Cricket Record: क्रिकेट के रिकॉर्ड अलग-अलग दौर से जुड़े हैं. कुछ टेस्ट क्रिकेट के सुनहरे दौर के हैं, तो कुछ आधुनिक वनडे (ODI) और टी20 इंटरनेशनल (T20I) क्रिकेट में बने हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही क्रिकेट इतिहास के 10 सबसे अटूट रिकॉर्ड.
10 Cricket Records
Cricket Record: क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो आंकड़ों और रिकॉर्ड्स के इर्द-गिर्द घूमता है. इस खेल में हर साल नए रिकॉर्ड बनते और टूटते रहते हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे रिकॉर्ड बना जाते हैं, जिन्हें तोड़ना शायद कभी मुमकिन नहीं होगा.समय के साथ कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से बड़े रिकॉर्ड बनाए, जिनमें से कुछ बाद में टूट भी गए. लेकिन आज भी क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई रिकॉर्ड हैं, जो आने वाले समय में भी अटूट रह सकते हैं.
ये रिकॉर्ड क्रिकेट के अलग-अलग दौर से जुड़े हैं. कुछ टेस्ट क्रिकेट के सुनहरे दौर के हैं, तो कुछ आधुनिक वनडे (ODI) और टी20 इंटरनेशनल (T20I) क्रिकेट में बने हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही क्रिकेट इतिहास के 10 सबसे अटूट रिकॉर्ड.
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाए. यह रिकॉर्ड हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया है.
50 शतक बनाना भी बड़ी बात होती है, लेकिन 100 शतक बनाना लगभग नामुमकिन लगता है. सचिन के नाम सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा शतक का रिकॉर्ड भी है.
श्रीलंका के महान स्पिन गेंदबाज मुरलीधरन ने अपने करियर में 1347 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए. आज तक कोई भी गेंदबाज इस आंकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच पाया है. आज के दौर में कम टेस्ट मैच और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण यह रिकॉर्ड टूटना बहुत मुश्किल है.
2004 में वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा ने इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट पारी में 400 रन बनाए.यह आज भी टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है.
आज के समय में टीमें मैच का नतीजा चाहती हैं, इसलिए यह रिकॉर्ड टूटना बेहद कठिन है.
1956 में जिम लेकर ने एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लिए थे.पहली पारी में 9 और दूसरी पारी में 10 विकेट.आज के दौर में यह कारनामा दोहराना लगभग असंभव है.
2014 में रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में 264 रन बनाए.यह आज भी वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है.रोहित वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं.
ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट औसत 99.94 है.आज तक कोई भी खिलाड़ी इस औसत के पास भी नहीं पहुंच पाया.यह क्रिकेट इतिहास का सबसे मशहूर और अटूट रिकॉर्ड माना जाता है.
महेंद्र सिंह धोनी 84 बार वनडे में नाबाद रहे.एक फिनिशर के तौर पर धोनी आखिरी तक टिके रहना बखूबी जानते थे. आज के आक्रामक क्रिकेट में यह रिकॉर्ड टूटना बहुत मुश्किल है.
इंग्लैंड के विलफ्रेड रोड्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 4204 विकेट लिए.उन्होंने 1100 से ज्यादा मैच खेले.आज के छोटे फॉर्मेट के क्रिकेट में यह रिकॉर्ड दोहराया नहीं जा सकता.
17 जून 2024 को लॉकी फर्ग्यूसन ने PNG के खिलाफ टी20 मैच में 4 ओवर, 4 मेडन डाले. टी20 क्रिकेट में ऐसा करना लगभग असंभव माना जाता है.
राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 210 कैच पकड़े हैं. वह स्लिप में हमेशा भरोसेमंद फील्डर रहे हैं इसके अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा समय बल्लेबाजी भी की है.
क्रिकेट ने कई बार फैंस को चौंकाया है. एक समय लोग मानते थे कि वनडे में दोहरा शतक असंभव है, लेकिन सचिन और रोहित ने यह कर दिखाया.फिर भी ब्रैडमैन का औसत, मुरलीधरन के विकेट और जिम लेकर का 19 विकेट जैसे रिकॉर्ड शायद हमेशा अटूट रहेंगे. ये रिकॉर्ड बताते हैं कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि समय के साथ लिखी गई एक कहानी है. कुछ रिकॉर्ड टूट सकते हैं लेकिन कुछ हमेशा के लिए अमर रह जाते हैं.
ज्यादातर लोग डॉन ब्रैडमैन के 99.94 टेस्ट औसत को सबसे अटूट मानते हैं.
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