<
Categories: विदेश

Ceasefire Reason: ऐसे ही नहीं बख्शा ईरान को! ट्रंप ने मुस्लिम देश के सामने रख दीं ये 10 बड़ी शर्तें

Ceasefire: बता दें कि ये वो 10 शर्ते हैं जिन पर यह संघर्ष-विराम समझौता टिका है, इनमें ऐसे प्रावधान शामिल हैं जिनके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका को आक्रमण न करने की गारंटी देनी होगी, इतना ही नहीं, ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना निरंतर नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति देनी होगी.

S-Iran War Ceasefire: ईरान इजराइल में चल रही जंग की आग की लपटे तब दुनियाभर में फैलीं जब अमेरिका ने इस युद्ध में हस्तक्षेप किया. अब ये जंग सिर्फ इजराइल और ईरान के बीच ही नहीं बल्कि अमेरिका और ईरान की बड़ी जंग बन गई. इजराइल को कवच देने के तौर पर ट्रंप आगे आए और ईरान में तबाही मचा दी. वहीं इतनी तबाही के बीच एक राहत की खबर भी सामने आई है. एक बड़ी घोषणा करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के खिलाफ संभावित हमले और बमबारी अभियान को फिलहाल रोक दिया गया है. बता दें कि अमेरिका ने ईरान को दो हफ्ते की मोहलत दी है. ट्रम्प ने साफ तौर पर कहा कि एक “आपसी संघर्ष-विराम” (ceasefire) होगा, जिसका अर्थ है कि इस अवधि के दौरान, न तो संयुक्त राज्य अमेरिका कोई हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा. लेकिन इस सीजफायर के पीछे एक बड़ी वजह है. ईरान को तुरंत, पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना होगा.इतना ही नहीं बल्कि कई और भी ऐसी शर्ते हैं जो अमेरिका और ईरान की जंग को रोकने के लिए कहीं गई हैं. चलिए जान लेते हैं वो १० शर्तें कौन सी हैं? 

इन 10 शर्तों पर रुकी जंग

बता दें कि ये वो 10 शर्ते हैं जिन पर यह संघर्ष-विराम समझौता टिका है, इनमें ऐसे प्रावधान शामिल हैं जिनके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका को आक्रमण न करने की गारंटी देनी होगी, इतना ही नहीं, ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना निरंतर नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति देनी होगी. इन शर्तों में ईरान पर लगाए गए सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाना, और साथ ही देश को मुआवजा देने का प्रावधान भी शामिल है. 

1.  संयुक्त राज्य अमेरिका को आक्रमण न करने की एक बुनियादी गारंटी देनी होगी.
2.  ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर निरंतर नियंत्रण बना रहेगा.
3.  यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को मान्यता दी जानी चाहिए और स्वीकार किया जाना चाहिए.
4.  सभी प्राथमिक प्रतिबंध हटा दिए जाएँगे.
5.  सभी द्वितीयक प्रतिबंध हटा दिए जाएँगे.
6.  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पारित सभी प्रस्तावों को रद्द कर दिया जाएगा.
7.  IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा पारित सभी प्रस्तावों को रद्द कर दिया जाएगा.
8.  ईरान को मुआवजा दिया जाएगा.
9.  अमेरिकी लड़ाकू सैनिकों को इस क्षेत्र से वापस बुला लिया जाएगा.
10. सभी मोर्चों पर संघर्ष-विराम लागू किया जाएगा, जिसमें लेबनान में ‘इस्लामिक प्रतिरोध’ के खिलाफ अभियानों को रोकना भी शामिल है.

Kal ka Rashifal 8 April 2026: मेष से मीन तक: किन्हें बिजनेस पार्टनर देंगे धोखा, किन्हें मिलेगी धन-संपत्ति

आखिर क्यों झुक गए ट्रंप

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान ने यह साफ कर दिया है कि ये संघर्ष-विराम युद्ध का अंतिम अंत नहीं है. ईरान ने इस बात का दावा है कि उसकी सेनाएँ पूरी तरह से तैयार हैं, और यदि विरोधी पक्ष ने ज़रा सी भी चूक की, तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा. दूसरे शब्दों में, इज़राइल या संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के प्रति की गई कोई भी उकसाने वाली कार्रवाई या कदम इस संघर्ष की आग को एक बार फिर से भड़का सकता है. ऊपर सूचीबद्ध शर्तों में से, सबसे महत्वपूर्ण शर्त संख्या 3 है, जो यह दर्शाती है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के सामने घुटने टेक दिए हैं.

Live Stock Market Updates: स्टॉक मार्केट अलर्ट! आज की तेजी टिकेगी या फिसलेगा बाजार?

Heena Khan

Recent Posts

भविष्य निर्माण के 5 गौरवशाली वर्ष: सार्वजनिक यूनिवर्सिटी मनाएगी स्थापना वर्ष का माहव्यापी उत्सव

1 जून से 30 जून तक शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित…

Last Updated: June 4, 2026 17:07:10 IST

एनजी ब्रांड की सूरत में दोबारा एंट्री, भव्य शुरुआत के साथ खुला एनजी मॉल

मॉल की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा समाजसेवा में होगा खर्च, गरीब मरीजों के उपचार…

Last Updated: June 6, 2026 21:58:08 IST

IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने…

Last Updated: June 3, 2026 20:22:09 IST

SBS University के छात्र, देश की Top Pharma Companies में

Copmed, Macleods, Intas, Enzene, Akums और 4 और कंपनियों ने SBS University के छात्रों को…

Last Updated: June 3, 2026 20:07:07 IST

UP Politics: अवध में ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेलेगी भाजपा? 2027 से पहले सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

UP Politics: अवध में 'ब्राह्मण कार्ड' की तैयारी में BJP? जानिए क्यों अचानक संगठन में…

Last Updated: June 3, 2026 18:41:28 IST