा गया, भूखा रखा गया और अंधेरे कमरे में बंद किया गया. शिन किसी तरह भागने में कामयाब रहे और बसों पर भीख मांगकर गुजारा करने लगे. दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में एक परिवार ने उन्हें गोद ले लिया और सरनेम हान दे दिया. शिन ने कहा, “मुझे हमेशा बड़ी बहन के होने का अहसास था, इसलिए उसकी खोज कभी नहीं छोड़ी.”
ली लिन ने अपने भाई को ढूंढ़ने के लिए कई साल तक संघर्ष किया. ईंटें ढोईं, रेस्तरां में बर्तन धोए, फैक्टरियों में काम किया. लगभग एक मिलियन युआन (लगभग 1.45 करोड़ रुपये) खर्च कर देश भर में 1 लाख से ज्यादा अपने लापता भाई के पोस्टर बांटे. एकमात्र पुरानी फोटो ही उनके भाई की पहचान का एकमात्र सहारा थी. इस साल जियांग्शी पुलिस ने फेशियल रिकग्निशन से गुआंगडोंग के हान नामक व्यक्ति को पहचाना.
पुलिस द्वारा पहचान किए जाने के बाद पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया गया, जिसमें दोनों के रिश्ते की पुष्टि हुई. कंफर्मेशन के बाद जो नजारा दिखा उसे देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए. दोनों भाई-बहन गले लगकर फूट-फूटकर रो दिये. पुलिस स्टेशन में बहन ने भाई को रोटी के पैकेट भेंट किए, कहा- “एक रोटी के लिए खोया था, 33 साल खोजा.” शिन ने आंसू पोछते कहा, “खुद को दोष न दो, कभी मन में ठेस न रखी.” अगले दिन ली लिन भाई को जन्मस्थान शियांताओ ले गईं जहां वो उनके साथ मां की कब्र पर गईं और कहा, “मां, बेटा घर लाई हूं.”
Ashok Kumar First Rap Song: आज के समय में रैप गाने काफी सुने जाते हैं.…
बांका के एक स्कूल में प्रिंसिपल ने एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन-उत्पीड़न करने की…
UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर की रहने वाली मेहताब ममता बन गईं. उन्होंने अपने…
Tilak Varma vs Pakistan: ट्रोलर्स के निशानों पर रहने वाले तिलक वर्मा ने एशियाई खेल…
IND VS PAK:शिवम दुबे ने अंतिम ओवर डाला, जिसकी आखिरी गेंद पर उन्होंने हसन नवाज…
Faridabad News: ग्रेटर फरीदाबाद में एक सुनसान इमारत के अंदर चार युवकों ने कथित तौर…