Bee Attack: मधुमक्खियां इंसानों पर हमला क्यों करती हैं? कब डंक बन सकता है जानलेवा, बचाव के उपाय
Bee Attack: मधुमक्खियों के बढ़ते हमलों ने चिंता को इतना बढ़ा दिया है कि राज्य की सरकारें इस पर विचार करने लगी है. मधुमक्खियों के कई मामलों ने यह साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि जानलेवा खतरा बन सकता है. फरवरी में, उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड के हमले से 60 वर्षीय अंपायर की मौत हो गई. दिसंबर में, गुजरात में एक स्वास्थ्यकर्मी की कृषि क्षेत्र में काम करते समय 150 से अधिक डंक लगने से मौत हो गई. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि मधुमक्खियां इंसानों पर हमला क्यों करती हैं और समय पर सही कदम उठाकर इस जोखिम से कैसे बचा जा सकता है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
अधिकांश घटनाओं के लिए जिम्मेदार प्रजाति एपिस डोर्साटा है. जिसे विशाल चट्टानी मधुमक्खी के नाम से जाना जाता है. यह चट्टानों, किले की दीवारों और ऊंचे पेड़ों पर बड़े, खुले घोंसले बनाती है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
मधुमक्खियां ऊंचे और सुरक्षित स्थानों को पसंद करती हैं जहां उन्हें ठंडा और स्थिर वातावरण मिल सके. एक मधुमक्खी कॉलोनी में लगभग 60,000 मधुमक्खियां रह सकती हैं. मधुमक्खियों की यह प्रजाति बेहद रक्षात्मक होती है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
जब मधुमक्खियों को कोई खतरा महसूस होती है, तो यह अपनी कॉलोनी के एक बड़े हिस्से को जुटाती है, और अगर झुंड को कोई खतरा महसूस होता है, तो वह लगभग 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपने लक्ष्य का पीछा कर सकती है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
आमतौर पर मधुमक्खियां इंसानों पर स्वयं हमला नहीं करतीं हैं. इसमें बाहरी व्यवधान या संभावित खतरा शामिल होता है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
एक बार डंक मारने के बाद मधुमक्खी मर जाती है. वह सैनिकों की तरह काम करती हैं. वे छत्ते की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देती हैं.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
ट्रेकिंग वाली जगहों पर मधुमक्खियों के हमले लगभग हमेशा मानवीय व्यवहार के कारण होता हैं. गर्मी के दिनों में मधुमक्खियां अधिक आक्रामक हो जाती हैं, क्योंकि उस समय छत्ते की संख्या सबसे ज्यादा होती है और वे शहद से भरे छत्ते की रक्षा कर रही होती हैं.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
मधुमक्खियों के डंक से दर्द और स्थानीय सूजन की समस्या होती है. जिसे अधिकांश स्वस्थ वयस्क सहन कर सकते हैं. सैकड़ों डंक एक साथ लगने से एलर्जी न होने पर भी विषाक्त आघात हो सकता है. बच्चों, बुजुर्गों को जोखिम अधिक होता है.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
अगर कोई मधुमक्खी हमला करे तो मधुमक्खियों को मारने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे फेरोमोन निकलते हैं, जो एक गंध-आधारित संकेत है और यह अधिक मधुमक्खियों को आकर्षित करता है. अगर नहीं भाग पाएं तो अपने चेहरे और महत्वपूर्ण अंगों को मोटे कपड़ों से ढकें.
मधुमक्खियां हमला क्यों करती हैं, कैसे बचें
सूजन कम करने के लिए बर्फ लगाएं. अगर पीड़ित कोई बच्चा या बुजुर्ग है और उसे कई डंक लगे हैं, या एनाफिलेक्सिस के लक्षण दिखे जैसे गले में जकड़न, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना या उल्टी तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.