India News (इंडिया न्यूज),Oreshnik Missile:दुनिया भर में जंग का माहौल है। एक तरफ रूस-यूक्रेन जंग में फंसे हुए हैं। दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में जंग लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते दिनों के साथ कोई ना कोई देश जंग में कूदता जा रहा है।डर है कि यह जंग यूरोप में न फैल जाए। क्योंकि बेलारूस सरकार ने रूसी रक्षा विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करके यह तय किया है कि अगले साल के मध्य तक उनके देश में रूस की नई ओरेश्निक बैलिस्टिक मिसाइल तैनात कर दी जाए। अगर ऐसा हुआ तो पूरा यूरोप रूस की इस खतरनाक मिसाइल की जद में आ जाएगा।
रूस और बेलारूस ने यह फैसला तब लिया जब अमेरिका और जर्मनी यूरोप में अलग-अलग जगहों पर इसके खिलाफ इंटरमीडिएट रेंज की मिसाइलें तैनात कर रहे हैं। अब होगा यह कि जैसे ही यह मिसाइल बेलारूस में तैनात होगी, पूरा यूरोप और नाटो के अड्डे रूस के निशाने पर होंगे। वो भी बस चंद मिनटों की दूरी पर।
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अब ओरेश्निक मिसाइल की रेंज 5500 किलोमीटर है। यह एक सेकंड में तीन किलोमीटर की रफ्तार से चलती है। इसमें ऐसे हथियार लगे हैं जो 4000 डिग्री सेल्सियस का तापमान पैदा करते हैं। यानी यह किसी भी चीज को पिघलाकर राख कर सकता है। यह मिसाइल उल्कापिंड की तरह आसमान से गिरती है। यानी भयंकर तबाही का मंजर।
मिसाइल बेलारूस से दागी गई मिसाइल तो इतने समय में पहुंचेगा यूरोप
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा कि वर्तमान में हमारे पास कई ओरेश्निक मिसाइल सिस्टम हैं, जिन्हें हम कभी भी तैनात कर सकते हैं। हम अपने दुश्मनों के खिलाफ इस मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करना जारी रखेंगे। अगर वे हमारे क्षेत्र पर हमला करना बंद नहीं करते हैं। जिसमें वे पश्चिमी देशों में बनी लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम भविष्य में युद्ध के मैदान में भी इस मिसाइल का परीक्षण कर सकते हैं।
यह एक हाइपरसोनिक मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है। यह अधिकतम 12,300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते हुए 5500 किलोमीटर की रेंज तक हमला कर सकता है। इसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स (MIRV) सिस्टम लगा है। यानी यह एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला कर सकता है। इसमें एक साथ 6 से 8 हथियार लगाए जा सकते हैं। यानी यह एक साथ इतने लक्ष्यों पर हमला कर सकता है। इस मिसाइल में पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियार लगाए जा सकते हैं। यह हवा में लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए दिशा और कोण बदल सकता है, ताकि दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोक न सके।