अमूल्या शर्मा ने 6 साल तक चले साइबर हैरासमेंट के खिलाफ इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर की, जिसके वायरल होने से आरोपी की गिरफ्तारी हो गई. उनके पूर्व क्लासमेट ने अपमानजनक, धमकी भरे ईमेल भेजे; जिसके बाद अमूल्या ने स्क्रीनशॉट्स और वीडियो पोस्ट कर न्याय मांगा.
अमूल्या शर्मा
महिलाओं के साथ छेड़छाड़ कोई नई बात नहीं है. और डिजिटल दुनिया के इस युग में अब यह ऑनलाइन भी होने लगी है. ऐसा ही कुछ हुआ था अमूल्या शर्मा नाम की युवती के साथ.
अमूल्या शर्मा ने 6 साल तक चले साइबर हैरासमेंट के खिलाफ इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर की, जिसके वायरल होने से आरोपी की गिरफ्तारी हो गई. उनके पूर्व क्लासमेट ने अपमानजनक, धमकी भरे ईमेल भेजे; जिसके बाद अमूल्या ने स्क्रीनशॉट्स और वीडियो पोस्ट कर न्याय मांगा.
बीते दिनों अमूल्या शर्मा ने इंस्टाग्राम पर खुलासा किया कि उनके एक पूर्व सहपाठी ने करीब छह साल तक अपमानजनक व आपत्तिजनक ईमेल भेजकर उन्हें तंग किया. स्क्रीनशॉट्स व वीडियो साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ये संदेश वर्षों तक लगातार आते रहे, जिससे वे मानसिक रूप से थकान व परेशानी महसूस करती रहीं. उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और इसने 1.65 करोड़ से ज्यादा व्यूज हासिल किए. हजारों यूजर्स ने उनका समर्थन किया और उन्हें कानूनी कदम उठाने के लिए प्रेरित किया.
इस प्रोत्साहन से उत्साहित होकर शर्मा ने अपने बयानों को बारीकी से दस्तावेजित किया तथा सबूत सुरक्षित रखने के बाद 26 जनवरी को साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क साधा और पब्लिक ग्रिवांस पोर्टलों पर भी शिकायतें कीं, ताकि मामले पर त्वरित कार्रवाई हो. ब्रोसेफ फाउंडेशन की मदद से उन्होंने 55 संलग्नकों वाली विस्तृत शिकायत तैयार की, जिसमें लिखित बयान, ऑडियो नोट्स व अन्य सामग्री शामिल थी, जिसे पुलिस को सौंपा गया.
जब केस की प्रगति सुस्त नजर आई, तो शर्मा ने कई अधिकारियों से संपर्क किया और मामले को गति दी. आखिरकार 30 जनवरी को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें उन ईमेल पतों का जिक्र था जिनका कथित रूप से दुरुपयोग संदेश भेजने में किया गया. एफआईआर के लगभग दो हफ्ते बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और वह अभी जेल में बंद है. अमूल्या ने वीडियो में कहा, "यह अविश्वसनीय लगता है! हर लड़की के लिए जो DM में मदद मांग रही, जो FIR के लिए प्रोत्साहित किया. साथ मिलकर हमने किया."
अमूल्या ने चेतावनी दी कि यह शुरुआत है. "वह बेल पर बाहर आ सकता है, केस सालों चल सकता है, लेकिन पहला कदम जीत है." यह जीत हर पीड़ित लड़की की है. उन्होंने कहा, "यह मेरी नहीं, हर लड़की की जीत है जो रोज डर में जी रही."
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