Glass Skin Vs Cloud Skin: ग्लास स्किन (Glass Skin) पिछले कुछ सालों से ब्यूटी की दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेंड रहा है. इसका मतलब है ऐसी त्वचा जो बहुत ज़्यादा हाइड्रेटेड, मुलायम और चमकदार दिखे, जैसे कांच की तरह रोशनी को रिफ्लेक्ट कर रही हो. यह ट्रेंड कोरिया (K-Beauty) से शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया.
glass skin vs cloud skin
Glass Skin Vs Cloud Skin: ग्लास स्किन (Glass Skin) पिछले कुछ सालों से ब्यूटी की दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेंड रहा है. इसका मतलब है ऐसी त्वचा जो बहुत ज़्यादा हाइड्रेटेड, मुलायम और चमकदार दिखे, जैसे कांच की तरह रोशनी को रिफ्लेक्ट कर रही हो. यह ट्रेंड कोरिया (K-Beauty) से शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया. ग्लास स्किन पाने के लिए सिर्फ मेकअप ही नहीं, बल्कि अच्छी स्किनकेयर भी बहुत जरूरी होती है. सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करके मॉइस्चराइज़र और हाइड्रेटिंग सीरम लगाया जाता है. इसके बाद ग्लो देने वाला प्राइमर, हल्का फाउंडेशन या स्किन टिंट, क्रीम ब्लश और लिक्विड हाईलाइटर इस्तेमाल किया जाता है. इसका मकसद चेहरे को ऐसा लुक देना है, जैसे त्वचा अंदर से प्राकृतिक रूप से चमक रही हो. जिन लोगों की त्वचा ड्राई या नॉर्मल होती है, उन पर यह लुक ज्यादा अच्छा लगता है. हालांकि, गर्मी और नमी वाले मौसम में यह मेकअप जल्दी ऑयली दिख सकता है और बार-बार टच-अप की जरूरत पड़ सकती है.
अब ब्यूटी इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे क्लाउड स्किन (Cloud Skin) कहा जाता है. अगर ग्लास स्किन का मतलब ज्यादा चमक है, तो क्लाउड स्किन का मतलब हल्की, सॉफ्ट और मखमली फिनिश है. इसमें चेहरा न तो पूरी तरह मैट दिखता है और न ही बहुत ज्यादा ग्लॉसी. इसकी फिनिश बिल्कुल बादलों जैसी मुलायम और स्मूद नजर आती है. इस लुक को पाने के लिए सबसे पहले हल्का मॉइस्चराइज़र और पोर-ब्लरिंग प्राइमर लगाया जाता है. इसके बाद सैटिन फिनिश फाउंडेशन या स्किन टिंट का इस्तेमाल किया जाता है. टी-ज़ोन यानी माथे, नाक और ठुड्डी पर हल्का ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाया जाता है और आखिर में सेटिंग स्प्रे से मेकअप को लंबे समय तक टिकाया जाता है. क्लाउड स्किन का उद्देश्य चेहरे की प्राकृतिक चमक को पूरी तरह खत्म करना नहीं, बल्कि उसे हल्का और संतुलित बनाना है, जिससे त्वचा साफ, फ्रेश और नेचुरल दिखाई दे.
इन दोनों ट्रेंड्स का मकसद खूबसूरत और हेल्दी त्वचा दिखाना है, लेकिन दोनों का फिनिश अलग होता है. ग्लास स्किन में त्वचा बहुत ज्यादा चमकदार और ड्यूई (Dewy) दिखाई देती है, जबकि क्लाउड स्किन में सॉफ्ट, स्मूद और हल्का मैट लुक मिलता है. ग्लास स्किन के लिए ज्यादा हाइड्रेशन और ग्लो वाले प्रोडक्ट्स की जरूरत होती है, जबकि क्लाउड स्किन में पोर-ब्लरिंग प्राइमर, सैटिन फाउंडेशन और हल्के पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपकी त्वचा ऑयली है या आप लंबे समय तक टिकने वाला मेकअप चाहती हैं, तो क्लाउड स्किन बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं, अगर आपको चमकदार और फ्रेश लुक पसंद है, तो ग्लास स्किन आपके लिए सही रहेगा. दोनों ट्रेंड्स में सबसे जरूरी बात यह है कि त्वचा स्वस्थ और अच्छी तरह मॉइस्चराइज़ हो.
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आज के समय में ग्लास स्किन अभी भी स्किनकेयर की दुनिया में काफी लोकप्रिय है, क्योंकि लोग हेल्दी और हाइड्रेटेड त्वचा चाहते हैं. लेकिन मेकअप की बात करें, तो क्लाउड स्किन तेजी से लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण इसकी उपयोगिता है. यह गर्म और उमस वाले मौसम में ज्यादा देर तक टिकता है, फोटो में भी बेहद खूबसूरत दिखता है और बार-बार मेकअप ठीक करने की जरूरत नहीं पड़ती. यही वजह है कि कई प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट भी क्लाउड स्किन लुक को पसंद कर रहे हैं. अच्छी बात यह है कि यह लगभग हर स्किन टाइप और हर मौके के लिए उपयुक्त माना जाता है. इसलिए यह कहना सही होगा कि ग्लास स्किन और क्लाउड स्किन दोनों की अपनी-अपनी खासियत है.
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