Donald Trump: ईरान इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष और जंग ने पूरी दुनिया की हिला दिया है. वहीं अब सबकी नज़रें डोनाल्ड ट्रंप के भाषण पर टिकी हैं. सबके मन में बस एक ही सवाल है कि क्या ईरान के साथ युद्ध का तूफ़ान थम गया, या फिर इसकी लपटें और भी तेज़ होने वाली हैं?
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Donald Trump on US-Iran War : ईरान इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष और जंग ने पूरी दुनिया की हिला दिया है. वहीं अब सबकी नज़रें डोनाल्ड ट्रंप के भाषण पर टिकी हैं. सबके मन में बस एक ही सवाल है कि क्या ईरान के साथ युद्ध का तूफ़ान थम गया, या फिर इसकी लपटें और भी तेज़ होने वाली हैं? वहीं अब इस सवाल का जवाब मिल गया है. इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप यह पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो इसके लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने देश का नेतृत्व करने के पीछे अपना उद्देश्य भी स्पष्ट किया है. उन्होंने इस सम्मेलन में अपने मंत्रियों के ज़रिए यह साफ़-साफ़ बताया कि वो कितने “महान” हैं. ट्रंप के बयानों से यह पूरी तरह ज़ाहिर होता है कि वो अपनी ही तारीफ़ करने में लगे हैं. वहीं अब जान लेते हैं कि इस भयानक जंग का अंत हुआ या नहीं?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार यानी आज व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुँचाया है और जल्द ही युद्ध समाप्त करने का संकेत दिया. इसके अलावा उन्होंने संबोधन में कहा कि “आज रात, ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना तबाह हो चुकी है, उनके नेताओं में से ज़्यादातर अब मारे जा चुके हैं. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का उनका कमांड और कंट्रोल, ठीक इसी वक्त जब मैं बोल रहा हूँ, पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है; मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता में भारी कमी आई है, और उनके हथियार, कारखाने और रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं, इतना ही नहीं उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य ईरान की नौसेना को खत्म करना और “परमाणु बम बनाने तथा आतंकी गुटों को समर्थन देने की उनकी क्षमता को कुचलना” था.
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अपने संबोधन में, डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने के बहुप्रतीक्षित मुद्दे पर कोई बड़ी घोषणा नहीं की; इसके बजाय, उन्होंने उन देशों को एक सलाह दी जो वर्तमान में इस स्थिति से प्रभावित हैं. ट्रम्प ने कहा कि उन्हें बस इस संघर्ष के समाप्त होने का इंतज़ार करना चाहिए, जिसके बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ अपने आप फिर से खुल जाएगा; इसके अलावा, यदि उन्हें तेल की आवश्यकता है, तो वे इसे संयुक्त राज्य अमेरिका से खरीद सकते हैं. ट्रम्प ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका के पास तेल और गैस के प्रचुर भंडार हैं, और सुझाव दिया, “तो, इसे हमसे खरीद लें—या फिर, खुद स्ट्रेट ऑफ़ hoर्मुज़ जाएँ और अपने जहाज़ वापस ले आएँ.”
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