Fake Khoya Detection: त्योहार के वक्त लोग अक्सर असली और नकली मेवे में पहचान नहीं कर पाते और बाजार से मिलावटी खोया खरीद लेते है और खाने के बाद बिमार हो जाते है.
Difference Between Fake and Real Khoya
असली खोया उंगलियों से दबाने पर नरम और थोड़ा भुरभुरा होता है. जबकि नकली खोया चिपचिपा और रबर जैसा महसूस होता है. अगर खोया बहुत ज्यादा चिपक रहा हो तो यह शुद्ध नहीं है.
थोड़ा सा खोया एक गिलास पानी में डालकर फेंटें. असली खोया नीचे बैठ जाता है और घुलता नहीं है. जबकि नकली खोवा पानी में घुलकर दानेदार या पतला रूप ले लेता है. यह एक बहुत आसान घरेलू टेस्ट है.
जब खोया को गर्म किया जाता है तो असली खोया हल्का भूरा होकर भुनता है और उसमें झाग नहीं बनती. जबकि नकली खोया गर्म करने पर झाग देने लगता है और उसका रंग जल्दी बदल जाता है.
यदि बाजार में आपको मावा बहुत कम दाम पर मिल रहा है तो यह सतर्क होने का संकेत है. असली खोवा सस्ता नहीं होता. बहुत सस्ती कीमत पर बिकने वाला खोवा अधिकतर नकली ही होता है.
असली मावा हल्का सफेद या क्रीमी रंग का होता है. जबकि नकली मावा अक्सर हल्का पीला या चमकदार दिखाई देता है. इसके अलावा असली मावा मुलायम होता है जबकि नकली मावा दरदरा और सख्त होता है.
थोड़ा सा खोया अंगूठे के नाखून पर रगड़ें. असली मावा में से घी की प्राकृतिक महक आती है, जबकि नकली खोवा में यह महक नहीं होगी. स्वाद में भी असली मावा में कच्चे दूध जैसा स्वाद महसूस होता है.
थोड़ा सा खोया लेकर उसमें चीनी मिलाकर गर्म करें. अगर उसमें से पानी निकलने लगे तो समझ लें कि उसमें मिलावट है. शुद्ध मावा पानी नहीं छोड़ता.
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