Best Cooking Oil: भारतीय रसोई में तेल को लेकर होने वाली यह बहस कभी खत्म नहीं होती है. सरसों का तेल, घी या नारियल का तेल. इनमें से कौन सा सेवन के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है? शहरी घरों में सलाद के लिए जैतून के तेल का सेवन किया जाता है, वहीं दक्षिण भारत में नारियल का तेल आज भी एक जरूरी हिस्सा है. और इस बात में कोई शक नहीं है कि, घी पूरे देश में अपनी एक खास जगह बनाता है. लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि सबसे ज्यादा फायदेमंद कौन है. जानिए किसका उपयोग करना चाहिए और किससे बचना चाहिए.
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) ने बीते साल 2024 में अपने आहार संबंधी दिशानिर्देशों को अपडेट किया है, जिसमें भारतीयों से सर्फ एक तेल का उपयोग करने के बजाय विभिन्न तेलों के मिश्रण का उपयोग करने का अनुरोध किया है.
इसका वजह आसान है. प्रत्येक तेल में फैट्स की संरचना अलग-अलग होती है, और सभी तेल एक बराबर नहीं होते हैं, ऐसे में एक तेल सभी आवश्यक पोषक तत्वों को सही अनुपात में प्रदान नहीं करता है. तेलों का संतुलित उपयोग मोनोअनसैचुरेटेड, पॉलीअनसैचुरेटेड और संतृप्त वसा का सही सेवन सुनिश्चित करता है.
घी
डॉक्टरों का कहना है कि, 90 के दशक में सरसों तेल में डालडा का इस्तेमाल करने से घी को खराब कहा जाता था. लेकिन, बाद में जब रिपोर्ट के द्वार सच्चाई का पता चला तो इसमें पाया गया कि सीमित मात्रा में घी का सेवन का कोई नुकसान नहीं हैं. इसका उपयोग स्वाद के लिए और मिठाई बनाने के लिए किया जा सकता है.
सरसों तेल
डॉक्टर बताते हैं कि, सरसों के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो आपके हार्ट हेल्थ को फायदा पहुंचा सकते हैं.
नारियल तेल
आयुर्वेद की माने तो पित्त प्रकृति के लोगों के लिए नारियल तेल ज्यादा फायदेमंद होता है. इसकी तासीर ठंडी होता है, जो आपके शरीर को ठंडा रखने में सहायक होता है. इसमें खाना बनाने से शरीर को कई तरह से फायदे मिलते हैं. इससे वजन घटाना, बालों को पोषण, त्वचा में नमी जैसे कई चीजों में कारगर होते हैं. ध्यान रहे किसी भी चीज का संतुलित मात्रा में उपयोग फायदेमंद होता है.