<

फिटनेस के लिए जिम की चारदीवारी टूटी…अब क्लब में कॉकटेल नहीं, कैलोरी बर्न करने पहुंच रहे लोग

New fitness trends in India: भारत के बड़े शहरों में फिटनेस का अंदाज तेजी से बदल रहा है. अब लोग सिर्फ जिम या फिटनेस स्टूडियो तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नाइटक्लब, मॉल, शोरूम और दूसरे लाइफस्टाइल स्थलों पर भी सामूहिक वर्कआउट के लिए पहुंच रहे हैं. इन आयोजनों में एक्सरसाइज के साथ संगीत, नाश्ता और नए लोगों से मिलने का मौका भी मिलता है, जिससे फिटनेस एक सामाजिक और मनोरंजक अनुभव बन रही है.

New fitness trends in India: मुंबई के मशहूर पार्टी स्थल बैस्टियन का नाम सुनते ही आमतौर पर दिमाग में फिल्मी सितारों और शहर के हाई-प्रोफाइल लोगों से भरी पार्टियां आती हैं. लेकिन अब यही जगह एक अलग तरह की भीड़ का स्वागत कर रही है. देर रात पार्टी करने के लिए मशहूर यह जगह कभी-कभी सुबह 7 या 8 बजे फिटनेस स्टूडियो में बदल जाती है. जहां रात में टेबल और आलीशान सीटिंग नजर आती है, वहीं सुबह जिम उपकरण, पिलाटेस रिफॉर्मर और स्पिनिंग बाइक दिखाई देती हैं. यह बदलाव सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं है. देश के कई शहरों में फिटनेस अब पारंपरिक जिम और महंगे बुटीक स्टूडियो की चारदीवारी से बाहर निकल रही है. नाइटक्लब, मॉल, रेस्तरां, शोरूम और दूसरे लाइफस्टाइल स्थलों पर वर्कआउट सेशन आयोजित किए जा रहे हैं. यानी लोग अब सिर्फ पार्टी करने या खरीदारी के लिए इन जगहों पर नहीं पहुंच रहे, बल्कि यहां पसीना बहाने और नए लोगों से मिलने भी पहुंच रहे हैं.

सुबह 6 बजे मॉल पहुंच रही है फिटनेस पसंद करने वाली भीड़

कल्पना कीजिए कि सुबह 6 बजे कोई व्यक्ति मॉल पहुंचता है, लेकिन उसका मकसद खरीदारी करना नहीं बल्कि सामूहिक वर्कआउट में शामिल होना है. भारत के बड़े शहरों में फिटनेस कम्युनिटीज इसी तरह के नए प्रयोग कर रही हैं. इन आयोजनों में नियमित रूप से व्यायाम करने वालों के साथ ऐसे लोग भी शामिल होते हैं, जिन्हें पारंपरिक जिम का माहौल थोड़ा असहज या डराने वाला लगता है. वर्कआउट सेशन आमतौर पर फिटनेस कम्युनिटीज आयोजित करती हैं और इनकी जानकारी इंस्टाग्राम तथा व्हाट्सऐप के जरिए लोगों तक पहुंचाई जाती है. कुछ कार्यक्रम पूरी तरह निशुल्क होते हैं, जबकि कुछ के लिए टिकट लेना पड़ता है. टिकट की कीमत में जगह, ट्रेनर और वर्कआउट के लिए जरूरी उपकरण जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं.

नोएडा में ‘वेलनेस सनसेट’ ने बदला पार्टी का अंदाज

नोएडा में भी एक क्लब ने सामान्य शनिवार रात की पार्टी के बजाय ‘वेलनेस सनसेट’ का आयोजन किया. कार्यक्रम की शुरुआत साउंड हीलिंग, योग और पिलाटेस से हुई. इसके बाद हाई एनर्जी एचआईआईटी वर्कआउट कराया गया. इसके बाद प्रतिभागियों के लिए स्ट्रेंथ चैलेंज और वेलनेस से जुड़े अलग-अलग स्टॉल लगाए गए. कार्यक्रम का अंत डीजे रेव के साथ हुआ. इस पूरे आयोजन का विचार काफी सीधा था—कॉकटेल की जगह एंडोर्फिन, लेकिन संगीत, रोशनी और लोगों के साथ मिलने-जुलने वाली पार्टी का माहौल बरकरार रहे.

