अरिजीत सिंह के पिता ने याद किया विभाजन का दर्द, लाहौर से पलायन की कहानी, बचपन में गुरुद्वारे में गाते थे कीर्तन
Arijit Singh: जब कभी भी दिल टूटने, प्यार छूटने जैसी भावनाओं को आवाज देने की बात आती है, तो सबसे पहले जिस नाम की याद आती है, वो है अरिजीत सिंह. अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी, 2026 को प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा करके अपने प्रशंसकों को चौंका दिया था. सिंगर ने कहा था कि वो प्लेबैक सिंगिंग से रिटायर हो रहे हैं, लेकिन संगीत से उनका रिश्ता टूटा नहीं है. चलिए जानते हैं, उनके कुछ खास सफर के बारे में.
अरिजीत सिंह केा सफर
अरिजीत सिंह का जन्म मुर्शिदाबाद के जियागंज में ही हुआ और यहीं वह पले-बढ़े हैं, इसी कारण से आज भी वह इस जगह से गहराई से जुड़े हैं.
अरिजीत सिंह केा सफर
अरिजीत सिंह के मशहूस होने से बहुत पहले की बात, उनके पिता ने बताया कि, हमारा पुश्तैनी घर लाहौर के पास था. बंटवारे के बाद मेरे पिता और उनके तीन भाई लालगोला चले गए.
अरिजीत सिंह केा सफर
बंटवारे के दौरान बेघर हुए अनगिनत परिवारों की तरह अरिजीत सिंह के परिवार को भी सब कुछ पीछे छोड़ना पड़ा.
अरिजीत सिंह केा सफर
अरिजीत सिंह के पिता ने आगे बताया कि बाद में परिवार लालगोला से बंगाल में मुर्शिदाबाद के जियागंज चला गया और नदी के किनारे बस गया.
अरिजीत सिंह केा सफर
कुछ रिश्तेदारों ने मिलकर उस जगह को बसाया, जिसे बाद में पंजाबीपारा के नाम से जाना गया, जहां सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा बनाया. वहां के लिए अरिजीत कभी मशहूर नहीं थे, वो पड़ोसियों और परिवार वालों के लिए ‘शोनू’ थे.
अरिजीत सिंह केा सफर
संगीत में उनका उत्साह आगे की तरफ तब बढ़ने लगा जब वो बचपन में अपनी मां के साथ लोकल गुरुद्वारे में कीर्तन गाने जाते थे.
अरिजीत सिंह केा सफर
अरिजीत सिंह के पिता ने कहा, यह बहुत हीं शांति वाली जगह है. मेरा बेटा भी मुंबई में नहीं रह सका और उसे वापस लौटना पड़ा. सिंगर के बच्चे आज भी जियागंज में हीं पढ़ते हैं
अरिजीत सिंह केा सफर
प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट लेने के बाद अरिजीत सिंह का नया गाना ‘रैना’ रिलीज हुआ है. इस गाने को शेख रवजियानी ने कंपोज किया और इसके बोल प्रिया सरैया ने लिखे हैं. ये गाना उनके फैंस को काफी पसंद आ रहा है.