US Iran Row: ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को जल्द-से-जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है.
ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है.
US-Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आने वाले दिनों में अमेरिका के संभावित हमलों के बीच ईरान में भारतीयों को वहां से चले जाने की सलाह दी गई है. अपनी ताजा सलाह में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से व्यावसायिक उड़ानों सहित परिवहन के उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने को कहा है.यह सलाह ईरान में सभी पर लागू होती है- छात्र, तीर्थयात्री, व्यवसायी और पर्यटक.
भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई इस सलाह में कहा गया है कि 14 जनवरी 2026 की सलाह में दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय दूतावास के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी घटनाक्रम के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए.
ईरान में भारतीयों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने यात्रा और आव्रजन दस्तावेज, जिसमें पासपोर्ट और आईडी शामिल हैं, अपने पास आसानी से उपलब्ध रखें. उनसे किसी भी सहायता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करने का अनुरोध किया जाता है.
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं:
+989128109115; +989128109109; +989128109102 +989932179359.
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
इसके अलावा, ईरान में भारतीय नागरिकों से भी इंडियन एम्बेसी में रजिस्टर करने के लिए कहा गया है. यह एडवाइजरी ईरान में शनिवार को नए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद आई है, जो जनवरी में सरकार विरोधी रैलियों के दौरान मारे गए लोगों के लिए 40 दिन के मेमोरियल के बाद शुरू हुए. ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, रविवार को राजधानी तेहरान की पांच यूनिवर्सिटी और मशहद शहर की एक यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन किया. न्यूज़ एजेंसी AFP द्वारा जियोलोकेटेड एक वीडियो में जो शरीफ यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन जैसा लग रहा था, एक बड़ी भीड़ सरकार विरोधी नारे लगा रही थी और वे हटाए गए राजशाही का झंडा लहरा रहे स्टूडेंट्स के चारों ओर जमा हो गए थे.
इस बीच, जानकारी सामने आ रही है कि अमेरिका और ईरान गुरुवार को जिनेवा में अपनी अगली न्यूक्लियर बातचीत करेंगे. ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने बातचीत की पुष्टि की. ओमान ने पहले इस्लामिक रिपब्लिक के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर इनडायरेक्ट बातचीत की मेजबानी की थी और पिछले सप्ताह जिनेवा में हुई नई बातचीत को भी आसान बनाया था.
दूसरी तरफ, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने मिडिल ईस्ट की तरफ मिलिट्री एयरक्राफ्ट की मूवमेंट बढ़ा दी है, क्योंकि ईरान के साथ पोटेंशियल न्यूक्लियर डील पर बातचीत अभी भी नाजुक बनी हुई है. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि इस इलाके की तरफ लोगों, हथियारों और इक्विपमेंट को ले जाने वाले एयरक्राफ्ट की लगातार लाइन लगी हुई है.
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