What is Tagatose: मीठा खाना किसे पसंद नहीं होता भले ही वह आम आदमी हो या फिर डाइबिटीज के मरीज. इसी कड़ी में हम डाइबिटीज मरीजों के लिए एक अच्छी खबर लेकर आए है, जिसमें वैज्ञानिकों ने एक ऐसे दुर्लभ नैचुरल शुगर की पहचान की है जिसका स्वाद लगभग रेगुलर शुगर यानी चीनी जैसा है. खास बात यह है कि इसमे कैलोरी कम होती है, जो कि इंसुलिन लेवल में एकदम से बढ़ोतरी नहीं करता. यह खोज टेबल शुगर और आर्टिफिशियल स्वीटनर दोनों के लिए एक हेल्दी ऑप्शन दे सकती है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि इस शुगर का नाम क्या है और इस खोज को लेकर वैज्ञानिक इतने उत्साहित क्यों है?
टैगाटोज क्या है?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, उस दुर्लभ नैचुरल शुगर का नाम टैगाटोज है. यह शुगर सुक्रोज जितनी मीठी होती है, लेकिन इसमें सिर्फ़ एक-तिहाई कैलोरी होती है. पारंपरिक शुगर और कई आर्टिफिशियल विकल्पों के उलट, टैगाटोज का ब्लड ग्लूकोज लेवल पर बहुत कम असर पड़ता है, जिससे यह डायबिटीज या इंसुलिन सेंसिटिविटी वाले लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्शन बन जाता है.
वैज्ञानिक इस खोज को लेकर क्यों है इतने उत्साहित?
बता दें कि, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने, बायोटेक्नोलॉजी फर्म मैनस बायो (US) और केकैट एंजाइमेटिक (इंडिया) के साथ मिलकर, बड़े पैमाने पर टैगाटोज बनाने का एक नया और ज़्यादा असरदार तरीका दिखाया है. उनके नतीजे सेल रिपोर्ट्स फिजिकल साइंस में पब्लिश हुए थे. टैगाटोज फलों और डेयरी प्रोडक्ट्स में थोड़ी मात्रा में नैचुरली पाया जाता है, लेकिन इसकी सीमित उपलब्धता ने इसके कमर्शियल इस्तेमाल को सीमित कर दिया है. मौजूदा प्रोडक्शन के तरीके महंगे और कम असरदार हैं.
इस कमी को दूर करने के लिए, वैज्ञानिकों ने एस्चेरिचिया कोलाई बैक्टीरिया को छोटे प्रोडक्शन यूनिट के तौर पर काम करने के लिए इंजीनियर किया. उन्होंने स्लाइम मोल्ड से खोजे गए एक नए एंजाइम, जिसे गैलेक्टोज-1-फॉस्फेट-सेलेक्टिव फॉस्फेटेज के नाम से जाना जाता है, को इसमें डाला, जो ग्लूकोज को टैगाटोज में बदलने में मदद करता है. इस प्रोसेस से 95 प्रतिशत तक प्रोडक्शन हासिल हुआ, जो मौजूदा तरीकों से कहीं ज़्यादा है.
क्या है एक्सपर्ट का कहना?
टफ्ट्स के बायोलॉजिकल इंजीनियर निक नायर बताते हैं कि टैगाटोज बनाने के लिए पहले से ही तरीके मौजूद हैं, लेकिन वे कम असरदार और महंगे हैं. हमने बैक्टीरिया एस्चेरिचिया कोलाई को छोटी फैक्ट्रियों के तौर पर काम करने के लिए इंजीनियर करके टैगाटोज बनाने का एक तरीका डेवलप किया है, जिसमें सही एंजाइम होते हैं जो बड़ी मात्रा में ग्लूकोज को टैगाटोज में प्रोसेस करते हैं.
दांतों और मुंह के लिए टैगाटोज सबसे बेहतर होता है
टैगाटोज को दांतों के लिए भी अच्छा माना जाता है और यह मुंह के नुकसानदायक बैक्टीरिया को सीमित करने में मदद कर सकता है. यह कई आर्टिफिशियल स्वीटनर के उलट बेकिंग के तापमान को झेल सकता है. हालांकि अभी और सुधार की जरूरत है, लेकिन रिसर्चर्स का मानना है कि यह तरीका टैगाटोज और दूसरी दुर्लभ शुगर के ज़्यादा इस्तेमाल का रास्ता खोल सकता है. ग्लोबल टैगाटोज मार्केट के 2032 तक $250 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है.