Iran Hormuz Strait Tax: ईरान का एक बड़ा फैसला और पूरी दुनिया में मचेगा हाहाकार! होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की इस नई 'चाल' से क्या आपकी जेब पर भी भारी चोट पड़ने वाली है? जानें पूरी कहानी...
Iran Hormuz Strait Tax: ईरान ने अब दुनिया की सबसे कमज़ोर नस होर्मुज जलडमरूमध्य को एक आर्थिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली है. चल रहे संघर्ष के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ईरानी संसद अभी एक ऐसे कानून पर विचार कर रही है जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले हर विदेशी जहाज को भारी टैक्स और टोल चुकाना होगा। अगर यह बिल पास हो जाता है तो तेल, गैस और खाने-पीने की चीज़ों की वैश्विक कीमतें आसमान छू सकती हैं. यह ध्यान देने लायक है कि अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की ताकत का मुख्य आधार बना हुआ है. इस इलाके में दुनिया भर के टैंकरों को रोककर ईरान राष्ट्रपति ट्रंप पर काफी दबाव डाल रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की इतनी जबरदस्त पकड़ है कि अमेरिकी नौसेना को भी इस संकरे जलमार्ग में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में मुश्किल हुई है. अब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को एक आर्थिक हथियार में बदलने का इरादा रखता है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी (ISNA) के अनुसार एक ईरानी सांसद ने खुलासा किया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाज़ों पर ट्रांज़िट फीस लगाने का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं. जो देश शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति या भोजन परिवहन के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं उन्हें अब ईरान को भुगतान करना होगा. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार, मोहम्मद मोखबर ने साफ तौर पर कहा है कि इस रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाकर वे उन पश्चिमी देशों के खिलाफ जवाबी प्रतिबंध लगाने का इरादा रखते हैं जिन्होंने ईरान को अलग-थलग करने की कोशिश की है.
ईरान का दावा है कि एक बार संघर्ष खत्म हो जाने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नया नियामक ढांचा स्थापित किया जाएगा, जिससे ईरान इस महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग के निर्विवाद मालिक के रूप में उभर सकेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है. होर्मुज जलडमरूमध्य ही वह रास्ता है जिससे दुनिया की 20% ईंधन आपूर्ति गुज़रती है.तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की वैश्विक आपूर्ति का लगभग पाँचवाँ हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुज़रता है। विशेष रूप से, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस रास्ते पर बहुत ज़्यादा निर्भर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान के खिलाफ एक मोर्चा खोल चुके हैं लेकिन ईरान की इस नई आर्थिक चोट ने वॉशिंगटन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
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