जिम का डर कम कर रहे हैं ये नए फिटनेस स्थल

मुंबई की फिटनेस प्रशिक्षक ख्याति कंजानी शहर में ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित कर चुकी हैं. उनका मानना है कि पारंपरिक जिम को लेकर कई लोगों के मन में यह धारणा होती है कि वहां पहले से फिट लोग ही जाते हैं या माहौल बहुत गंभीर होता है. इसके मुकाबले बैस्टियन जैसी जगह लोगों को पहले से मनोरंजन और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए जानी-पहचानी लगती है. इसलिए जब वही जगह फिटनेस के लिए इस्तेमाल होती है तो शुरुआती लोगों को भी वहां जाने में कम झिझक महसूस हो सकती है. ख्याति पिछले कुछ वर्षों में क्लबों के अलावा समुद्र तट, पूलसाइड स्थल, सैमसंग स्टोर और एमजी शोरूम जैसी जगहों पर भी वर्कआउट आयोजित कर चुकी हैं. कार्यक्रम के स्थान और आकार के आधार पर इनमें 25 से लेकर 200 से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं.

बढ़ती गर्मी और प्रदूषण ने भी बदली फिटनेस की जगह

इन आयोजनों के बढ़ने के पीछे सिर्फ सामाजिक मेलजोल ही कारण नहीं है. शहरों में बढ़ता तापमान, अनिश्चित मौसम और वायु प्रदूषण भी लोगों को घर के अंदर व्यायाम करने के विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर रहे हैं. कई शहरों में लोग पहले से ही सुबह की सैर के लिए मॉल का रुख करते रहे हैं. मॉल के लंबे गलियारे, नियंत्रित तापमान और मौसम से सुरक्षा उन्हें आकर्षित करती है. फिटनेस कम्युनिटीज इसी विचार को आगे बढ़ाकर सामूहिक वर्कआउट का रूप दे रही हैं. इससे लोग पूरे साल अपेक्षाकृत नियंत्रित वातावरण में शारीरिक गतिविधि कर सकते हैं.

फिटनेस अब सिर्फ शरीर बनाने की कवायद नहीं

भारत के शहरों में उभर रहा यह नया चलन फिटनेस की बदलती परिभाषा को भी दिखाता है. अब वर्कआउट का मतलब सिर्फ ट्रेडमिल पर दौड़ना, वजन उठाना या मशीनों पर एक्सरसाइज करना नहीं रह गया है. लोग ऐसे अनुभव चाहते हैं, जिसमें शरीर की कसरत के साथ सामाजिक जुड़ाव, संगीत, मनोरंजन और नए लोगों से मिलने का अवसर भी हो. यही वजह है कि कभी पार्टी के लिए मशहूर रहने वाले क्लबों से लेकर मॉल और शोरूम तक अब फिटनेस के नए ठिकाने बन रहे हैं. यानी आने वाले समय में ‘जिम जाने’ के बजाय ‘फिटनेस का अनुभव लेने’ का चलन और मजबूत होता दिखाई दे सकता है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

ODI World Cup 2027: वर्ल्ड कप का शेड्यूल हुआ जारी, 2 अक्टूबर से शुरू होगा टूर्नामेंट, ICC ने किया ऐलान

आईसीसी ने ODI World Cup 2027 का शेड्यूल जारी कर दिया है. यह टूर्नामेंट 2…

Last Updated: October 1, 2026 23:54:40 IST

ई-चालान का भुगतान न करने वालों पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट, वाहनों को जब्त करने का दिया आदेश; 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के यातायात जुर्माने लंबित

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लंबित यातायात जुर्माने की वसूली करने…

Last Updated: October 1, 2026 20:40:23 IST

Maharashtra News: रायगढ़ में हुआ दर्दनाक हादसा! पिकनिक पर आये स्कूल के 8 बच्चों की डूबने से हुई मौत, जानें पूरा मामला

रायगढ़ में एक हादसे में सैर के लिए दिवेआगर आए आठ लोग डूब गए. प्रारंभिक…

Last Updated: October 1, 2026 20:10:31 IST

बैटरी केज के अंदर: 21 पोल्ट्री इकाइयों की जांच में व्यापक चोटें सामने आईं

हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु की 21 लेयर-हेन पोल्ट्री इकाइयों की एक जांच में…

Last Updated: October 1, 2026 20:07:57 IST

गणेशोत्सव बना जीवनदान का उत्सव: एक लाख से अधिक भक्तों ने लिया अंगदान का संदेश

गणेशोत्सव केवल भक्ति और श्रद्धा का पर्व नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक विचारों और…

Last Updated: October 1, 2026 18:37:26 IST