India Bangladesh Tension: बांग्लादेश ने कथित तौर पर एक सीनियर चीनी दूत को भारत के रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, या 'चिकन नेक' के पास एक जगह का दौरा करने की इजाज़त दी है.
India Bangladesh Tension
India Bangladesh Tension: नई दिल्ली और ढाका के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच, बांग्लादेश ने कथित तौर पर एक सीनियर चीनी दूत को भारत के रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, या ‘चिकन नेक’ के पास एक जगह का दौरा करने की इजाज़त दी है. खास बात यह है कि यह बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के “चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार” के बारे में सुझावों और भारत के पूर्वोत्तर को “लैंडलॉक्ड” बताने के कुछ महीनों बाद हुआ है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में चीनी राजदूत याओ वेन ने सोमवार को रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास तीस्ता प्रोजेक्ट इलाके का दौरा किया. रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी दूत याओ वेन का यह दौरा चीन समर्थित योजना, तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना के तहत एक तकनीकी मूल्यांकन का हिस्सा था.
इस दौरे के दौरान बांग्लादेश की जल संसाधन सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन भी वेन के साथ थीं. बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद चीन तीस्ता मास्टर प्लान पर “जितनी जल्दी हो सके” काम शुरू करने के लिए उत्सुक है. तीस्ता प्रोजेक्ट लंबे समय से भारत के लिए खासकर पश्चिम बंगाल के लिए संवेदनशील रहा है. क्योंकि, यह सिक्किम में पूर्वी हिमालय से निकलने के बाद उत्तरी बंगाल से होकर गुजरता है. इस कदम से नई दिल्ली में चिंता बढ़ सकती है.
दौरे से पहले चीनी दूत ने रविवार को मुख्य सलाहकार के ऑफिस में बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान से मुलाकात की थी. मुख्य सलाहकार के ऑफिस के अनुसार, दोनों ने तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना और प्रस्तावित बांग्लादेश-चीन मैत्री अस्पताल पर चर्चा की थी.
पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने के बाद, जब यूनुस ने कार्यभार संभाला, तो ढाका ने बीजिंग के साथ अपने संबंधों को काफी बढ़ाया है. ANI के अनुसार, दोनों पक्षों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और डिजिटल विकास के लिए निवेश, लोन और अनुदान में 2.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. हाल ही में हुईं घटनाओं को लेकर और इस मामले पर नई दिल्ली के साथ ढाका के संबंधों में दूरियां देखी जा रही है.
पिछले साल बीजिंग की अपनी 4-दिवसीय यात्रा के दौरान मुहम्मद यूनुस ने चीन की बड़ी भूमिका की मांग की थी. यूनुस ने कहा, “भारत के सात राज्यों, भारत के पूर्वी हिस्से को सात बहनें कहा जाता है. यह भारत का एक लैंडलॉक क्षेत्र है. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. बांग्लादेश को “समुद्र का एकमात्र संरक्षक” बताते हुए इसे चीनी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया.
चिकन नेक के बारे में यूनुस की टिप्पणियों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ढाका को याद दिलाया कि भारत के पास ऐसा एक रणनीतिक बिंदु है, जबकि बांग्लादेश के पास ऐसे दो हैं. सरमा ने कहा, “उनके पास दो ‘चिकन नेक’ हैं और हमारे पास एक है. अगर वे हम पर हमला करते हैं तो हम पलटवार करेंगे. उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश के चोकपॉइंट्स में से एक मेघालय के पास है और चटगांव बंदरगाह तक जाता है, जिसे उन्होंने इतना संकरा बताया कि इसे एक अंगूठी से ब्लॉक किया जा सकता है.
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